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स्कूल के क्लासरूम में #रोमांस; वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप, दोनों शिक्षक सस्पेंड . . . #breakingnewswala #romance #UPNews #BNWTV

Gwalior Gird, Gwalior | Jul 15, 2026

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केन्द्रीय प्रशिक्षण महाविद्यालय केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल ग्वालियर में 88वें स्थापना दिवस का गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण आयोजन

केन्द्रीय प्रशिक्षण महाविद्यालय, ग्वालियर,केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (केरिपुबल), ग्वालियर में 88वाँ के0रि0पु0बल स्थापना दिवस पूरे उत्साह, गौरव एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बल के शौर्य, त्याग, अनुशासन एवं राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का स्मरण करते हुए सभी अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों, कार्मिकों एवं प्रशिक्षणार्थियों ने देश की एकता, अखंडता एवं आंतरिक सुरक्षा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।
 उल्लेखनीय है कि केरिपुबल की स्थापना 27 जुलाई 1939 को हुई थी तथा आज यह देश का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है, जो अपने मूलमंत्र "सेवा और निष्ठा" के अनुरूप अनवरत राष्ट्र की सुरक्षा एवं जनसेवा में समर्पित है।
 कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 08.30 बजे संस्थान के कमांडेंट श्री राकेश कुमार सिंह द्वारा शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दे कर स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ किया।
 कमांडेंट ने सभी अधिकारियों, कार्मिकों एवं प्रशिक्षणार्थियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं  देते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में केरिपुबल ने अनेक चुनौतीपूर्ण अभियानों में अद्वितीय साहस, कर्तव्यनिष्ठा एवं उत्कृष्ट व्यावसायिक दक्षता का परिचय दिया है। उन्होंने वर्ष  1959 में हॉट स्प्रिंग लद्दाख,1965 में गुजरात के सरदार पोस्ट की ऐतिहासिक वीर गाथा का उल्लेख करते हुए बल के शौर्य को स्मरण किया। साथ ही जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-रोधी अभियानों, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में अभियानों, पूर्वोत्तर राज्यों में शांति एवं सुरक्षा स्थापना, चुनावों के दौरान निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने, वीआईपी सुरक्षा, दंगा नियंत्रण तथा प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत एवं बचाव कार्यों में केरिपुबल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
 इसके अतिरिक्त, बल में शारीरिक दक्षता, टीम भावना एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में अधिकारियों, कार्मिकों एवं प्रशिक्षणार्थियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। विजेता प्रतिभागियों को समारोह के दौरान सम्मानित किया गया तथा खेल भावना, अनुशासन एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की गई।
 इस अवसर पर महाविद्यालय के कमांडेंट श्री राकेश कुमार सिंह. उप कमांडेंट श्री श्रमन चतुर्वेदी, उप कमांडेंट श्री ऋषि कुमार, सहायक कमांडेंट श्री अनुज कुमार, श्री एस एस तलवार, श्री धर्मेंद्र कुमार सहित संस्थान के सभी अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी, कार्मिक एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
 समारोह का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सुरक्षा के प्रति केरिपुबल की अटूट प्रतिबद्धता तथा "सेवा और निष्ठा" के आदर्शों को और अधिक दृढ़ता से आत्मसात करने के संकल्प के साथ हुआ। 
#gwalior
PRO Gwalior
CM Madhya Pradesh

