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मऊगंज जिले का ग्राम सरई सेंगर आज भी विकास की बाट जोह रहा है। यहाँ के ग्रामीणों का दर्द सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। पिछले १५ सालों से यहाँ के लोग एक अदद पक्की सड़क के लिए गुहार लगा रहे हैं। आलम यह है कि बरसात के मौसम में यहाँ घुटनों तक पानी भर जाता है और किसी बीमार को अस्पताल ले जाने के लिए आज भी 'खटिया' का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्तमान सरपंच ने चुनाव से पहले वादा किया था कि वे सड़क बनवाएंगे, लेकिन जीत हासिल करने के बाद अब वे जमीन को 'भाई का हिस्सा' बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। पीड़ित भैया दुबे और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि वे सड़क के लिए अपनी जमीन देने को तैयार हैं, लेकिन सरपंच के महज २०० मीटर के टुकड़े की वजह से पूरा गांव नरक भोगने को मजबूर है। सवाल यह है कि जनता के वोटों से जीतने वाले प्रतिनिधि अब जनता की तकलीफों से मुंह क्यों फेर रहे हैं?" #BreakingNews #RuralIndia #GovernanceFailure #MauganjUpdate #PublicOutcry #Injustice #SocialIssue #SanjayKumarJain #MadhyaPradesh #IndiaHeadline24

Mauganj, Rewa | Jun 15, 2026

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**मऊगंज के जंगलों में 'वर्षा' का तांडव, रेंजर और मुंशी की शह पर चल रहा अवैध उत्खनन का महा-खेल; खबर लिखने पर पत्रकार को ट्रैक्टर से रौंदने की खुली धमकी!**

नवनिर्मित जिला मऊगंज का सीतापुर पहाड़ी अंचल इन दिनों वन विभाग की मिलीभगत से मचे महा-भ्रष्टाचार की आग में सुलग रहा है। जंगलों की हिफाजत का दम भरने वाला वन अमला खुद इस हरी-भरी संपदा का सौदागर बन बैठा है। रेंजर वर्षा सिंह और उनके चहेते मुंशी की छत्रछाया में इस पूरे क्षेत्र में अवैध उत्खनन और खंभों की अवैध तुड़ाई का ऐसा नग्न नाच चल रहा है, जिसने कानून व्यवस्था के परखच्चे उड़ा दिए हैं। सूत्रों की मानें तो इस प्रतिबंधित वन क्षेत्र से अधिकारियों की जेब में हर महीने 'लाखों रुपये की मलाई' सीधे पहुँच रही है। यही वजह है कि जब क्षेत्र की इस बर्बादी की शिकायत इन जिम्मेदार साहबान तक पहुँचाई जाती है, तो रेंजर और मुंशी अपनी चमड़ी बचाते हुए बड़ी बेशर्मी से "लेबर भाग जाने" का बहाना बना देते हैं और खुद एसी (AC) कमरों की ठंडी हवा में बैठकर इस महा-लूट का जश्न मनाते हैं। इस खोजी पत्रकारिता में जो सबसे घिनौना और सनसनीखेज सच सामने आया