#बलरामपुर; #उतरौला में यादे सकीना में गूंजा ‘हाय सकीना’ का मातमी सदां, अश्कबार हुए अज़ादार...
रिपोर्ट-इमरान अली शाह
बलरामपुर। शहजादी-ए-हुसैन हजरत सकीना (स.अ.) की याद में 25 सफर को उतरौला के मोहल्ला रफी नगर में अंजुमन अब्बासिया रफी नगर एवं अहले उतरौला की ओर से यादे सकीना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अज़ादारों ने शिरकत की। मजलिस, नौहाख्वानी और मातम के दौरान पूरा माहौल गमगीन रहा और ‘हाय सकीना’ की सदाओं से फिजा मातमी हो उठी।
कार्यक्रम में शाम के कैदखाने जिंदान-ए-शाम की शबीह, जहां हजरत सकीना ने कर्बला के बाद कठिन यातनाएं झेलीं, तथा हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की शबीहे जुल्जनाह की जियारत कराई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत महिलाओं की मजलिस से हुई। महिलाओं ने हजरत सकीना की याद में मजलिस और मातम किया। इसके बाद जिंदान-ए-शाम की शबीह की जियारत की गई। जियारत के दौरान महिलाओं की आंखों से अश्क छलक पड़े और ‘हाय सकीना’ की सदाओं के बीच मातम किया गया।
इसके बाद पुरुषों की मजलिस आयोजित हुई, जिसकी खिताबत जनाब जमाल हैदर हल्लौरी ने की। मजलिस के उपरांत स्थानीय अंजुमन कमरे बनी हाशिम के नौहाख्वानों अली हसन, जाफर अली जाफरी, आशु, अली अब्बास, जकरिया रिजवी आदि ने दर्दभरे नौहे पेश किए। नौहों के बीच अज़ादारों ने सीना-जनी कर शहजादी सकीना की याद में अपनी अकीदत और गम का इजहार किया।
मातमी कार्यक्रम में शब्बीर रिजवी, सज्जाद जाफरी, हारून रिजवी, अश्कार रिजवी, अशरफ रिजवी, लकी जाफरी, आमिर जाफरी, मोनू, मोहसिन रिजवी, माही एडवोकेट, सैफ अली रिजवी, इफ्फू जाफरी, जैन जाफरी, पैटर्न रिजवी, फराज अजीम जाफरी, एस. आमिर, रज्जब जाफरी, फतेह अब्बास, दानिश हसन जाफरी समेत बड़ी संख्या में अज़ादार शामिल रहे।
गमगीन माहौल में याद की गईं हजरत सकीना
कार्यक्रम के दौरान हजरत सकीना की शहादत और कर्बला के बाद उनके द्वारा झेली गईं तकलीफों को याद कर अज़ादार भावुक हो उठे। नौहाख्वानी और मातम के दौरान हर तरफ गम और अकीदत का माहौल नजर आया। देर तक ‘या हुसैन’, ‘हाय सकीना’ की सदाएं गूंजती रहीं।
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