केन्द्रीय प्रशिक्षण महाविद्यालय केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल ग्वालियर में 88वें स्थापना दिवस का गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण आयोजन केन्द्रीय प्रशिक्षण महाविद्यालय, ग्वालियर,केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (केरिपुबल), ग्वालियर में 88वाँ के0रि0पु0बल स्थापना दिवस पूरे उत्साह, गौरव एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बल के शौर्य, त्याग, अनुशासन एवं राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का स्मरण करते हुए सभी अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों, कार्मिकों एवं प्रशिक्षणार्थियों ने देश की एकता, अखंडता एवं आंतरिक सुरक्षा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई। उल्लेखनीय है कि केरिपुबल की स्थापना 27 जुलाई 1939 को हुई थी तथा आज यह देश का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है, जो अपने मूलमंत्र "सेवा और निष्ठा" के अनुरूप अनवरत राष्ट्र की सुरक्षा एवं जनसेवा में समर्पित है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 08.30 बजे संस्थान के कमांडेंट श्री राकेश कुमार सिंह द्वारा शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दे कर स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ किया। कमांडेंट ने सभी अधिकारियों, कार्मिकों एवं प्रशिक्षणार्थियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में केरिपुबल ने अनेक चुनौतीपूर्ण अभियानों में अद्वितीय साहस, कर्तव्यनिष्ठा एवं उत्कृष्ट व्यावसायिक दक्षता का परिचय दिया है। उन्होंने वर्ष 1959 में हॉट स्प्रिंग लद्दाख,1965 में गुजरात के सरदार पोस्ट की ऐतिहासिक वीर गाथा का उल्लेख करते हुए बल के शौर्य को स्मरण किया। साथ ही जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-रोधी अभियानों, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में अभियानों, पूर्वोत्तर राज्यों में शांति एवं सुरक्षा स्थापना, चुनावों के दौरान निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने, वीआईपी सुरक्षा, दंगा नियंत्रण तथा प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत एवं बचाव कार्यों में केरिपुबल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त, बल में शारीरिक दक्षता, टीम भावना एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में अधिकारियों, कार्मिकों एवं प्रशिक्षणार्थियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। विजेता प्रतिभागियों को समारोह के दौरान सम्मानित किया गया तथा खेल भावना, अनुशासन एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की गई। इस अवसर पर महाविद्यालय के कमांडेंट श्री राकेश कुमार सिंह. उप कमांडेंट श्री श्रमन चतुर्वेदी, उप कमांडेंट श्री ऋषि कुमार, सहायक कमांडेंट श्री अनुज कुमार, श्री एस एस तलवार, श्री धर्मेंद्र कुमार सहित संस्थान के सभी अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी, कार्मिक एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। समारोह का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सुरक्षा के प्रति केरिपुबल की अटूट प्रतिबद्धता तथा "सेवा और निष्ठा" के आदर्शों को और अधिक दृढ़ता से आत्मसात करने के संकल्प के साथ हुआ। #gwalior PRO Gwalior CM Madhya Pradesh

Gwalior, Madhya Pradesh | Jul 27, 2026

वंचितों को अधिकार व सम्मान दिलाने के लिये जनप्रतिनिधि आगे आएं – डॉ. कैलाश जाटव 

राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने लिए जनप्रतिनिधियों के सुझाव 

समाज के वंचित लोगों को अधिकार व सम्मान दिलाने के लिये जनप्रतिनिधि आगे आएं। साथ ही सरकार की योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचाने में सहभागी बनें। यह बात मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने जनप्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान कही। उन्होंने जिला पंचायत के सभागार में आयोजित हुई बैठक के माध्यम से अनुसूचित जाति आयोग की ओर से जनप्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए। 
 राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने बैठक में जानकारी दी कि नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर परिषदों को मिलने वाले योजनाओं के कुल बजट में से कम से कम 18 प्रतिशत अनुसूचित जाति बहुल बस्तियों के विकास पर खर्च करना अनिवार्य है। पार्षदगण इस प्रावधान का विशेष ध्यान रखें और अपने-अपने क्षेत्र की अनुसूचित जाति बस्तियों को विकसित बनाएं। 
 आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने कहा कि सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिये तमाम योजनायें संचालित हैं। जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि इन योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने में सक्रिय भागीदारी निभायें। उन्होंने डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, आचार विद्यासागर गौसेवा सम्मान योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया। 
 इस अवसर पर अनुसूचित जाति आयोग ने एक – एक कर सभी जनप्रतिनिधियों के सुझाव लिए। आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने जनप्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि उनके द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से अमल किया जायेगा। साथ ही अच्छे सुझाव सरकार के ध्यान में लाए जायेंगे। 
 सोमवार को जिला पंचायत के सभागार में आयोजित हुई बैठक में श्रीमती अपर्णा पाटिल, श्री अनिल सांखला व श्री बृजेश श्रीवास सहित नगर निगम के अन्य पार्षदगण, जिले के अन्य नगरीय निकायों, जिला पंचायत व जनपद पंचायतों के सदस्यगण एवं श्री महेश उमरैया व श्री संतोष गोडियाले सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं सहायक आयुक्त जनजाति कल्याण श्री विवेक पाण्डेय मौजूद थे। 
#gwalior
PRO Gwalior
CM Madhya Pradesh