है, वो यह कि रेंजर वर्षा सिंह के खुद के सरकारी आवास पर अवैध रूप से तोड़े गए ५०-६० खंभे सरेआम गिराए गए थे। आखिर वन विभाग की गाड़ियां और रसूखदार ठेकेदार बिना किसी खौफ के रेंजर के घर तक माल कैसे पहुँचा रहे हैं? इसका जवाब सीतापुर में फैले दलालों के उस मकड़जाल में छिपा है, जिसे रेंजर ने खुद पाल रखा है। ये दलाल किसी भी सरकारी जांच की भनक लगते ही माफियाओं के वाहनों को सुरक्षित रास्ता दे देते हैं। हद तो तब हो गई जब अपनी काली करतूतों पर पर्दा डालने के लिए रेंजर वर्षा सिंह ने खुलेआम मंत्रियों और ऊंचे राजनेताओं तक अपनी पहुंच की धौंस दिखाना शुरू कर दिया। वे साफ कहती हैं कि "मेरा कोई भी आला अधिकारी कुछ नहीं बिगाड़ सकता।" इसी रसूख के नशे में चूर होकर इस पहाड़ी को पूरी तरह छलनी किया जा रहा है। अवैध कमाई के चश्मे ने इन अधिकारियों और इनके पाले हुए माफियाओं की आंखों पर इस कदर पट्टी बांध दी है कि अब ये लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी निर्भीक पत्रकारों की जान के प्यासे हो गए हैं। सूत्रों से मिली बेहद पुख्ता जानकारी के अनुसार, वन विभाग के इस काले धंधे को उजागर करने वाले पत्रकारों को सरेआम धमकियां दी जा रही हैं। माफियाओं और उनके गुर्गों का हौसला इतना बढ़ गया है कि वे खुलेआम कह रहे हैं कि "अगर यह पत्रकार हमें दोबारा सड़क पर दिखा, तो इस पर सीधे ट्रैक्टर चढ़ाकर इसे कुचल देंगे।" हैरान करने वाली बात यह है कि पत्रकारों को दी जा रही इस खौफनाक धमकी पर मऊगंज का वन अमला और स्थानीय पुलिस मौन बैठी है, जो यह साबित करने के लिए काफी है कि इस जानलेवा साजिश में इन अधिकारियों की मूक सहमति शामिल है। अब मऊगंज के प्रबुद्ध नागरिकों, पीड़ित जनता और पत्रकारों ने जिले के अत्यंत न्यायप्रिय, संवेदनशील और कड़क तेवरों वाले कलेक्टर संजय कुमार जैन जी से सीधी गुहार लगाई है। जनता का कहना है कि यदि कलेक्टर साहब खुद अपनी टीम के साथ इस पहाड़ी और जंगली अंचल का औचक निरीक्षण कर दें, तो रेंजर वर्षा सिंह के इस पूरे भ्रष्टाचार का 'दूध का दूध और पानी का पानी' हो जाएगा, जो खुद खड़े होकर माफियाओं के ट्रैक्टरों में अवैध पत्थर और खंभे लदवाती हैं। अब देखना यह होगा कि मऊगंज जिला प्रशासन पत्रकारों को कुचलने की धमकी देने वाले इन बेखौफ माफियाओं और उन्हें संरक्षण देने वाली घमंडी रेंजर पर सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कराकर जेल भेजता है, या फिर मऊगंज का यह कीमती जंगल इसी तरह चंद रुपयों की दलाली में स्वाहा होता रहेगा।

