भाषा नहीं, सेवा का सेतु — यही है गया जी की पहचान।
आंध्र प्रदेश से पिंडदान हेतु गया जी पधारीं उमामहेश्वरी जी एवं उनके परिजनों को तेलुगू भाषा में संवाद करने में असुविधा हो रही थी।
जिला प्रशासन द्वारा संचालित कॉल सेंटर के AI आधारित अनुवाद केंद्र के माध्यम से उनकी भाषा का अनुवाद कर उनकी समस्या को समझा गया और तत्काल आवश्यक समाधान उपलब्ध कराया गया।
तकनीक जब सेवा से जुड़ती है, तो भाषा की सीमाएँ भी टूट जाती हैं।
गया जी — जहाँ हर श्रद्धालु की आस्था, सुविधा और सम्मान सर्वोच्च है।
Samrat Choudhary CMO Bihar DD News Bihar
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Gaya, Bihar | Sep 27, 2026