बद्रीनाथ धाम चढ़ावा प्रकरण में बड़ी कार्रवाई, बीकेटीसी ने वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को किया निलंबित
प्रथम दृष्टया अनियमितता की पुष्टि के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबन, निष्पक्ष जांच के लिए ज्योतिर्मठ कार्यालय से किया संबद्ध; बीकेटीसी ने दोहराई 'जीरो टॉलरेंस' नीति
बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित अनियमितता के मामले में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए आरोपित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें बीकेटीसी के ज्योतिर्मठ कार्यालय से संबद्ध किया गया है। यह कार्रवाई चार सदस्यीय जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया अनियमितता के संकेत मिलने के बाद की गई।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि श्रद्धालुओं की आस्था और भगवान को अर्पित चढ़ावे की पवित्रता समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिकायत मिलते ही संबंधित कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा गया और निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई। प्रारंभिक जांच में अनियमितता के संकेत मिलने पर विभागीय जांच को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बीकेटीसी भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर कार्य करती है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक और विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि मंगलवार देर शाम जांच समिति ने प्रमोद नौटियाल द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण का परीक्षण किया, लेकिन उसे प्रथम दृष्टया संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद जांच पूरी होने तक उन्हें निलंबित कर ज्योतिर्मठ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया।
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें। समिति ने भरोसा दिलाया कि भगवान के चढ़ावे की प्रत्येक राशि की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च जिम्मेदारी है तथा श्रद्धालुओं की आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।