अनुसूचित जाति के आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक उत्थान के लिए सरकार के सतत प्रयास - डॉ. जाटव
वंचित वर्ग के बच्चे नौकरी मांगने वाले नहीं नौकरी देने वाले बनें
अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने समाज के प्रबुद्धजनों से संवाद कर लिए सुझाव
संत रविदास मंदिर का निर्माण सामाजिक सम्मान व सांस्कृतिक संरक्षण का प्रतीक
राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति के आर्थिक व सामाजिक उत्थान के साथ-साथ उनके मान-सम्मान व संस्कृति का पूरा ध्यान रखा है। सरकार द्वारा सागर जिले में सवा करोड़ रुपए की लागत से संत रविदास जी का भव्य मंदिर बनवाया जा रहा है। यह मंदिर संत रविदास जी के अनुयाइयों के लिये धर्म व आध्यात्म के महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में स्थापित होगा। इसी तरह ग्वालियर जिले के अंतर्गत जौरासी में सरकार द्वारा अम्बेडकर धाम का निर्माण कराया जा रहा है। डॉ. जाटव सोमवार को बाल भवन में अनुसूचित जाति वर्ग के बुद्धिजीवियों, विशिष्टजनों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा पिछले लगभग 20 साल में प्रदेश में अनुसूचित जाति के कल्याण के लिये सरकार द्वारा किए गए कार्यों से बड़ा बदलाव आया है।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने कहा कि सरकार की योजनायें कैसे समाज के जरूरतमंद लोगों तक पहुंचें, यह समाज के प्रबुद्धजनों की जिम्मेदारी है। इसी संबंध में आप सबकी सलाह लेने राज्य अनुसूचित जाति आयोग आपके द्वार पर आया है। आप सब आयोग के सलाहकार बनकर अनुसूचित जाति के वंचित लोगों के कल्याण के लिये उपयोगी सलाह दें। उन्होंने कहा हमारे प्रयास ऐसे हों कि अनुसूचित जाति वर्ग के बच्चे भी नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें।
राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने तमाम अत्याचार सहे। लेकिन जब संविधान निर्माण की बारी आई तो उन्होंने सभी के हितों की बात कही और “हम भारत के लोग…” से संविधान की शुरूआत कर यह संदेश दिया कि भारतीय संविधान सभी लोगों के कल्याण के लिये है। हम सब भारतवासी मिलजुलकर रहें और वंचितों को मुख्यधारा में शामिल करें। बाबा साहब की इच्छा थी कि श्रेष्ठ भारत का निर्माण हो। बाबा साहब ने धारा 370 का भी विरोध किया था।
संवाद के दौरान छात्रवृत्ति योजनाओं में सुधार करने, साफ-सफाई व्यवस्था की ठेका प्रणाली बदलने, जाति प्रमाण पत्र बनाने में तेजी लाने, शहर की कुछ बस्तियों से कलारी दूसरी जगह शिफ्ट करने सहित अनुसूचित जाति के कल्याण से संबंधित अन्य सुझाव विभिन्न लोगों द्वारा दिए गए।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. जाटव ने सभी को भरोसा दिलाया कि नियम कानूनों का अध्ययन कर उपयोगी सुझावों पर अमल किया जायेगा। आरंभ में आयोग के अध्यक्ष सहित समाज के अन्य प्रतिनिधियों ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि व दीप प्रज्ज्वलित कर संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन श्री महेश उमरैया द्वारा किया गया। कार्यक्रम की रूपरेखा सहायक आयुक्त जनजाति कल्याण श्री विवेक पाण्डेय ने रखी।
इस अवसर पर संत श्री श्यामदास महाराज, सेवानिवृत डीआईजी श्री एमएल छारी तथा सर्वश्री रामविलास शाक्य, सुरेश डिसोरिया, पुरूषोत्तम बनोरिया, दिनेशचंद्र लोधी, पन्नालाल खेरिया, संतोष गोडियाले आदि प्रबुद्धजन मंचासीन थे।
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2 views | Gwalior, Madhya Pradesh | Jul 27, 2026