स्कूली बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नही: खुद फील्ड में उतरें डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह, पहले दिन 120 स्कूल बसों की चेकिंग, सुरक्षा मानकों में लापरवाही पर 12 स्कूल बसों के चालान, 1 बस व 2 ऑटो इंपाउंड
हर अभिभावक सुनिश्चित करें कि उनका बच्चा सुरक्षित वाहन में ही सफर करे, स्कूल प्रशासन भी सुरक्षा मानकों से किसी प्रकार का समझौता न करें: पुलिस कमिश्नर पंकज नैन
सीसीटीवी कैमरों की जांच में कई बसों के कैमरे स्कूल के कंट्रोल सिस्टम से जुड़े नही मिलें, उनके भी काटे चालान
ओवरलोडेड ऑटो पर एक्शन: 2 ऑटो इंपाउंड, खुद के एस्कॉर्ट वाहन से बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाया
निरीक्षण के दौरान डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, यातायात नियमों और सुरक्षित यात्रा के प्रति किया जागरुक
पंचकूला/ 24 जुलाई:- स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी को धरातल पर पूरी सख्ती से लागू करने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के नेतृत्व में पंचकूला पुलिस ने विशेष अभियान की शुरुआत की। अभियान के पहले ही दिन डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह स्वयं सड़कों पर उतरकर विभिन्न स्थानों पर स्कूल बसों और स्कूली बच्चों को ले जाने वाले ऑटो वाहनों का औचक निरीक्षण करते नजर आए।
निरीक्षण के दौरान 120 स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की गई। पुलिस टीम ने बसों में लगे फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स, स्पीड गवर्नर की कार्यक्षमता, फिटनेस सर्टिफिकेट, चालक एवं परिचालक की वर्दी, आवश्यक दस्तावेज तथा अन्य सुरक्षा प्रबंधों की जांच की। विशेष रूप से बसों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की गई, जिनमें कई बसों के कैमरे स्कूल के कंट्रोल सिस्टम से जुड़े नहीं पाए गए। सुरक्षा मानकों में लापरवाही मिलने पर मौके पर ही 12 स्कूल बसों के चालान किए गए तथा एक बस को इंपाउंड किया गया।
निरीक्षण के दौरान डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बसों में सफर कर रहे विद्यार्थियों से भी बातचीत की और उन्हें यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा तथा सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बच्चों से अपील की कि यदि वाहन में कोई सुरक्षा संबंधी कमी दिखाई दे तो इसकी जानकारी अपने अभिभावकों एवं स्कूल प्रबंधन को अवश्य दें।
इसके बाद डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक ने स्कूली बच्चों को लेकर चल रहे ऑटो वाहनों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कुछ ऑटो निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर चलते मिले। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दो ऑटो को मौके पर ही इंपाउंड किया गया। इन ऑटो में मौजूद बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने स्वयं उन्हें अपने एस्कॉर्ट वाहन से सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था कराई।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक ने बताया कि यह विशेष अभियान का पहला दिन है और आने वाले दिनों में भी जिलेभर के स्कूल वाहनों की लगातार जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी का पूरी गंभीरता से पालन कराया जाएगा और बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पंचकूला पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों से भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की है। पुलिस ने कहा कि अभिभावक यह सुनिश्चित करें कि उनके बच्चे जिस वाहन से स्कूल आते-जाते हैं, वह सभी सुरक्षा मानकों का पालन करता हो। स्कूल संचालक भी नियमित रूप से अपने वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा उपकरणों और चालक-परिचालकों की पात्रता की जांच करते रहें, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी सुरक्षित वातावरण में स्कूल आ-जा सके।