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रजौली: Nawada me huyi dhela bari se kayi log jhayal#nawada#apnaindia #apnanawada#trending #trend#viral

Rajauli, Nawada | Dec 21, 2019

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मधुबन जलाशय निर्माण परियोजना के सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन के प्रारूप प्रतिवेदन पर जन सुनवाई आयोजित

सनोज कुमार संगम 

नवादा जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान, पटना द्वारा तैयार सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (Social Impact Assessment) के प्रारूप प्रतिवेदन पर मधुबन ग्राम के ग्रामीणों के साथ जन सुनवाई आयोजित की गई।

उल्लेखनीय है कि नवादा शहर के शेष वार्डों एवं बिहारशरीफ शहरी क्षेत्र में गिर रहे भू-जल स्तर में सुधार लाने तथा शुद्ध पेयजल की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गंगाजल आपूर्ति योजना, फेज-02 (पार्ट-01) के अंतर्गत 27 एमसीएम क्षमता के जलाशय का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना के लिए अन्य भूमि के अतिरिक्त 14.297 एकड़ आवासीय भूमि का भू-अर्जन प्रस्तावित है। इसी क्रम में तैयार सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन के प्रारूप प्रतिवेदन पर प्रभावित ग्रामीणों से सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त करने के उद्देश्य से जन सुनवाई आयोजित की गई।

जन सुनवाई को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि मधुबन जलाशय परियोजना क्षेत्र में भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति तथा जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों के अधिकारों एवं हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

जन सुनवाई के दौरान मधुबन निवासी श्री मनोज यादव ने विस्थापित परिवारों की ओर से अपनी बात रखते हुए समुचित पुनर्वास, बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, बिजली एवं पेयजल की उपलब्धता, पशु शेड की व्यवस्था तथा न्यायसंगत मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग रखी, ताकि प्रभावित परिवार सम्मानपूर्वक जीवन-यापन कर सकें।

ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए जिला पदाधिकारी ने आश्वस्त किया कि सरकार की नीति एवं प्रावधानों के अनुरूप विस्थापित परिवारों को सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी तथा उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाएगा।

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने अंचल अधिकारी, नारदीगंज को निर्देश दिया कि मधुबन एवं मोतनाजे ग्राम के प्रभावित परिवारों से संबंधित भूमि एवं अन्य सभी राजस्व अभिलेखों का शीघ्र अद्यतन कराया जाए, ताकि पुनर्वास एवं मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से संबंधित मूल्यांकन में यदि कोई प्रभावित परिवार अथवा क्षेत्र छूट गया हो तो उसका पुनः मूल्यांकन कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

जन सुनवाई कार्यक्रम में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अवर भू-अर्जन पदाधिकारी, सहायक अभियंता (सिंचाई प्रमंडल, बिहारशरीफ), कार्यपालक अभियंता (सिंचाई प्रमंडल, बिहारशरीफ), प्रखंड विकास पदाधिकारी, नारदीगंज, अंचल अधिकारी, नारदीगंज सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।

