#बलरामपुर! 243 पात्र परिवारों को मिला कांशीराम आवास का अधिकार, विधायक, डीएम और पालिका अध्यक्ष ने बांटे आवंटन पत्र...
रिपोर्ट-इमरान अली शाह
बलरामपुर, 7 अगस्त 2026। मान्यवर कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना के तहत लंबे समय से आवास की प्रतीक्षा कर रहे 243 पात्र एवं आवासविहीन परिवारों को शुक्रवार को उनके आवास आवंटन पत्र प्रदान किए गए। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बलरामपुर सदर विधायक पलटूराम, जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन और नगर पालिका परिषद बलरामपुर के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने लाभार्थियों को आवंटन पत्र वितरित किए।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक पात्र गरीब परिवार को सम्मानजनक एवं सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए और सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।
शिकायतों के बाद शुरू हुई व्यापक जांच
मान्यवर कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना के तहत वर्ष 2010 में जिला मुख्यालय के आठ अलग-अलग स्थानों पर कुल 600 आवासों का निर्माण कर पात्र लाभार्थियों को आवंटित किया गया था। समय बीतने के साथ जनता दर्शन, जनसुनवाई और क्षेत्रीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को शिकायतें मिलीं कि कई आवासों में मूल आवंटियों के स्थान पर अन्य लोग रह रहे हैं, कुछ आवास किराए पर दिए गए हैं, जबकि कई मकान लंबे समय से बंद पड़े हैं।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर पालिका परिषद एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों की टीम ने त्रिस्तरीय स्थलीय सत्यापन अभियान चलाया।
सत्यापन में सामने आईं अनियमितताएं
जांच के दौरान 216 आवासों पर अवैध कब्जा पाया गया, जबकि 259 आवास लंबे समय से बंद मिले। प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर देते हुए प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया।
अवैध कब्जे वाले 216 आवासों का आवंटन निरस्त कर दिया गया। वहीं, बंद पाए गए 259 आवासों के मूल आवंटियों को अपर जिलाधिकारी के समक्ष 15 दिनों के भीतर आपत्ति दाखिल करने का अवसर दिया गया। इसके लिए स्थानीय नोटिस बोर्डों पर व्यापक सूचना भी प्रकाशित कराई गई।
निर्धारित अवधि में कुल 101 आपत्तियां प्राप्त हुईं। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद एवं जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की संयुक्त समिति द्वारा इनकी पुनः जांच की गई। जांच में 27 आपत्तियां सही, जबकि 74 आपत्तियां निराधार पाई गईं।
पूरी जांच और सुनवाई प्रक्रिया पूरी होने के बाद 25 अप्रैल 2026 को कुल 436 आवासों का आवंटन निरस्त कर दिया गया।
पारदर्शी प्रक्रिया से हुआ नए पात्रों का चयन
रिक्त हुए आवासों के पुनः आवंटन के लिए जिला प्रशासन ने 30 अप्रैल से 10 मई 2026 तक नए आवेदन आमंत्रित किए। आवेदन प्रक्रिया का समाचार पत्रों, नगर पालिका परिषद, विकासखंडों के नोटिस बोर्डों और नगर पालिका के प्रचार माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार कराया गया।
निर्धारित अवधि में कुल 305 आवेदन प्राप्त हुए। जिलाधिकारी द्वारा गठित पांच सदस्यीय जनपद स्तरीय समिति ने सभी आवेदनों का विस्तृत एवं निष्पक्ष सत्यापन किया। जांच के बाद 243 परिवार पात्र पाए गए, जबकि 62 आवेदकों को अपात्र घोषित किया गया।
243 परिवारों को मिली नई उम्मीद
शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में इन्हीं 243 पात्र एवं आवासविहीन परिवारों को आवास आवंटन पत्र सौंपे गए। आवास मिलने से वर्षों से अपने पक्के आशियाने की प्रतीक्षा कर रहे गरीब परिवारों को स्थायी और सुरक्षित छत मिल सकेगी।
जिला प्रशासन ने कहा कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और पात्रता सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। किसी भी योजना में अनियमितता पाए जाने पर आगे भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी शिव नारायण सिंह, परियोजना अधिकारी/अधिशासी अधिकारी डूडा लालचंद मौर्य, प्रबंधक अखिलेश सिंह, डूडा के महेंद्र कुमार, देवेश कुमार एवं कृष्णमुनि, नगर पालिका परिषद के जेई (सिविल) अवनीश यादव, राजस्व निरीक्षक राजेश कुमार, जेई (जल) धर्मेंद्र कुमार गौड़ सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में लाभार्थी मौजूद रहे।
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