गाडाघाट में बाबा महाकाल का अलौकिक दरबार, हर दिन नए स्वरूप में दर्शन दे रहे बाबा
उज्जैन की तर्ज पर झांझ-डमरू की ध्वनि के बीच हो रही आरती, उमड़ रहे श्रद्धालु
मूर्तिकार सुनील प्रजापति की कलाकारी से साकार हो रहे बाबा महाकाल के मनमोहक स्वरूप, दर्शन के लिए पहुंच रहे भक्त
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बैतूल। उज्जैन की तर्ज पर बाबा महाकाल की आराधना, झांझ-डमरू की गूंज और प्रतिदिन बदलते दिव्य श्रृंगार के बीच इटारसी रोड स्थित श्री कृष्णा मैरिज लॉन, गाडाघाट में इन दिनों भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। यहां विराजमान बाबा महाकाल जी महाराज के दर्शन और आरती में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। पांचवें वर्ष में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में बाबा के अलग-अलग स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बाबा महाकाल की प्रतिमा का निर्माण और प्रतिदिन श्रृंगार जिले के प्रसिद्ध मूर्तिकार सुनील प्रजापति द्वारा किया जा रहा है।
मंदिर समिति ने बताया कि बाबा महाकाल जी महाराज की स्थापना का यह पांचवां वर्ष है। समिति के सभी सदस्य पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ आयोजन में सहभागिता कर रहे हैं। सदस्यों का कहना है कि बाबा महाकाल के प्रति आस्था और इस धार्मिक आयोजन से उन्हें आध्यात्मिक संतुष्टि मिलती है तथा जीवन में सकारात्मकता का अनुभव होता है। प्रतिदिन होने वाली आरती में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति आयोजन की लोकप्रियता को दर्शाती है।
समिति के सदस्य राजा ने बताया कि बाबा महाकाल के दर्शन के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। उज्जैन की तर्ज पर झांझ और डमरू की ध्वनि के बीच बाबा की आरती की जाती है। आरती के दौरान पूरा परिसर भक्तिमय हो उठता है और श्रद्धालु भक्ति भाव के साथ बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। बाबा के प्रतिदिन अलग-अलग स्वरूपों में किए जा रहे श्रृंगार को देखने के लिए भी भक्तों में खासा उत्साह बना हुआ है।
- महाकाल के स्वरूप को बनाया आकर्षक
मूर्तिकार सुनील प्रजापति ने अपनी कला से बाबा महाकाल के स्वरूप को आकर्षक और जीवंत रूप देने का प्रयास किया है। मूर्ति कला के क्षेत्र में सुनील प्रजापति ने बैतूल जिले में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। वे विगत कई वर्षों से विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का निर्माण कर अपनी कलात्मक प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं। उनके द्वारा बनाई गई मुस्कुराती हुई देवी मां की अलौकिक और सुंदर प्रतिमा ने भी पूर्व में लोगों का ध्यान आकर्षित किया था। इसके अलावा शिवजी, भगवान गणेश, भगवान शंकर और देवी मां की प्रतिमाओं के निर्माण के माध्यम से उन्होंने अपनी कला का परिचय दिया है।
उज्जैन के महाकाल स्वरूप में शिवलिंग का निर्माण भी सुनील प्रजापति की कलात्मक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। स्प्रेडिंग स्माइल संगठन से जुड़े सुनील प्रजापति पूर्व में शिव बारात के लिए उज्जैन के महाकाल स्वरूप की सुंदर और मनमोहक प्रतिमा तैयार कर चुके हैं, जो आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी थी। इस बार भी उनके द्वारा बाबा महाकाल की प्रतिमा का निर्माण और प्रतिदिन किया जा रहा अलग-अलग श्रृंगार श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।
श्री कृष्णा मैरिज लॉन, गाडाघाट में बाबा महाकाल के दर्शन, पारंपरिक आरती और मूर्तिकार सुनील प्रजापति की कलाकारी का यह संगम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है।