मधुबन जलाशय निर्माण परियोजना के सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन के प्रारूप प्रतिवेदन पर जन सुनवाई आयोजित सनोज कुमार संगम नवादा जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान, पटना द्वारा तैयार सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (Social Impact Assessment) के प्रारूप प्रतिवेदन पर मधुबन ग्राम के ग्रामीणों के साथ जन सुनवाई आयोजित की गई। उल्लेखनीय है कि नवादा शहर के शेष वार्डों एवं बिहारशरीफ शहरी क्षेत्र में गिर रहे भू-जल स्तर में सुधार लाने तथा शुद्ध पेयजल की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गंगाजल आपूर्ति योजना, फेज-02 (पार्ट-01) के अंतर्गत 27 एमसीएम क्षमता के जलाशय का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना के लिए अन्य भूमि के अतिरिक्त 14.297 एकड़ आवासीय भूमि का भू-अर्जन प्रस्तावित है। इसी क्रम में तैयार सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन के प्रारूप प्रतिवेदन पर प्रभावित ग्रामीणों से सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त करने के उद्देश्य से जन सुनवाई आयोजित की गई। जन सुनवाई को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि मधुबन जलाशय परियोजना क्षेत्र में भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति तथा जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों के अधिकारों एवं हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जन सुनवाई के दौरान मधुबन निवासी श्री मनोज यादव ने विस्थापित परिवारों की ओर से अपनी बात रखते हुए समुचित पुनर्वास, बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, बिजली एवं पेयजल की उपलब्धता, पशु शेड की व्यवस्था तथा न्यायसंगत मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग रखी, ताकि प्रभावित परिवार सम्मानपूर्वक जीवन-यापन कर सकें। ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए जिला पदाधिकारी ने आश्वस्त किया कि सरकार की नीति एवं प्रावधानों के अनुरूप विस्थापित परिवारों को सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी तथा उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाएगा। बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने अंचल अधिकारी, नारदीगंज को निर्देश दिया कि मधुबन एवं मोतनाजे ग्राम के प्रभावित परिवारों से संबंधित भूमि एवं अन्य सभी राजस्व अभिलेखों का शीघ्र अद्यतन कराया जाए, ताकि पुनर्वास एवं मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से संबंधित मूल्यांकन में यदि कोई प्रभावित परिवार अथवा क्षेत्र छूट गया हो तो उसका पुनः मूल्यांकन कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। जन सुनवाई कार्यक्रम में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अवर भू-अर्जन पदाधिकारी, सहायक अभियंता (सिंचाई प्रमंडल, बिहारशरीफ), कार्यपालक अभियंता (सिंचाई प्रमंडल, बिहारशरीफ), प्रखंड विकास पदाधिकारी, नारदीगंज, अंचल अधिकारी, नारदीगंज सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।

Rajauli, Nawada | Aug 7, 2026

Rajauli, Nawada | Aug 7, 2026

बिहार की राजनीति में आज एक अहम मोड़ आया है। राज्यपाल ने अधिसूचना जारी कर बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद का सदस्य मनोनीत कर दिया है।

 इस फैसले के साथ ही उस संवैधानिक उलझन का भी पटाक्षेप हो गया है जो पि तयछले कुछ समय से मंत्री पद को लेकर बनी हुई थी। दीपक प्रकाश उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र हैं और भाजपा कोटे से बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। मंत्री बनने के बावजूद वे किसी सदन के सदस्य नहीं थे और इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से सवाल भी किया था कि बिना सदन का सदस्य बने कोई व्यक्ति मंत्री पद पर कैसे बना रह सकता है। अब राज्यपाल के मनोनयन के बाद उनके मंत्री पद पर बने रहने का मार्ग पूरी तरह साफ हो गया है और वे अगले छह वर्ष तक विधान परिषद सदस्य के रूप में कार्य करेंगे।

यह मनोनयन ऐसे समय में हुआ है जब कुछ दिन पहले ही भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेश कुमार ने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उसी रिक्त सीट पर दीपक प्रकाश को नामित किया गया है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को सरकार की रणनीति और संगठनात्मक संतुलन दोनों से जोड़कर देखा जा रहा है। पंचायती राज विभाग बिहार में ग्रामीण विकास की रीढ़ माना जाता है और इस विभाग के मंत्री के रूप में दीपक प्रकाश पर पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाने, मनरेगा, आवास योजना और ग्रामीण सड़कों जैसी योजनाओं को धरातल पर उतारने की बड़ी जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि मैं राज्यपाल महोदय और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया। मुझे विधान परिषद में जनता की आवाज बनने का अवसर मिला है। मैं इस विश्वास को अपनी मेहनत और समर्पण से सिद्ध करूंगा। बिहार के गांवों का विकास मेरी प्राथमिकता है और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करके ही हम अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा सकते हैं। 

अपने दूसरे बयान में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों से जो संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर चर्चा चल रही थी वह अब समाप्त हो गई है। अब पूरा ध्यान बिहार के विकास और गरीब कल्याण पर होगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने, डिजिटल पंचायत और पारदर्शी शासन की दिशा में तेजी से काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब अब काम से दिया जाएगा। 

राज्यपाल के इस मनोनयन को भाजपा और एनडीए के भीतर एक संतुलित कदम माना जा रहा है। इससे न केवल सरकार को राहत मिली है बल्कि पंचायती राज विभाग में चल रही योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद भी बढ़ गई है। अब देखना होगा कि नए सदस्य के रूप में दीपक प्रकाश विधान परिषद में किस तरह अपनी भूमिका निभाते हैं और ग्रामीण बिहार के लिए क्या नई पहल लेकर आते हैं।

