महिलाओं की आत्मनिर्भरता ही सशक्त परिवार की पहचान : रूबी गुप्ता
यमुनानगर। (राष्ट्रीय कदम) ब्यूरो: डीएवी गर्ल्स कॉलेज में इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल, एनसीसी और एनएसएस के संयुक्त तत्वावधान में स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके बाद महाविद्यालय की चार पूर्व छात्राओं एवं उद्यमियों को सम्मानित किया गया
डॉ. सुरिंदर कौर और इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के संयोजिका विवेक ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। रूबी इंटरप्राइजेज की संचालिका रूबी गुप्ता मुख्य अतिथि रहीं।
रूबी गुप्ता ने कहा कि जब तक लड़कियों को अपने विचार व्यक्त करने और अपने कार्य करने की स्वतंत्रता नहीं मिलेगी, तब तक आजादी के वास्तविक मायने पूरे नहीं होंगे। महिलाएं घर बैठे अपने उत्पादों और कार्यों को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर बन सकती हैं। आत्मनिर्भर महिलाएं परिवार की मजबूत नींव होती हैं।
डॉ. सुरिंदर कौर ने कहा कि महिलाओं के लिए आजादी के मायने अलग हैं, क्योंकि वे घर और कार्यस्थल की दोहरी जिम्मेदारी निभाती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वयं को साबित करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। समाज में आज भी ऐसी लड़कियां हैं जिन्हें अपनी पसंद और विचारों के अनुसार निर्णय लेने का अधिकार नहीं मिलता। छात्राओं को अपना रोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बनना चाहिए और अन्य लोगों को भी रोजगार देने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।
लघु व्यवसाय की संस्थापक श्रुति ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब उन्होंने अपना काम शुरू किया तो उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर आज वह सफलता के मुकाम पर पहुंची हैं।
उद्यमी मल्लिका ने कहा कि अपने सपनों को पूरा होते देखना भी आजादी है। नए उद्यम के माध्यम से सफलता की ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है। उन्होंने कहा कि व्यवसाय में अपनी कमजोरियों को पहचानना और उन्हें दूर करना जरूरी है। वह चित्रकारी के माध्यम से स्वावलंबी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
किड्स एंड मॉम की संचालिका दमनप्रीत ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि महिलाओं को अपनी प्रतिभा और हुनर को पहचानकर आगे बढ़ना चाहिए। आत्मनिर्भर बनने के लिए छोटे स्तर से शुरुआत करने में भी संकोच नहीं करना चाहिए। मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास से महिलाएं अपने लिए नई राह बना सकती हैं।
इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के संयोजिका विवेक ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश में औद्योगीकरण को बढ़ावा मिला और हरित क्रांति के माध्यम से कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव आए। आज युवाओं के कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने छात्राओं से नए विचार विकसित कर उन्हें धरातल पर उतारने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और नए उद्यम स्थापित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मेजर गीता शर्मा, डॉ मोनिका कनिका गोयल डॉ परमेश कुमार, डॉ दीपिका, ममता थापर , मंजीत कौर ने सहयोग दिया