रायबरेली में सपा नेताओं और विधायक से मारपीट के आरोपों पर पुलिस का जवाब, सीओ सिटी ने कहा- पुलिस ने नहीं की पिटाई
पुलिस ने मारपीट के आरोपों को बताया भ्रामक, सीओ सिटी ने बयान जारी कर दी सफाई; डिग्री कॉलेज विवाद के बाद बढ़ी सियासी हलचल
रायबरेली। जिले में समाजवादी पार्टी के नेताओं और विधायक राहुल लोधी के साथ कथित मारपीट को लेकर चल रहे विवाद के बीच रायबरेली पुलिस ने अपना पक्ष सामने रखा है। पुलिस ने सपा नेताओं और विधायक के साथ मारपीट किए जाने के आरोपों को भ्रामक बताया है। इस मामले में सीओ सिटी ने बयान जारी कर पुलिस की भूमिका पर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया है।
पुलिस ने आरोपों को बताया भ्रामक
रायबरेली पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, सपा नेताओं और विधायक के साथ पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने की बात भ्रामक है। पुलिस का कहना है कि घटनाक्रम को लेकर सामने आ रही जानकारी और लगाए जा रहे आरोपों के संबंध में वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जा रही है।
सीओ सिटी ने अपने बयान में कहा कि पुलिस ने सपाइयों और विधायक को नहीं पीटा। उन्होंने पुलिस पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर अपना पक्ष रखा और घटनाक्रम की जानकारी दी।
डिग्री कॉलेज विवाद के बाद पुलिस कार्यालय तक पहुंचा मामला
बताया जा रहा है कि रायबरेली के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज के आसपास सदस्यता अभियान को लेकर समाजवादी छात्र सभा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद मामला पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया।
विवाद के दौरान सपा नेताओं और पुलिस के बीच हुई कथित झड़प को लेकर आरोप-प्रत्यारोप सामने आए। इसी क्रम में सपा नेताओं और विधायक के साथ मारपीट के आरोप लगाए गए, जिन पर अब पुलिस ने सफाई दी है।
सीओ सिटी के बयान से सामने आया पुलिस का पक्ष
पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट और सीओ सिटी के बयान में मारपीट के आरोपों को खारिज किया गया है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद अब मामले को लेकर दोनों पक्षों के दावों पर चर्चा तेज हो गई है।
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कार्रवाई, विवाद की वास्तविक परिस्थितियों और संबंधित पक्षों के बयानों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मामले में सामने आने वाले अन्य तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
देखें पूरा प्रेस नोट और सुनें सीओ सिटी का बयान—क्या कहा रायबरेली पुलिस ने, जानिए इस रिपोर्ट में।