सड़क सुरक्षा पर डीएम सख्त, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई:
आम लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं, यातायात नियमों का उल्लंघन पड़ेगा महंगा:डीएम; स्कूली वाहनों से लेकर निजी एंबुलेंस तक पर प्रशासन की कड़ी नजर
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मधुबनी।
10 अक्टूबर,2026
सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने, यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित, सुव्यवस्थित बनाने तथा आम लोगों को मोटर वाहन अधिनियम के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी श्री आनंद शर्मा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, सार्वजनिक स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता, वाहनों के निर्धारित मार्गों पर परिचालन तथा स्वच्छता सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई। समिति के सदस्यों से प्राप्त फीडबैक एवं सुझावों के आधार पर जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा एवं आम नागरिकों की सुविधा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में सदस्यों ने रेलवे स्टेशन के निकट पुराने बस स्टैंड में मूलभूत जनसुविधाओं के अभाव तथा यत्र-तत्र कूड़ा-कचरा जमा रहने से उत्पन्न दुर्गंध और आम लोगों को होने वाली परेशानियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। इस पर जिलाधिकारी ने जिला परिवहन पदाधिकारी, सिविल सर्जन एवं नगर आयुक्त की संयुक्त टीम गठित कर स्थल का निरीक्षण करने तथा विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध सार्वजनिक उपद्रव के मामले में नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि आम नागरिकों के लिए बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित हो सकें।
जिलाधिकारी ने स्कूली वाहनों के परिचालन में निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
बैठक में सदर अस्पताल के सामने अनधिकृत रूप से निजी एंबुलेंस खड़ी किए जाने से सड़क पर जाम लगने तथा मरीजों एवं आम लोगों को होने वाली परेशानी का मामला भी आया। जिलाधिकारी ने जिला परिवहन पदाधिकारी एवं यातायात उपाधीक्षक को यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में 59 सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए पूरे शहर को आठ जोन में पूर्व मे ही विभाजित किया गया है। इसके तहत 1,586 वाहनों पर स्टिकर लगाकर उनके परिचालन के लिए मार्ग निर्धारित किए गए हैं। बैठक में सदस्यों ने बताया कि कुछ वाहन बिना नंबर अथवा बिना निर्धारित स्टिकर के भी परिचालित हो रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने शहर में वाहनों की संख्या एवं परिचालन क्षमता का आकलन करने, वाहनों पर स्टिकर लगाने तथा रैंडमाइजेशन के माध्यम से निर्धारित रूट के अनुसार परिचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इससे अनावश्यक जाम पर नियंत्रण रखने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।
बैठक में रहिका, कलुआही सहित अन्य क्षेत्रों में स्थानीय व्यक्तियों द्वारा टेंपो चालकों से कथित अवैध वसूली किए जाने का मामला आया । जिलाधिकारी ने जिला परिवहन पदाधिकारी एवं यातायात उपाधीक्षक को मामले की जांच कर प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में साक्ष्य संकलित कर प्रस्तुत किए जाएं, ताकि दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
शहर को स्वच्छ, सुंदर रखने के लिए जिलाधिकारी ने घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था नियमित रूप से जारी रखने तथा सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फेंकने वालों के विरुद्ध जुर्माना लगाने का निर्देश दिया। नगर निगम के अधिकारियों को रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा शहर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
आगामी पर्व-त्योहारों के दौरान सड़कों पर संभावित भीड़ को देखते हुए विशेष यातायात प्लानि तैयार करने, वैकल्पिक मार्ग निर्धारित करने तथा आवश्यक स्थानों पर यातायात बल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।
सड़क दुर्घटनाओं की आशंका वाले स्थलों को चिह्नित कर वहां आवश्यक साइनेज, स्पीड ब्रेकर एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
जिलाधिकारी ने मोटर वाहन अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष टीम गठित कर सघन वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत जुर्माना सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम लोगों को जागरूक करने के लिए प्रमुख स्थलों पर होर्डिंग लगाने तथा नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सड़क सुरक्षा संबंधी संदेश प्रचारित करने की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा।
जिलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए आम नागरिकों एवं वाहन चालकों को निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए।
क्या करें
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-दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।
-निर्धारित गति सीमा का पालन करें तथा यातायात संकेतों और सड़क चिह्नों का सम्मान करें।
-वाहन चलाते समय पर्याप्त दूरी बनाए रखें और मोड़, चौराहे तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।
-वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें और थकान अथवा नींद आने पर वाहन रोक दें।
-पैदल सड़क पार करते समय जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करें तथा सड़क पार करने से पहले दोनों ओर देखकर सुनिश्चित करें कि रास्ता सुरक्षित है।
-दुर्घटना होने पर तत्काल पुलिस एवं एंबुलेंस को सूचना दें और घायलों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करें।
क्या न करें
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-तेज गति, गलत दिशा में वाहन चलाने अथवा खतरनाक ढंग से ओवरटेक करने से बचें।
-शराब या नशीले पदार्थों का सेवन कर वाहन न चलाएं।
-वाहन चलाते समय हेलमेट, सीट बेल्ट एवं अन्य अनिवार्य सुरक्षा उपायों की अनदेखी न करें।
-वाहन को निर्धारित पार्किंग स्थल के बजाय सड़क, अस्पताल के प्रवेश द्वार अथवा यातायात में बाधा उत्पन्न करने वाले स्थान पर खड़ा न करें।
-वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात न करें तथा यातायात नियमों का उल्लंघन न करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। यातायात नियमों का पालन, सतर्क वाहन परिचालन और नागरिकों का सहयोग ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है।
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18 views | Madhubani, Bihar | Oct 10, 2026