वंचितों को अधिकार व सम्मान दिलाने के लिये जनप्रतिनिधि आगे आएं – डॉ. कैलाश जाटव राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने लिए जनप्रतिनिधियों के सुझाव समाज के वंचित लोगों को अधिकार व सम्मान दिलाने के लिये जनप्रतिनिधि आगे आएं। साथ ही सरकार की योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचाने में सहभागी बनें। यह बात मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने जनप्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान कही। उन्होंने जिला पंचायत के सभागार में आयोजित हुई बैठक के माध्यम से अनुसूचित जाति आयोग की ओर से जनप्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए। राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने बैठक में जानकारी दी कि नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर परिषदों को मिलने वाले योजनाओं के कुल बजट में से कम से कम 18 प्रतिशत अनुसूचित जाति बहुल बस्तियों के विकास पर खर्च करना अनिवार्य है। पार्षदगण इस प्रावधान का विशेष ध्यान रखें और अपने-अपने क्षेत्र की अनुसूचित जाति बस्तियों को विकसित बनाएं। आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने कहा कि सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिये तमाम योजनायें संचालित हैं। जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि इन योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने में सक्रिय भागीदारी निभायें। उन्होंने डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, आचार विद्यासागर गौसेवा सम्मान योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया। इस अवसर पर अनुसूचित जाति आयोग ने एक – एक कर सभी जनप्रतिनिधियों के सुझाव लिए। आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने जनप्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि उनके द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से अमल किया जायेगा। साथ ही अच्छे सुझाव सरकार के ध्यान में लाए जायेंगे। सोमवार को जिला पंचायत के सभागार में आयोजित हुई बैठक में श्रीमती अपर्णा पाटिल, श्री अनिल सांखला व श्री बृजेश श्रीवास सहित नगर निगम के अन्य पार्षदगण, जिले के अन्य नगरीय निकायों, जिला पंचायत व जनपद पंचायतों के सदस्यगण एवं श्री महेश उमरैया व श्री संतोष गोडियाले सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं सहायक आयुक्त जनजाति कल्याण श्री विवेक पाण्डेय मौजूद थे। #gwalior PRO Gwalior CM Madhya Pradesh

Gwalior, Madhya Pradesh | Jul 27, 2026

अनुसूचित जाति के आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक उत्थान के लिए सरकार के सतत प्रयास - डॉ. जाटव

वंचित वर्ग के बच्चे नौकरी मांगने वाले नहीं नौकरी देने वाले बनें 

अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने समाज के प्रबुद्धजनों से संवाद कर लिए सुझाव 

