हवेचुर में एक परिवार के तीन सदस्यों ने ईसाई धर्म छोड़ा, पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मूल धर्म में की वापसी
कांकेर/अंतागढ़, 3 जुलाई 2026।
विकासखंड अंतागढ़ की ग्राम पंचायत बोंदानार के आश्रित ग्राम हवेचुर में शुक्रवार को एक परिवार के तीन सदस्यों ने ईसाई धर्म का त्याग कर पारंपरिक विधि-विधान और सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ अपने मूल धर्म में वापसी की। इस अवसर पर ग्राम के देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना, पारंपरिक अनुष्ठान और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी में परिवार का तिलक लगाकर स्वागत किया गया तथा उन्हें पुनः समाज में शामिल किया गया।
धार्मिक अनुष्ठान के दौरान समाज की परंपराओं के अनुरूप पूजा-पाठ संपन्न कराया गया। उपस्थित ग्रामीणों ने इसे अपनी सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और पूर्वजों की परंपराओं के संरक्षण से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर बताया। कार्यक्रम में पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए परिवार को शुभकामनाएं दी गईं।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति देवेन्द्र टेकाम ने कहा कि "अपना समाज, अपना गांव, परिवार और धर्म से बढ़कर कोई दूसरी पहचान नहीं हो सकती। अपनी संस्कृति, परंपराओं, देवी-देवताओं और सामाजिक मूल्यों का संरक्षण करना प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजना आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आवश्यक है।" उन्होंने सभी लोगों से सामाजिक समरसता बनाए रखने और अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान का भाव रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में ग्राम के वरिष्ठजन, समाज प्रमुख एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। प्रमुख रूप से जिला पंचायत सदस्य देवेन्द्र टेकाम, ग्राम गायता अंतू दर्रो, ग्राम पटेल मानकुर दर्रो, कोलर परगना सचिव राजकुमार वट्टी, सरपंच चमेली दर्रो, उपसरपंच राजेन्द्र ध्रुव, मनकुर दर्रो, देवलाल दर्रो, जेठूराम दर्रो, रैसिंह मरकाम, सुक्खू राम मरकाम, धिरपाल हुपेंडी, महंगू दर्रो, महेश कोमरा सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन समाज की सुख-समृद्धि, शांति एवं सांस्कृतिक परंपराओं की निरंतरता की कामना के साथ किया गया।
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Kanker, Kanker | Jul 6, 2026