जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर के निदेश पर गंडक एवं बागमती नदी के जल के आस-पास के इलाक़ों में फैल जाने से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए जिला प्रशासन, मुजफ्फरपुर द्वारा सरकार द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप सभी कार्य किया जा रहा है। सामुदायिक रसोई केन्द्रों का संचालन, पॉलीथिन शीट्स का वितरण, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ टीम द्वारा आवश्यकतानुसार प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, सूखा राशन का वितरण, स्वास्थ्य जाँच तथा दवाओं की उपलब्धता, नावों का परिचालन, कुट्टी-भूसा पशु चारा का वितरण एवं पशु चिकित्सा की उपलब्धता, स्वच्छ पेयजल, शौचालय की सुविधा, तटबंधों की निगरानी एवं सुदृढ़ीकरण सहित आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से हर राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों सहित सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को लगातार क्षेत्र भ्रमण करने; बच्चों, महिलाओं, किसानों, बुजुर्गों सहित आम जनता से नियमित संवाद स्थापित करने एवं फीडबैक लेने तथा स्थिति के अनुसार तुरंत रिस्पॉन्ड करने का निदेश दिया गया है। ज़िलाधिकारी श्री कुमार गौरव स्वयं वरीय अधिकारियों के साथ क्षेत्र भ्रमण एवं पारू में लगातार कैम्प कर रहे हैं तथा राहत एवं बचाव कार्यों का अनुश्रवण कर रहे हैं। उनके द्वारा स्थानीय लोगों एवं जन प्रतिनिधियों से भी संवाद स्थापित कर उनका सुझाव एवं फीडबैक लिया जा रहा है।
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*जिलाधिकारी ने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के अफ़वाह पर ध्यान न दें। अपुष्ट, अप्रामाणिक एवं भ्रामक सूचनाओं को प्रसारित न करें। प्रशासन द्वारा दी जा रही सूचनाओं पर ही ध्यान दें तथा बाढ़ की स्थिति में बचाव हेतु सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का अनुपालन करें।*
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जिलाधिकारी ने कहा कि नदियों में जल-स्तर अभी पीक पर है। गंडक नदी के रेवा घाट स्थित गेज स्थल पर वर्तमान में नया उच्चतम जलस्तर दर्ज किया गया है तथा जलस्तर में वृद्धि की प्रवृत्ति बनी हुई है।ऐसी क्रिटिकल परिस्थिति के बावजूद प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर आवश्यक बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराते हुए स्थल को सुरक्षित किया गया है। स्थिति नियंत्रण में है तथा तटबंध पर सतत निगरानी एवं चौकसी की जा रही है। उन्होंने कहा कि नदियों के जल-स्तर में जल्द ही कमी आएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि नेपाल के तराई क्षेत्र में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण अभी नदियों में जल स्तर अधिकतम है। इसके आलोक में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। किसी भी स्थिति से निपटने हेतु जिला प्रशासन पूर्णतः तैयार है। *लोग पैनिक न हों लेकिन सजग एवं सतर्क रहें*। संपूर्ण आपदा प्रबंधन तंत्र आपकी सहायता हेतु तत्पर है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार सभी व्यवस्था की गई है। एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की टीम सक्रिय है। तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। आवश्यकतानुसार मरम्मती एवं सुदृढ़ीकरण कार्य किया जा रहा है। कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग को सजग एवं सक्रिय होकर स्थिति के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया गया है। क्षेत्रीय अधिकारियों को आम जनता से नियमित संवाद स्थापित करने एवं फीडबैक लेने तथा स्थिति के अनुसार तुरंत रिस्पॉन्ड करने का निदेश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों के जान-माल की सुरक्षा एवं ससमय राहत पहुँचाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की आवश्यकता पड़ने पर लोगों द्वारा जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र (0621-2212007), राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र, आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार, पटना के हेल्पलाइन नंबर (0612-2294204/205) या आपातकालीन सहायता नंबर 1070 पर सूचना दी जा सकती है।