**गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में आपदा प्रबंधन पर क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन*
सोलन, 17 अक्टूबर 2026। गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में सीबीएसई (CBSE) के तत्वावधान में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास एवं शिक्षण कौशल में उन्नयन के उद्देश्य से आपदा प्रबंधन विषय पर क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं, उनसे बचाव के उपायों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षा एवं राहत कार्यों के संबंध में जागरूक करना था।
कार्यशाला में श्रीमती नीरज मदान एवं श्रीमती अनीला नायर ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने विभिन्न गतिविधियों, व्यावहारिक उदाहरणों एवं सहभागितापूर्ण अभ्यासों के माध्यम से आपदा प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्रदान की। शिक्षकों को भूकंप, आग लगने, बाढ़ तथा अन्य प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों, सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार तथा संकट की स्थिति में उचित निर्णय लेने के तरीकों से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि आपदा के समय धैर्य, सतर्कता, सूझबूझ और सामूहिक सहयोग के माध्यम से संभावित जोखिमों को कम किया जा सकता है।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सागरिका बख्शी ने कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे कार्यशाला में सीखी गई गतिविधियों एवं सुरक्षा संबंधी जानकारियों को नियमित रूप से कक्षा-कक्ष में विद्यार्थियों के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का दायित्व केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उन्हें जीवन की अप्रत्याशित परिस्थितियों का सामना करने के लिए जागरूक, सतर्क एवं सक्षम बनाना भी है। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे विद्यार्थियों को आपदा के समय सुरक्षित रहने, आवश्यक सावधानियाँ बरतने, उचित निर्णय लेने तथा आवश्यकता पड़ने पर दूसरों की सहायता करने के लिए प्रेरित करें। साथ ही, विद्यालय में नियमित रूप से सुरक्षा संबंधी अभ्यास एवं जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित करने के महत्व पर भी बल दिया।
यह कार्यशाला शिक्षकों के ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल को समृद्ध करने के साथ-साथ विद्यालय में सुरक्षित, जागरूक एवं उत्तरदायी वातावरण विकसित करने की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुई। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण विधियों से परिचित कराते हैं तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Solan, Solan | Oct 18, 2026