
"लाड़ली बहनों को समय पर राशि, तो दिव्यांगों-विधवाओं से सौतेला व्यवहार क्यों? 80% दिव्यांग पत्रकार दीपक गुप्ता ने कलेक्ट्रेट में व्हीलचेयर से घुसकर खोला मोर्चा, बंद दरवाजे के नीचे से डाला ज्ञापन!" मऊगंज: मध्य प्रदेश सरकार जहाँ लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने की निश्चित तारीख पर राशि दे रही है, वहीं मऊगंज में समाज के सबसे लाचार वर्ग यानी दिव्यांगों और विधवाओं को ₹600 की मामूली पेंशन के लिए महीनों तरसाया जा रहा है。 रीवा संभाग के सामाजिक न्याय विभाग की इस मनमानी के खिलाफ मऊगंज के निडर दिव्यांग पत्रकार दीपक कुमार गुप्ता ने एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है。 अपनी 80% दिव्यांगता की शारीरिक लाचारी को दरकिनार कर, भारी खर्च उठाकर जब पत्रकार दीपक गुप्ता कलेक्ट्रेट और एसडीएम दफ्तर पहुंचे, तो वहां ताला लटका मिला। लेकिन इरादों के पक्के दीपक गुप्ता ने हार नहीं मानी और अपने साथी की मदद से बंद दरवाजे के नीचे से ही अपना लिखित ज्ञापन एसडीएम कक्ष के भीतर पहुंचा दिया। पत्रकार दीपक गुप्ता ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि सरकारी दफ्तरों ने उन्हें आज तक एक बैटरी वाली व्हीलचेयर तक नसीब नहीं होने दी, जिसे उन्होंने जनता की मदद से खरीदा है। इसके साथ ही उन्होंने जिले की राशन व्यवस्था में चल रहे बड़े खेल को उजागर करते हुए रसूखदारों के राशन कार्डों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। अपने आत्मसम्मान और दिव्यांग भाइयों के हक के लिए पत्रकार दीपक गुप्ता आगामी मंगलवार से मऊगंज कलेक्ट्रेट के सामने 'शांतिपूर्ण क्रमिक अनशन' पर बैठने जा रहे हैं और कलेक्टर संजय कुमार जैन से सहयोग की अपील की है। #IndiaHeadline24 #MauganjNews #DivyangPension #SocialJusticeDepartment #SDMMauganj #CollectorMauganj #SanjayKumarJain #DeepakGuptaReporter #RationScam #Protest #ViralPost #MadhyaPradeshNews
Mauganj, Rewa | Jun 27, 2026

मऊगंज जिले का ग्राम सरई सेंगर आज भी विकास की बाट जोह रहा है। यहाँ के ग्रामीणों का दर्द सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। पिछले १५ सालों से यहाँ के लोग एक अदद पक्की सड़क के लिए गुहार लगा रहे हैं। आलम यह है कि बरसात के मौसम में यहाँ घुटनों तक पानी भर जाता है और किसी बीमार को अस्पताल ले जाने के लिए आज भी 'खटिया' का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्तमान सरपंच ने चुनाव से पहले वादा किया था कि वे सड़क बनवाएंगे, लेकिन जीत हासिल करने के बाद अब वे जमीन को 'भाई का हिस्सा' बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। पीड़ित भैया दुबे और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि वे सड़क के लिए अपनी जमीन देने को तैयार हैं, लेकिन सरपंच के महज २०० मीटर के टुकड़े की वजह से पूरा गांव नरक भोगने को मजबूर है। सवाल यह है कि जनता के वोटों से जीतने वाले प्रतिनिधि अब जनता की तकलीफों से मुंह क्यों फेर रहे हैं?" #BreakingNews #RuralIndia #GovernanceFailure #MauganjUpdate #PublicOutcry #Injustice #SocialIssue #SanjayKumarJain #MadhyaPradesh #IndiaHeadline24
Mauganj, Rewa | Jun 15, 2026