उत्तर प्रदेश के लखीमपुर से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। तहसील दिवस में अफसरों की भीड़ के बीच जब एक कक्षा 8 में पढ़ने वाला बच्चा अपनी फरियाद लेकर पहुंचा, तो वहां मौजूद किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही मिनटों में वही बच्चा पूरे माहौल का केंद्र बन जाएगा।
बच्चे की शिकायत थी कि उसके चाचा और चाची ने उसके घर पर ताला डाल रखा है। उसकी मां लोगों के घरों में काम करके किसी तरह परिवार का गुजारा करती है। मासूम ने अपनी बात रखते हुए कहा कि "50 रुपये की सब्जी में होता ही क्या है?" उसकी आवाज में न बनावट थी, न डर... सिर्फ अपनी परेशानी और इंसाफ की उम्मीद थी।
जब जिलाधिकारी ने उसकी पूरी बात सुनी तो तुरंत कोतवाल को निर्देश दिया कि इस बच्चे की समस्या देखिए। लेकिन इसके बाद बच्चे ने जो कहा, उसने वहां मौजूद हर शख्स को चौंका दिया। बच्चे ने तुरंत जवाब दिया, "देखना-वेखना नहीं... बस मेरा ताला खुलवा दीजिए। टोपी लगाकर चल देते हैं।"
इतना ही नहीं, बातों-बातों में बच्चे ने कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार का भी जिक्र कर दिया। यह सुनकर जिलाधिकारी भी कुछ पल के लिए हैरान रह गए। शायद उन्हें भी एहसास हुआ कि व्यवस्था की चर्चा अब सिर्फ बड़े नहीं करते, बल्कि बच्चे भी अपने आसपास का माहौल देखकर बहुत कुछ समझने लगे हैं।
बच्चे का आत्मविश्वास, उसकी बेबाकी और अपनी बात रखने का तरीका ऐसा था कि जिलाधिकारी तुरंत प्रभावित हुए और मौके पर ही उसके मामले में कार्रवाई के निर्देश दे दिए। जो काम सामान्य तौर पर फाइलों और औपचारिकताओं में उलझ सकता था, वह बच्चे की साफगोई और हिम्मत के कारण तत्काल आगे बढ़ गया।
यह घटना सिर्फ एक बच्चे की शिकायत नहीं है, बल्कि यह आईना भी है कि समाज में जो कुछ हो रहा है, उसे बच्चे भी देख रहे हैं, समझ रहे हैं और जरूरत पड़ने पर बिना किसी डर के उसे सामने भी रख रहे हैं। शायद यही वजह है कि इस आठ साल के बच्चे का वीडियो अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
#LakhimpurKheri
#DM
#TehsilDiwas
#ViralVideo
#ChildConfidence
Gonda, Gonda | Jul 19, 2026