संत रविदास मंदिर का निर्माण सामाजिक सम्मान व सांस्कृतिक संरक्षण का प्रतीक 

राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति के आर्थिक व सामाजिक उत्थान के साथ-साथ उनके मान-सम्मान व संस्कृति का पूरा ध्यान रखा है। सरकार द्वारा सागर जिले में सवा करोड़ रुपए की लागत से संत रविदास जी का भव्य मंदिर बनवाया जा रहा है। यह मंदिर संत रविदास जी के अनुयाइयों के लिये धर्म व आध्यात्म के महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में स्थापित होगा। इसी तरह ग्वालियर जिले के अंतर्गत जौरासी में सरकार द्वारा अम्बेडकर धाम का निर्माण कराया जा रहा है। डॉ. जाटव सोमवार को बाल भवन में अनुसूचित जाति वर्ग के बुद्धिजीवियों, विशिष्टजनों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा पिछले लगभग 20 साल में प्रदेश में अनुसूचित जाति के कल्याण के लिये सरकार द्वारा किए गए कार्यों से बड़ा बदलाव आया है। 
 आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने कहा कि सरकार की योजनायें कैसे समाज के जरूरतमंद लोगों तक पहुंचें, यह समाज के प्रबुद्धजनों की जिम्मेदारी है। इसी संबंध में आप सबकी सलाह लेने राज्य अनुसूचित जाति आयोग आपके द्वार पर आया है। आप सब आयोग के सलाहकार बनकर अनुसूचित जाति के वंचित लोगों के कल्याण के लिये उपयोगी सलाह दें। उन्होंने कहा हमारे प्रयास ऐसे हों कि अनुसूचित जाति वर्ग के बच्चे भी नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें। 
 राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने तमाम अत्याचार सहे। लेकिन जब संविधान निर्माण की बारी आई तो उन्होंने सभी के हितों की बात कही और “हम भारत के लोग…” से संविधान की शुरूआत कर यह संदेश दिया कि भारतीय संविधान सभी लोगों के कल्याण के लिये है। हम सब भारतवासी मिलजुलकर रहें और वंचितों को मुख्यधारा में शामिल करें। बाबा साहब की इच्छा थी कि श्रेष्ठ भारत का निर्माण हो। बाबा साहब ने धारा 370 का भी विरोध किया था। 
 संवाद के दौरान छात्रवृत्ति योजनाओं में सुधार करने, साफ-सफाई व्यवस्था की ठेका प्रणाली बदलने, जाति प्रमाण पत्र बनाने में तेजी लाने, शहर की कुछ बस्तियों से कलारी दूसरी जगह शिफ्ट करने सहित अनुसूचित जाति के कल्याण से संबंधित अन्य सुझाव विभिन्न लोगों द्वारा दिए गए। 
 आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने सभी को भरोसा दिलाया कि नियम कानूनों का अध्ययन कर उपयोगी सुझावों पर अमल किया जायेगा। आरंभ में आयोग के अध्यक्ष सहित समाज के अन्य प्रतिनिधियों ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि व दीप प्रज्ज्वलित कर संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन श्री महेश उमरैया द्वारा किया गया। कार्यक्रम की रूपरेखा सहायक आयुक्त जनजाति कल्याण श्री विवेक पाण्डेय ने रखी। 
 इस अवसर पर संत श्री श्यामदास महाराज, सेवानिवृत डीआईजी श्री एमएल छारी तथा सर्वश्री रामविलास शाक्य, सुरेश डिसोरिया, पुरूषोत्तम बनोरिया, दिनेशचंद्र लोधी, पन्नालाल खेरिया, संतोष गोडियाले आदि प्रबुद्धजन मंचासीन थे। 
#gwalior
PRO Gwalior
CM Madhya Pradesh

अनुसूचित जाति के आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक उत्थान के लिए सरकार के सतत प्रयास - डॉ. जाटव वंचित वर्ग के बच्चे नौकरी मांगने वाले नहीं नौकरी देने वाले बनें अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने समाज के प्रबुद्धजनों से संवाद कर लिए सुझाव संत रविदास मंदिर का निर्माण सामाजिक सम्मान व सांस्कृतिक संरक्षण का प्रतीक राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति के आर्थिक व सामाजिक उत्थान के साथ-साथ उनके मान-सम्मान व संस्कृति का पूरा ध्यान रखा है। सरकार द्वारा सागर जिले में सवा करोड़ रुपए की लागत से संत रविदास जी का भव्य मंदिर बनवाया जा रहा है। यह मंदिर संत रविदास जी के अनुयाइयों के लिये धर्म व आध्यात्म के महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में स्थापित होगा। इसी तरह ग्वालियर जिले के अंतर्गत जौरासी में सरकार द्वारा अम्बेडकर धाम का निर्माण कराया जा रहा है। डॉ. जाटव सोमवार को बाल भवन में अनुसूचित जाति वर्ग के बुद्धिजीवियों, विशिष्टजनों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा पिछले लगभग 20 साल में प्रदेश में अनुसूचित जाति के कल्याण के लिये सरकार द्वारा किए गए कार्यों से बड़ा बदलाव आया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने कहा कि सरकार की योजनायें कैसे समाज के जरूरतमंद लोगों तक पहुंचें, यह समाज के प्रबुद्धजनों की जिम्मेदारी है। इसी संबंध में आप सबकी सलाह लेने राज्य अनुसूचित जाति आयोग आपके द्वार पर आया है। आप सब आयोग के सलाहकार बनकर अनुसूचित जाति के वंचित लोगों के कल्याण के लिये उपयोगी सलाह दें। उन्होंने कहा हमारे प्रयास ऐसे हों कि अनुसूचित जाति वर्ग के बच्चे भी नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें। राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने तमाम अत्याचार सहे। लेकिन जब संविधान निर्माण की बारी आई तो उन्होंने सभी के हितों की बात कही और “हम भारत के लोग…” से संविधान की शुरूआत कर यह संदेश दिया कि भारतीय संविधान सभी लोगों के कल्याण के लिये है। हम सब भारतवासी मिलजुलकर रहें और वंचितों को मुख्यधारा में शामिल करें। बाबा साहब की इच्छा थी कि श्रेष्ठ भारत का निर्माण हो। बाबा साहब ने धारा 370 का भी विरोध किया था। संवाद के दौरान छात्रवृत्ति योजनाओं में सुधार करने, साफ-सफाई व्यवस्था की ठेका प्रणाली बदलने, जाति प्रमाण पत्र बनाने में तेजी लाने, शहर की कुछ बस्तियों से कलारी दूसरी जगह शिफ्ट करने सहित अनुसूचित जाति के कल्याण से संबंधित अन्य सुझाव विभिन्न लोगों द्वारा दिए गए। आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने सभी को भरोसा दिलाया कि नियम कानूनों का अध्ययन कर उपयोगी सुझावों पर अमल किया जायेगा। आरंभ में आयोग के अध्यक्ष सहित समाज के अन्य प्रतिनिधियों ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि व दीप प्रज्ज्वलित कर संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन श्री महेश उमरैया द्वारा किया गया। कार्यक्रम की रूपरेखा सहायक आयुक्त जनजाति कल्याण श्री विवेक पाण्डेय ने रखी। इस अवसर पर संत श्री श्यामदास महाराज, सेवानिवृत डीआईजी श्री एमएल छारी तथा सर्वश्री रामविलास शाक्य, सुरेश डिसोरिया, पुरूषोत्तम बनोरिया, दिनेशचंद्र लोधी, पन्नालाल खेरिया, संतोष गोडियाले आदि प्रबुद्धजन मंचासीन थे। #gwalior PRO Gwalior CM Madhya Pradesh

