#चंदनकियारी
ब्रिटिश काल से चली आ रही मां सिंहवाहिनी दुर्गा मंदिर की परंपरा को मिला नया स्वरूप, विधि-विधान से हुई प्रतिष्ठा
नूतनडीह में सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में संपन्न हुआ मंदिर प्रतिष्ठा समारोह, कल से विजयादशमी तक वैष्णवी विधि से होगी मां दुर्गा की पूजा-अर्चना
चंदनकियारी। ब्रिटिश शासनकाल से आस्था का केंद्र रहे नूतनडीह स्थित लगभग 200 वर्ष पुराने श्री श्री मां सिंहवाहिनी दुर्गा मंदिर का पुनर्निर्माण कर गुरुवार को विधि-विधान के साथ प्रतिष्ठा समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर सुबह गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और कुंवारी कन्याओं ने भाग लिया। पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल और मां के जयकारों से गूंज उठा।
कलश यात्रा मंदिर परिसर पहुंचने के बाद पुरोहितों एवं पंडितों के मार्गदर्शन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रतिष्ठा अनुष्ठान शुरू हुआ। इस दौरान मां सिंहवाहिनी की अष्टधातु की प्राचीन प्रतिमा को बंगल के मंदिर से विधिवत नए मंदिर में लाकर स्थापित किया गया। दिनभर पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान चलते रहे। कार्यक्रम में आसपास के गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर समिति के सदस्यों, ग्रामीणों, वरिष्ठ नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने भी समारोह में भाग लिया। श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
ग्रामीणों के प्रयास से जर्जर मंदिर का हुआ पुनर्निर्माण
बताया जाता है कि पुराना मंदिर ब्रिटिश काल का बना हुआ था। लंबे समय से इसकी इमारत जर्जर हो गई थी और कई हिस्से टूटने लगे थे। ग्रामीणों ने मां सिंहवाहिनी के प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा को देखते हुए आपसी सहयोग से मंदिर का पुनर्निर्माण कराया। नया मंदिर आकर्षक स्वरूप में तैयार हुआ है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
कल से शुरू होगी दुर्गापूजा
मंदिर प्रतिष्ठा समारोह संपन्न होने के साथ ही अब दुर्गापूजा की तैयारियां पूरी हो गई हैं। शुक्रवार से मंदिर में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना शुरू होगी, जो विजयादशमी तक वैष्णवी परंपरा के अनुसार संपन्न की जाएगी। मंदिर समिति और ग्रामीणों में इस आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल है। लगभग दो शताब्दियों पुरानी धार्मिक परंपरा को नए मंदिर के रूप में आगे बढ़ते देख ग्रामीणों में खुशी है।