बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कादराबाद पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय हरिपुर रुदौली में प्रधानाध्यापक और रसोइया के आपत्तिजनक मामले के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। जिसके बाद से प्रधानाध्यापक और रसोइया विद्यालय नहीं आ रहे हैं।
यह मामला शनिवार को सामने आया, जब एक छात्रा ने प्रधानाध्यापक अरविंद चौधरी और रसोइया को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। जिसके बाद छात्रा को बहलाने-फुसलाने की कोशिश की गई। परंतु, छात्रा के न मानने पर रसोइया उसके घर पहुंची और हो-हंगामा किया एवं धमकी देते हुए गाली-गलौज भी की। इसके बाद छात्रा ने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई, जिन्होंने ग्रामीणों को जानकारी दी।
सोमवार को विद्यालय खुलने पर ग्रामीण वहां पहुंच गए और तालाबंदी कर हंगामा करने लगे। सूचना मिलते ही प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) संजीव कुमार यादव मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया।
इस घटना के कारण विद्यालय की शैक्षणिक और विधि व्यवस्था चरमरा गई है। मध्यान भोजन में भी दिक्कतें आ रही हैं। मौखिक रूप से एक शिक्षिका को वरिष्ठता के आधार पर विद्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया। हालांकि, शिक्षकों द्वारा पठन-पाठन कराया जा रहा है।
रसोइया ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि छात्रा के परिजनों से उनका पुराना विवाद है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरानी रंजिश के कारण उन पर यह झूठा लांछन लगाया जा रहा है। रसोइया ने यह भी स्वीकार किया कि झूठे इल्जाम के कारण उन्होंने छात्रा के पिता की पिटाई की थी। वहीं, प्रधानाध्यापक अरविंद चौधरी से बातचीत करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक अरविंद चौधरी मंत्री मदन सहनी के समधी हैं। ग्रामीणों के अनुसार, उन पर पहले भी मध्यान भोजन में गड़बड़ी के आरोप लगे थे, लेकिन मंत्री के रिश्तेदार होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय सिकंदर पासवान और गोपाल कुमार सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार को प्रधानाध्यापक और रसोइया पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य है। दोनों विद्यालय नहीं आ रहे हैं और विद्यालय में पठन-पाठन जारी है। उन्होंने जांच कर हेड मास्टर और रसोईया पर कार्रवाई की मांग की है।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी संजीव कुमार यादव ने बताया कि इस मामले में वरीय पदाधिकारियों को लिखित जानकारी दी गई है, जिन्होंने जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
उन्होंने ने कहा विद्यालय की शैक्षणिक और विधि व्यवस्था सुचारू रखने के लिए शिक्षिका निशा कुमारी को वरिष्ठता के आधार पर जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वे विद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।