धतूरिया में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा का बुधवार को समापन हुआ। अंतिम दिन गौसेवक संत पं. प्रभुजी नागर ने कहा कि निरंतर भक्ति से मानव शरीर ‘कंचन काया’ बन जाता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य जैसा कर्म करेगा, वैसा ही उसका अगला जन्म होगा, इसलिए जीवन की तैयारी अभी से करनी चाहिए। कथा में अनेक जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु शामिल हुए और भागवत आरती में सहभागिता निभाई।