जोगिंदर नगर के छतर में जायका परियोजना के तहत किसान प्रशिक्षण शिविर, वैज्ञानिक सब्जी उत्पादन पर जोर
जोगिंदर नगर । हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना चरण-2 (जायका) के तहत कृषि विभाग द्वारा शुक्रवार को छतर पंचायत के गांव छतर में एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य किसानों को रबी सीजन की सब्जियों की वैज्ञानिक खेती, आधुनिक नर्सरी तकनीक और फसल विविधीकरण के माध्यम से कृषि उत्पादन एवं आय बढ़ाने के लिए जागरूक करना रहा।
शिविर में सरकाघाट मंडल जायका के परियोजना अधिकारी अश्वनी कुमार तथा कृषि अधिकारी निशांत पाराशर ने किसानों को रबी मौसम में उगाई जाने वाली विभिन्न सब्जियों की वैज्ञानिक खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने गोभी, धनिया, पालक, शलगम, मूली सहित अन्य सब्जियों की उन्नत किस्मों, बीज की गुणवत्ता, बिजाई के उचित समय, पौध तैयार करने की विधि और फसल प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां किसानों के साथ साझा कीं।
प्रशिक्षण शिविर की खास बात यह रही कि अधिकारियों ने किसानों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी, बल्कि मौके पर प्रैक्टिकल करके आधुनिक नर्सरी तकनीक का प्रदर्शन भी किया। कोकोपीट का उपयोग करते हुए ट्रे में गोभी की पनीरी तैयार करने के लिए बीज रोपण की पूरी प्रक्रिया किसानों को समझाई गई। इस दौरान किसानों ने आधुनिक नर्सरी तकनीक को नजदीक से देखा और पौध तैयार करने के विभिन्न चरणों की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि ट्रे में तैयार किए जाने वाले हाइब्रिड पौधे तैयार होने के बाद गांव के किसानों को निशुल्क वितरित किए जाएंगे।
इस अवसर पर प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित किसानों को पालक के बीज का भी वितरण किया गया, ताकि किसान प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को अपने खेतों और किचन गार्डन में व्यावहारिक रूप से अपना सकें। किसानों ने कृषि विभाग और जायका परियोजना की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे खेती को आधुनिक बनाने की दिशा में उपयोगी कदम बताया।
परियोजना अधिकारी अश्वनी कुमार ने किसानों से अपने घरों में किचन गार्डनिंग को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि घर की आवश्यकता के अनुसार सब्जियां स्वयं उगाने से परिवार को ताजी और पौष्टिक सब्जियां उपलब्ध हो सकती हैं। उन्होंने किसानों को खेती में वैज्ञानिक तरीके अपनाने के साथ-साथ जैविक और कम रासायनिक इनपुट वाली सब्जी उत्पादन तकनीकों की ओर बढ़ने के लिए भी प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि किसानों को धान और गेहूं की पारंपरिक खेती के साथ-साथ अपनी कृषि भूमि के लगभग 25 से 30 प्रतिशत हिस्से में सब्जी उत्पादन को अपनाने पर विचार करना चाहिए। इससे फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि जायका परियोजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ-साथ विभिन्न कृषि यंत्र भी अनुदान यानी सब्सिडी पर उपलब्ध करवाए जाते हैं।
किसान विनोद गुलेरिया,दिनेश ठाकुर, रणवीर ठाकुर, राजेंद्र वर्मा और पूर्ण चंद राव ने प्रशिक्षण शिविर की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कृषि विभाग और जायका परियोजना द्वारा किसानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने तथा बीज उपलब्ध करवाने की पहल की सराहना की।
शिविर में कृषक विकास संगठन गांव मसौली-छतर (जायका) के प्रधान बुद्धि सिंह, सचिव सुनील सिंह, उपप्रधान यशपाल गुलरिया सहित संगठन के सदस्य और क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने कृषि अधिकारियों से सब्जी उत्पादन, नर्सरी तैयार करने और फसल प्रबंधन से संबंधित जानकारी प्राप्त की। शिविर का आयोजन कैप्टन चंद्र कुमार ठाकुर के आवास पर किया गया, जहां उन्होंने प्रशिक्षण में पहुंचे किसानों एवं अधिकारियों के लिए जलपान की व्यवस्था की।
#nonfollowersfriends #jogindernagar_mandi_himachal #facebookreelsviral #follow #agriculture
Mandi, Mandi | Sep 18, 2026