#IndiaHeadline24 #MauganjNews #BreakingNews #CollectorMauganj #SanjayKumarJain #SitapurNews #ForestDepartmentCorruption #JournalistSafety #ViralPost #MadhyaPradeshNews #An अवैध_उत्खनन #VanMafia #CrimeNews #JusticeForJournalists

**मऊगंज के जंगलों में 'वर्षा' का तांडव, रेंजर और मुंशी की शह पर चल रहा अवैध उत्खनन का महा-खेल; खबर लिखने पर पत्रकार को ट्रैक्टर से रौंदने की खुली धमकी!** नवनिर्मित जिला मऊगंज का सीतापुर पहाड़ी अंचल इन दिनों वन विभाग की मिलीभगत से मचे महा-भ्रष्टाचार की आग में सुलग रहा है। जंगलों की हिफाजत का दम भरने वाला वन अमला खुद इस हरी-भरी संपदा का सौदागर बन बैठा है। रेंजर वर्षा सिंह और उनके चहेते मुंशी की छत्रछाया में इस पूरे क्षेत्र में अवैध उत्खनन और खंभों की अवैध तुड़ाई का ऐसा नग्न नाच चल रहा है, जिसने कानून व्यवस्था के परखच्चे उड़ा दिए हैं। सूत्रों की मानें तो इस प्रतिबंधित वन क्षेत्र से अधिकारियों की जेब में हर महीने 'लाखों रुपये की मलाई' सीधे पहुँच रही है। यही वजह है कि जब क्षेत्र की इस बर्बादी की शिकायत इन जिम्मेदार साहबान तक पहुँचाई जाती है, तो रेंजर और मुंशी अपनी चमड़ी बचाते हुए बड़ी बेशर्मी से "लेबर भाग जाने" का बहाना बना देते हैं और खुद एसी (AC) कमरों की ठंडी हवा में बैठकर इस महा-लूट का जश्न मनाते हैं। इस खोजी पत्रकारिता में जो सबसे घिनौना और सनसनीखेज सच सामने आया है, वो यह कि रेंजर वर्षा सिंह के खुद के सरकारी आवास पर अवैध रूप से तोड़े गए ५०-६० खंभे सरेआम गिराए गए थे। आखिर वन विभाग की गाड़ियां और रसूखदार ठेकेदार बिना किसी खौफ के रेंजर के घर तक माल कैसे पहुँचा रहे हैं? इसका जवाब सीतापुर में फैले दलालों के उस मकड़जाल में छिपा है, जिसे रेंजर ने खुद पाल रखा है। ये दलाल किसी भी सरकारी जांच की भनक लगते ही माफियाओं के वाहनों को सुरक्षित रास्ता दे देते हैं। हद तो तब हो गई जब अपनी काली करतूतों पर पर्दा डालने के लिए रेंजर वर्षा सिंह ने खुलेआम मंत्रियों और ऊंचे राजनेताओं तक अपनी पहुंच की धौंस दिखाना शुरू कर दिया। वे साफ कहती हैं कि "मेरा कोई भी आला अधिकारी कुछ नहीं बिगाड़ सकता।" इसी रसूख के नशे में चूर होकर इस पहाड़ी को पूरी तरह छलनी किया जा रहा है। अवैध कमाई के चश्मे ने इन अधिकारियों और इनके पाले हुए माफियाओं की आंखों पर इस कदर पट्टी बांध दी है कि अब ये लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी निर्भीक पत्रकारों की जान के प्यासे हो गए हैं। सूत्रों से मिली बेहद पुख्ता जानकारी के अनुसार, वन विभाग के इस काले धंधे को उजागर करने वाले पत्रकारों को सरेआम धमकियां दी जा रही हैं। माफियाओं और उनके गुर्गों का हौसला इतना बढ़ गया है कि वे खुलेआम कह रहे हैं कि "अगर यह पत्रकार हमें दोबारा सड़क पर दिखा, तो इस पर सीधे ट्रैक्टर चढ़ाकर इसे कुचल देंगे।" हैरान करने वाली बात यह है कि पत्रकारों को दी जा रही इस खौफनाक धमकी पर मऊगंज का वन अमला और स्थानीय पुलिस मौन बैठी है, जो यह साबित करने के लिए काफी है कि इस जानलेवा साजिश में इन अधिकारियों की मूक सहमति शामिल है। अब मऊगंज के प्रबुद्ध नागरिकों, पीड़ित जनता और पत्रकारों ने जिले के अत्यंत न्यायप्रिय, संवेदनशील और कड़क तेवरों वाले कलेक्टर संजय कुमार जैन जी से सीधी गुहार लगाई है। जनता का कहना है कि यदि कलेक्टर साहब खुद अपनी टीम के साथ इस पहाड़ी और जंगली अंचल का औचक निरीक्षण कर दें, तो रेंजर वर्षा सिंह के इस पूरे भ्रष्टाचार का 'दूध का दूध और पानी का पानी' हो जाएगा, जो खुद खड़े होकर माफियाओं के ट्रैक्टरों में अवैध पत्थर और खंभे लदवाती हैं। अब देखना यह होगा कि मऊगंज जिला प्रशासन पत्रकारों को कुचलने की धमकी देने वाले इन बेखौफ माफियाओं और उन्हें संरक्षण देने वाली घमंडी रेंजर पर सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कराकर जेल भेजता है, या फिर मऊगंज का यह कीमती जंगल इसी तरह चंद रुपयों की दलाली में स्वाहा होता रहेगा। #IndiaHeadline24 #MauganjNews #BreakingNews #CollectorMauganj #SanjayKumarJain #SitapurNews #ForestDepartmentCorruption #JournalistSafety #ViralPost #MadhyaPradeshNews #An अवैध_उत्खनन #VanMafia #CrimeNews #JusticeForJournalists

Mauganj, Rewa | Jun 14, 2026

युवा केवल भविष्य नहीं, वर्तमान की सबसे बड़ी ताकत हैं। पिछले 12 वर्षों में अवसर, कौशल और आत्मनिर्भरता के नए आयाम स्थापित हुए हैं, जिनका नेतृत्व युवाओं ने किया है।