बिहार की राजनीति में आज एक अहम मोड़ आया है। राज्यपाल ने अधिसूचना जारी कर बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद का सदस्य मनोनीत कर दिया है। इस फैसले के साथ ही उस संवैधानिक उलझन का भी पटाक्षेप हो गया है जो पि तयछले कुछ समय से मंत्री पद को लेकर बनी हुई थी। दीपक प्रकाश उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र हैं और भाजपा कोटे से बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। मंत्री बनने के बावजूद वे किसी सदन के सदस्य नहीं थे और इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से सवाल भी किया था कि बिना सदन का सदस्य बने कोई व्यक्ति मंत्री पद पर कैसे बना रह सकता है। अब राज्यपाल के मनोनयन के बाद उनके मंत्री पद पर बने रहने का मार्ग पूरी तरह साफ हो गया है और वे अगले छह वर्ष तक विधान परिषद सदस्य के रूप में कार्य करेंगे। यह मनोनयन ऐसे समय में हुआ है जब कुछ दिन पहले ही भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेश कुमार ने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उसी रिक्त सीट पर दीपक प्रकाश को नामित किया गया है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को सरकार की रणनीति और संगठनात्मक संतुलन दोनों से जोड़कर देखा जा रहा है। पंचायती राज विभाग बिहार में ग्रामीण विकास की रीढ़ माना जाता है और इस विभाग के मंत्री के रूप में दीपक प्रकाश पर पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाने, मनरेगा, आवास योजना और ग्रामीण सड़कों जैसी योजनाओं को धरातल पर उतारने की बड़ी जिम्मेदारी है। इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि मैं राज्यपाल महोदय और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया। मुझे विधान परिषद में जनता की आवाज बनने का अवसर मिला है। मैं इस विश्वास को अपनी मेहनत और समर्पण से सिद्ध करूंगा। बिहार के गांवों का विकास मेरी प्राथमिकता है और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करके ही हम अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा सकते हैं। अपने दूसरे बयान में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों से जो संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर चर्चा चल रही थी वह अब समाप्त हो गई है। अब पूरा ध्यान बिहार के विकास और गरीब कल्याण पर होगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने, डिजिटल पंचायत और पारदर्शी शासन की दिशा में तेजी से काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब अब काम से दिया जाएगा। राज्यपाल के इस मनोनयन को भाजपा और एनडीए के भीतर एक संतुलित कदम माना जा रहा है। इससे न केवल सरकार को राहत मिली है बल्कि पंचायती राज विभाग में चल रही योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद भी बढ़ गई है। अब देखना होगा कि नए सदस्य के रूप में दीपक प्रकाश विधान परिषद में किस तरह अपनी भूमिका निभाते हैं और ग्रामीण बिहार के लिए क्या नई पहल लेकर आते हैं।

Rajauli, Nawada | Aug 7, 2026

रजौली  पूर्वी पंचायत के नावाडीह गांव  में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया

सनोज कुमार संगम 

रजौली प्रखंड के रजौली पूर्वी पंचायत के नावाडीह गाँव में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया था। जिसमें एक दिन पूर्व 30 आवेदन आया और 24 आवेदन का निष्पादन किया गया एवं सहयोग शिविर में आए 25 आवेदन में 2 आवेदन का निष्पादन किया गया।वहीं प्रखंड स्तरीय अधिकांश अधिकारियों ने पूर्वी  पंचायत क नावाडीह गांव पहुंचकर अपनी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ग्रामीणों ने बताया कि शिविर का समय सुबह 10:00 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे तक निर्धारित किया गया था ।
ग्रामीणों ने कहा कि अपनी समस्या शिविर में अधिकारियों के पास रखा गया । जिसनें कुछ ग्रामीणों के मामले का निष्पादन कर दिया गया।
 ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इससे पहले हरदिया, रजौली पश्चिमी और अमावां पूर्वी  पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में प्रखंड  स्तरीय अधिकारी मौजूद थे उस समय जिला और पटना मुख्यालय से बड़े अधिकारियों का निरीक्षण हुआ था जिसके कारण अधिकारियों की उपस्थिती ठीक थी लेकिन इस बार सहयोग शिविर में अधिकारियों का उपस्थिति कम रहा ।बीडीओ संजीव झा ने कहा कि ग्रामीणों को निराश होने की आवश्यकता नहीं है उनकी सभी समस्याओं का निष्पादन 30 दिनों के अंदर कर दिया जाएगा। वहीं वीडियो ने बताया कि शिविर से पूर्व ग्रामीणों द्वारा कुल 30 आवेदन प्राप्त हुए थे जिन में 24 का निष्पादन शिविर में ही किया गया वहीं शिविर में पहुंचे 25 आवेदनों को संबंधित पदाधिकारी को सुपुर्द किया गया है । ग्रामीणों को किसी प्रकार का दिक्कतों का सामान नहीं करना पड़ेगा ।

