देहरा ।। News123 ।। राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन बुधवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के अध्ययन अधिष्ठाता प्रो. बी.के. शिवराम वर्मा ने किया। इमर्जिंग फ्रंटियर्स इन साइंस, इनोवेशन एंड ह्यूमन डेवलपमेंट" विषय पर आधारित इस संगोष्ठी का आयोजन 14 से 16 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से किया गया। संगोष्ठी के मुख्य समन्वयक प्रो. बृजेश चौहान ने बताया कि इसका आयोजन राजकीय महाविद्यालय ढलियारा, राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर, राजकीय महाविद्यालय दाड़लाघाट, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के मनोविज्ञान विभाग तथा देशभक्त यूनिवर्सिटी, पंजाब के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में देश-विदेश के शिक्षाविदों एवं शोधार्थियों ने भाग लेकर विज्ञान, नवाचार और मानव विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के उभरते आयामों और मानव विकास में उनकी भूमिका से समाज को अवगत कराना तथा शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देना था। समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. बी.के. शिवराम वर्मा ने तीन दिवसीय संगोष्ठी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों और कार्यशालाओं का नियमित आयोजन होना चाहिए, जिससे शोध और ज्ञान के आदान-प्रदान को नई दिशा मिले। राजकीय महाविद्यालय के कार्यकारी प्राचार्य प्रो. सुशील भारद्वाज ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में राजकीय महाविद्यालय सुजानपुर के प्राचार्य प्रो. अरुण शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे, जबकि राजकीय महाविद्यालय दाड़लाघाट की प्राचार्या प्रो. रुचि रमेश ने ऑनलाइन माध्यम से अपने विचार रखे। ठाकुर कॉलेज ढलियारा के प्रबंध निदेशक राजेश ठाकुर भी समारोह में मौजूद रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारी भी उपस्थित रहे।