बैलगाड़ियों के साथ निकला गौभक्तों का हुजूम, 'राष्ट्रमाता' की मांग हुई तेज
हरी सेवा उदासीन आश्रम से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च, विधायक अशोक कोठारी सहित संतों ने सौंपा ज्ञापन
भीलवाड़ा (महेन्द्र नागौरी) गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर सोमवार को भीलवाड़ा में हजारों गौभक्त सड़कों पर उतर आए। हरी सेवा उदासीन आश्रम से जिला कलेक्ट्रेट तक निकले विशाल पैदल मार्च में सबसे आगे बैलगाड़ियां आकर्षण का केंद्र रहीं, जबकि हाथों में तख्तियां लिए गौभक्तों ने गौसंरक्षण के समर्थन में जोरदार नारे लगाए।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर गौभक्तों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू को ज्ञापन सौंपते हुए गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने तथा देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की।
इस दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुवे विधायक अशोक कोठारी ने कहा कि यह अभियान पूरे देश में दूसरे चरण के रूप में चलाया जा रहा है और इसका उद्देश्य गौसंरक्षण को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करना है। उन्होंने केंद्र सरकार से गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और गौहत्या पर सख्त कानून लागू करने की मांग की।
मार्च में महंत हंसाराम उदासीन, महंत बनवारी शरण काठिया बाबा, मालासेरी देवनारायण जन्मस्थली के पुजारी हेमराज पोसवाल सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा, गौशाला संचालक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और गौसेवक मौजूद रहे।
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