"किडनी की बीमारी ने मेरी उम्मीदें तोड़ दी थीं, पर आयुष्मान ने मुझे मौत के मुंह से खींच लिया।"
"मेरा नाम मोहम्मद नसीम हैदर है, मैं बिहार के मधुबनी (झंझारपुर) का रहने वाला हूँ। एक समय था जब किडनी की गंभीर बीमारी ने मेरी ज़िंदगी को एक अंधेरे कुएं में धकेल दिया था। हर दिन इलाज का खर्च जुटाना एक जंग जैसा था। हालात इतने बदतर हो गए थे कि मुझे पाई-पाई के लिए लोगों के सामने हाथ फैलाना पड़ा, चंदा मांगकर जैसे-तैसे सांसें खरीदनी पड़ीं। वह दर्द मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता, जब एक बीमार इंसान को इलाज के लिए दूसरों के भरोसे रहना पड़ता है।
लेकिन जब तक उम्मीद की आखिरी किरण भी दम तोड़ती, तब तक मेरे पास आयुष्मान भारत योजना का सुरक्षा कवच आ चुका था। इस कार्ड ने मुझे ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज की ताकत दी। अस्पताल का भारी-भरकम खर्च चुटकियों में गायब हो गया। आज अगर मैं जीवित हूँ, अपने परिवार के साथ मुस्कुरा रहा हूँ, तो यह कोई चमत्कार नहीं बल्कि आयुष्मान भारत योजना का आशीर्वाद है। यह सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि हम जैसे करोड़ों गरीबों के लिए भगवान का भेजा हुआ वरदान है।
धन्यवाद आयुष्मान भारत, जिन्होंने मेरी जैसी अनगिनत डूबती हुई जिंदगियों को नया सहारा दिया
#MadhubaniFirst
15 views | Madhubani, Bihar | Oct 9, 2026