रजौली पूर्वी पंचायत के नावाडीह गांव में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया सनोज कुमार संगम रजौली प्रखंड के रजौली पूर्वी पंचायत के नावाडीह गाँव में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया था। जिसमें एक दिन पूर्व 30 आवेदन आया और 24 आवेदन का निष्पादन किया गया एवं सहयोग शिविर में आए 25 आवेदन में 2 आवेदन का निष्पादन किया गया।वहीं प्रखंड स्तरीय अधिकांश अधिकारियों ने पूर्वी पंचायत क नावाडीह गांव पहुंचकर अपनी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ग्रामीणों ने बताया कि शिविर का समय सुबह 10:00 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे तक निर्धारित किया गया था । ग्रामीणों ने कहा कि अपनी समस्या शिविर में अधिकारियों के पास रखा गया । जिसनें कुछ ग्रामीणों के मामले का निष्पादन कर दिया गया। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इससे पहले हरदिया, रजौली पश्चिमी और अमावां पूर्वी पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में प्रखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद थे उस समय जिला और पटना मुख्यालय से बड़े अधिकारियों का निरीक्षण हुआ था जिसके कारण अधिकारियों की उपस्थिती ठीक थी लेकिन इस बार सहयोग शिविर में अधिकारियों का उपस्थिति कम रहा ।बीडीओ संजीव झा ने कहा कि ग्रामीणों को निराश होने की आवश्यकता नहीं है उनकी सभी समस्याओं का निष्पादन 30 दिनों के अंदर कर दिया जाएगा। वहीं वीडियो ने बताया कि शिविर से पूर्व ग्रामीणों द्वारा कुल 30 आवेदन प्राप्त हुए थे जिन में 24 का निष्पादन शिविर में ही किया गया वहीं शिविर में पहुंचे 25 आवेदनों को संबंधित पदाधिकारी को सुपुर्द किया गया है । ग्रामीणों को किसी प्रकार का दिक्कतों का सामान नहीं करना पड़ेगा ।

Rajauli, Nawada | Aug 5, 2026

RJD के अंदर अभी काफी तनाव है और इसकी वजह बने हैं मनेर के विधायक भाई वीरेंद्र। उन्होंने हाल ही में एक बयान में कहा था कि जो लोग चमचे हैं उन्हें तेजस्वी यादव के आसपास से हटाना होगा। 

इस बयान पर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने पलटवार करते हुए पूछ लिया कि भाई वीरेंद्र ने पार्टी के लिए क्या किया है। बस इसी के बाद भाई वीरेंद्र भड़क गए और शक्ति यादव को सीधे तौर पर चेतावनी दे दी। उन्होंने कहा कि खामोश रहो, मैं लोकदल के जमाने से राजनीति कर रहा हूं जब तुम्हारी राजनीति में एंट्री भी नहीं हुई थी। 2010 में जब 22 विधायक बने थे तब से मैं हूं, कई लोग आए और चले गए लेकिन मैं नहीं बदला। अब 2025 में 25 विधायक हैं और अगर मैं तुम्हारी करतूतें सार्वजनिक कर दूंगा तो तुम मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे। 

भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि कुछ लोग तेजस्वी यादव का चेहरा दिखाकर लोगों से माल वसूलते हैं और मुलाकात कराने के नाम पर वसूली करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं लालू यादव और तेजस्वी यादव का आदमी हूं, ऐसे लोगों का नहीं जो जिंदा चमड़े की सप्लाई करते हैं। साथ ही धमकी दी कि अगर शक्ति यादव संभल नहीं गए तो उनका पूरा कच्चा चिट्ठा खोल दूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पता है शक्ति यादव घर से क्यों भागे थे और कितने साल बाद घर गए थे, ये सब सार्वजनिक कर देंगे तो मुंह दिखाने लायक नहीं बचेंगे। 

दरअसल पिछले कुछ समय से भाई वीरेंद्र पार्टी के टिकट बंटवारे और संगठन को लेकर नाराज चल रहे हैं। उन्होंने पहले भी कहा था कि नाम के समाजवादी नेता दो तीन जिलों की राजनीति चलाते हैं और उन्हीं की सिफारिश पर टिकट मिलता है जिसकी वजह से पार्टी को नुकसान हुआ। BJP ने भी उनके बयान को मुद्दा बना लिया है। इसके अलावा जुलाई 2025 में एक पंचायत सचिव को धमकाने के मामले में उनके खिलाफ SC ST एक्ट में 50 पेज की चार्जशीट दायर हो चुकी है जो अब MP MLA कोर्ट में है। कुल मिलाकर अभी RJD के भीतर भाई वीरेंद्र बनाम शक्ति यादव की लड़ाई तेज हो गई है और पार्टी नेतृत्व के लिए इसे संभालना बड़ी चुनौती बन गया है।

RJD के अंदर अभी काफी तनाव है और इसकी वजह बने हैं मनेर के विधायक भाई वीरेंद्र। उन्होंने हाल ही में एक बयान में कहा था कि जो लोग चमचे हैं उन्हें तेजस्वी यादव के आसपास से हटाना होगा। इस बयान पर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने पलटवार करते हुए पूछ लिया कि भाई वीरेंद्र ने पार्टी के लिए क्या किया है। बस इसी के बाद भाई वीरेंद्र भड़क गए और शक्ति यादव को सीधे तौर पर चेतावनी दे दी। उन्होंने कहा कि खामोश रहो, मैं लोकदल के जमाने से राजनीति कर रहा हूं जब तुम्हारी राजनीति में एंट्री भी नहीं हुई थी। 2010 में जब 22 विधायक बने थे तब से मैं हूं, कई लोग आए और चले गए लेकिन मैं नहीं बदला। अब 2025 में 25 विधायक हैं और अगर मैं तुम्हारी करतूतें सार्वजनिक कर दूंगा तो तुम मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे। भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि कुछ लोग तेजस्वी यादव का चेहरा दिखाकर लोगों से माल वसूलते हैं और मुलाकात कराने के नाम पर वसूली करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं लालू यादव और तेजस्वी यादव का आदमी हूं, ऐसे लोगों का नहीं जो जिंदा चमड़े की सप्लाई करते हैं। साथ ही धमकी दी कि अगर शक्ति यादव संभल नहीं गए तो उनका पूरा कच्चा चिट्ठा खोल दूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पता है शक्ति यादव घर से क्यों भागे थे और कितने साल बाद घर गए थे, ये सब सार्वजनिक कर देंगे तो मुंह दिखाने लायक नहीं बचेंगे। दरअसल पिछले कुछ समय से भाई वीरेंद्र पार्टी के टिकट बंटवारे और संगठन को लेकर नाराज चल रहे हैं। उन्होंने पहले भी कहा था कि नाम के समाजवादी नेता दो तीन जिलों की राजनीति चलाते हैं और उन्हीं की सिफारिश पर टिकट मिलता है जिसकी वजह से पार्टी को नुकसान हुआ। BJP ने भी उनके बयान को मुद्दा बना लिया है। इसके अलावा जुलाई 2025 में एक पंचायत सचिव को धमकाने के मामले में उनके खिलाफ SC ST एक्ट में 50 पेज की चार्जशीट दायर हो चुकी है जो अब MP MLA कोर्ट में है। कुल मिलाकर अभी RJD के भीतर भाई वीरेंद्र बनाम शक्ति यादव की लड़ाई तेज हो गई है और पार्टी नेतृत्व के लिए इसे संभालना बड़ी चुनौती बन गया है।

Rajauli, Nawada | Aug 5, 2026