PMO India 
#12YearsOfYuvaShakti
#YuvaShakti
#12YearsOfSeva
#Mauganj

युवा केवल भविष्य नहीं, वर्तमान की सबसे बड़ी ताकत हैं। पिछले 12 वर्षों में अवसर, कौशल और आत्मनिर्भरता के नए आयाम स्थापित हुए हैं, जिनका नेतृत्व युवाओं ने किया है। PMO India #12YearsOfYuvaShakti #YuvaShakti #12YearsOfSeva #Mauganj

Rewa, Madhya Pradesh | Jun 13, 2026

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनकल्याण शिविरों का आयोजन
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सभी पात्र हितग्राहियों को अनिवार्यत: लाभान्वित करें - कलेक्टर श्री जैन
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जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शासन के निर्देशों के अनुरूप 12 जून से 16 जून तक जनकल्याण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शहरी क्षेत्र के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा ग्रामीण क्षेत्र के लिए संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को शिविर का नोडल अधिकारी बनाया गया है। कलेक्टर श्री संजय कुमार जैन ने निर्देश दिये कि शिविर में शासन की विभिन्न योजनाओं के छूटे हुए पात्र हितग्राहियों के आवेदन पत्र भरवाकर उन्हें योजनाओं से अनिवार्यत: लाभान्वित करें। शिविरों के माध्यम से शासन की प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। शिविर में आमजनता से प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों को संबंधित विभागों के माध्यम से सात दिन की समय सीमा में निराकृत करने की व्यवस्था भी की गई है। शिविरों में जिला और खण्ड स्तर के सभी अधिकारी शामिल हुए। शिविरों में प्रधानमंत्री किसान कल्याण योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, वय वंदना योजना, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना तथा अन्य योजनाओं के पात्र हितग्राहियों के आवेदन पत्र भरवाएं।   

 जिले के सभी जनपद पंचायतों एवं नगर परिषदों में 12 जून, 15 जून तथा 16 जून को सुबह 10.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक जनकल्याण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जनपद पंचायत मऊगंज में आयोजित शिविर में अपर कलेक्टर पी.के. पाण्डेय भी उपस्थित रहे तथा आमजनों से संवाद किया। जनपद पंचायत मऊगंज में आयोजित शिविर में 260 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से 80 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। शेष 180 आवेदनों में नियम समय में कार्यवाही की जायेगी। 

Jansampark Madhya Pradesh
#mauganj

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनकल्याण शिविरों का आयोजन ---------------- सभी पात्र हितग्राहियों को अनिवार्यत: लाभान्वित करें - कलेक्टर श्री जैन ---------------- जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शासन के निर्देशों के अनुरूप 12 जून से 16 जून तक जनकल्याण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शहरी क्षेत्र के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा ग्रामीण क्षेत्र के लिए संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को शिविर का नोडल अधिकारी बनाया गया है। कलेक्टर श्री संजय कुमार जैन ने निर्देश दिये कि शिविर में शासन की विभिन्न योजनाओं के छूटे हुए पात्र हितग्राहियों के आवेदन पत्र भरवाकर उन्हें योजनाओं से अनिवार्यत: लाभान्वित करें। शिविरों के माध्यम से शासन की प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। शिविर में आमजनता से प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों को संबंधित विभागों के माध्यम से सात दिन की समय सीमा में निराकृत करने की व्यवस्था भी की गई है। शिविरों में जिला और खण्ड स्तर के सभी अधिकारी शामिल हुए। शिविरों में प्रधानमंत्री किसान कल्याण योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, वय वंदना योजना, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना तथा अन्य योजनाओं के पात्र हितग्राहियों के आवेदन पत्र भरवाएं। जिले के सभी जनपद पंचायतों एवं नगर परिषदों में 12 जून, 15 जून तथा 16 जून को सुबह 10.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक जनकल्याण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जनपद पंचायत मऊगंज में आयोजित शिविर में अपर कलेक्टर पी.के. पाण्डेय भी उपस्थित रहे तथा आमजनों से संवाद किया। जनपद पंचायत मऊगंज में आयोजित शिविर में 260 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से 80 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। शेष 180 आवेदनों में नियम समय में कार्यवाही की जायेगी। Jansampark Madhya Pradesh #mauganj

Rewa, Madhya Pradesh | Jun 12, 2026