लोहरदगा: आदिवासी भाषाएं खत्म हुईं तो सभ्यता भी मौन हो जाएगी: लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने डिजिटल दुनिया से जोड़ने की बात कही
डिजिटल इंडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई के तेजी से विस्तार के बीच देश की आदिवासी भाषाओं को बचाने की चुनौती लगातार गहराती जा रही है। भारत की 197 से अधिक जनजातीय भाषाएं आज विलुप्ति के कगार पर हैं।बुधवार सुबह लगभग 9:00 बजे आयोजित कार्यक्रम में लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।