मोरहर नदी में पैर फिसला, तेज बहाव में बह गए 67 वर्षीय रामोतार; 2 KM दूर मिला शव, गांव में पसरा मातम
शौच के लिए नदी किनारे गए थे रामोतार चन्द्रवंशी, पानी छूने के दौरान हुआ हादसा; पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
गया: गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत दादुबरमा टोला लालगढ़ गांव में बुधवार दोपहर उस समय मातम पसर गया, जब करीब 67 वर्षीय रामोतार चन्द्रवंशी की मोरहर नदी में डूबने से मौत हो गई। शौच के लिए नदी किनारे गए रामोतार पानी छूने के दौरान अचानक पैर फिसलने से नदी के तेज बहाव में चले गए। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने काफी देर तक नदी में उनकी तलाश की। करीब दो किलोमीटर दूर मल्हचक के पास उनका शव बरामद होने के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार रामोतार चन्द्रवंशी बुधवार को गांव के ही एक व्यक्ति के साथ शौच के लिए मोरहर नदी की ओर गए थे। इसी दौरान नदी के किनारे पानी छूने के क्रम में अचानक उनका पैर फिसल गया। देखते ही देखते वह नदी के गहरे और तेज बहाव वाले पानी में चले गए। साथ गए व्यक्ति ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ नदी किनारे जुट गई।
ग्रामीणों ने अपने स्तर से रामोतार की तलाश शुरू कर दी। नदी के आसपास काफी खोजबीन की गई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर नदी में तलाश शुरू कर दी। काफी प्रयास के बाद घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर मल्हचक के पास रामोतार का शव बरामद किया गया।
शव मिलने की सूचना जैसे ही गांव और परिजनों तक पहुंची, वहां चीख-पुकार मच गई। परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और शव को देखकर बिलखने लगे। ग्रामीणों के मुताबिक रामोतार की मौत से परिवार के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
थानाध्यक्ष और सीओ पहुंचे मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही गुरुआ थानाध्यक्ष मनेश कुमार और अंचलाधिकारी मनीष कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल की जानकारी ली और स्थानीय लोगों से घटना के संबंध में पूछताछ की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए गया स्थित मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल भेज दिया गया।
पुलिस के स्तर से घटना की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पानी छूने के दौरान पैर फिसलने से रामोतार नदी के तेज बहाव में चले गए थे। नदी में बहाव अधिक होने के कारण उनका शव घटनास्थल से काफी दूर जाकर मिला।
तीन पुत्रों के सिर से उठा पिता का साया
पंचायत के मुखिया परमेश्वर चौधरी ने बताया कि मृतक रामोतार चन्द्रवंशी के तीन पुत्र हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी काफी कमजोर है। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और आसपास के ग्रामीण परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हैं।
मुआवजे की मांग
घटना के बाद जदयू के प्रखंड अध्यक्ष नीतीश कुमार दांगी ने प्रशासन से मृतक के परिजनों को सरकार के प्रावधान के अनुसार उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और ऐसे में प्रशासन की ओर से मिलने वाली सहायता से परिजनों को कुछ राहत मिल सकती है।
रामोतार चन्द्रवंशी की मौत ने गांव के लोगों को झकझोर दिया है। एक छोटी सी चूक ने परिवार से बुजुर्ग सदस्य को हमेशा के लिए छीन लिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।