Gwalior, Madhya Pradesh | Jul 27, 2026

अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने छात्रावासों का किया निरीक्षण 

व्यवस्थाएं और बेहतर बनाने के दिए निर्देश

मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने सोमवार को ग्वालियर प्रवास के दौरान दो शासकीय बालक एवं बालिका आश्रम-छात्रावासों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।
 निरीक्षण के दौरान आयोग के अध्यक्ष ने छात्रावासों में पेयजल व्यवस्था का अवलोकन करते हुए इसे और अधिक सुदृढ़ एवं सुचारु बनाए रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तायुक्त एवं पौष्टिक भोजन नियमित रूप से उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया तथा इसकी सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
 आयोग के अध्यक्ष ने छात्रावासों की साफ-सफाई, आवासीय सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को बेहतर वातावरण एवं सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्रावासों की सभी व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता के साथ संचालित हों तथा किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर उसका तत्काल निराकरण किया जाए।
 इस अवसर पर सहायक आयुक्त, आदिम जाति कल्याण विभाग, श्री विवेक पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
#gwalior
PRO Gwalior
CM Madhya Pradesh

अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने छात्रावासों का किया निरीक्षण व्यवस्थाएं और बेहतर बनाने के दिए निर्देश मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने सोमवार को ग्वालियर प्रवास के दौरान दो शासकीय बालक एवं बालिका आश्रम-छात्रावासों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान आयोग के अध्यक्ष ने छात्रावासों में पेयजल व्यवस्था का अवलोकन करते हुए इसे और अधिक सुदृढ़ एवं सुचारु बनाए रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तायुक्त एवं पौष्टिक भोजन नियमित रूप से उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया तथा इसकी सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आयोग के अध्यक्ष ने छात्रावासों की साफ-सफाई, आवासीय सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को बेहतर वातावरण एवं सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्रावासों की सभी व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता के साथ संचालित हों तथा किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर उसका तत्काल निराकरण किया जाए। इस अवसर पर सहायक आयुक्त, आदिम जाति कल्याण विभाग, श्री विवेक पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। #gwalior PRO Gwalior CM Madhya Pradesh

Gwalior, Madhya Pradesh | Jul 27, 2026

🛕 31 फीट ऊंचे संकटमोचन के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, गालव ऋषि की तपोभूमि बनी श्रद्धा का नया केंद्र...

🛕 31 फीट ऊंचे संकटमोचन के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, गालव ऋषि की तपोभूमि बनी श्रद्धा का नया केंद्र...

Gwalior Gird, Gwalior | Jul 27, 2026