तिरंगा हमारी स्वतंत्रता, संप्रभुता और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक- प्रो प्रदीप भारद्वाज
‘हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत राष्ट्र चेतना का शंखनाद करते हुए वैश्य महाविद्यालय भिवानी की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाइयों द्वारा किया गया राष्ट्रीय ध्वज का इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम की अमर गाथा एवं 'विकसित भारत के संकल्प में तिरंगे का ओज और हमारा कर्तव्य' विषय पर निबंध प्रतियोगिता का बौद्धिक आयोजन।
भिवानी, 11 अगस्त 2026:
वैश्य महाविद्यालय, भिवानी के प्रांगण में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाइयों के तत्वावधान में चल रहे ‘हर घर तिरंगा अभियान 2026’ के तीसरे दिन आज “राष्ट्रीय ध्वज का इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम की अमर गाथा” तथा “विकसित भारत के संकल्प में तिरंगे का ओज और हमारा कर्तव्य” इन दो प्रेरणादायी विषयों पर एक भव्य निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस बौद्धिक सत्र का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं और स्वयंसेवकों के भीतर राष्ट्रीय ध्वज के ऐतिहासिक महत्व, गरिमा और उसके प्रति अटूट निष्ठा के भाव को साहित्यिक व वैचारिक धरातल पर अभिव्यक्ति प्रदान करना था। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के ऊर्जावान स्वयंसेवकों ने अभूतपूर्व उत्साह और अनुशासन के साथ अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।
यह वैचारिक और रचनात्मक आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय गोयल के प्रेरणास्पद दिशा-निर्देशों एवं
कुशल मार्गदर्शन में हुआ। उनकी परिकल्पना के अनुरूप इस गरिमामयी आयोजन में कार्यवाहक प्राचार्य प्रो प्रदीप भारद्वाज ने विशेष रूप से उपस्थिति दर्ज कराकर प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया। कार्यक्रम का सुचारू संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी प्रो डॉ. कामना कौशिक तथा डॉ. मोहन लाल के नेतृत्व में अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
कार्यवाहक प्राचार्य प्रो प्रदीप भारद्वाज ने अपने उद्बोधन में कहा कि तिरंगा हमारी स्वतंत्रता, संप्रभुता और राष्ट्रीय अस्मिता का सर्वोपरि प्रतीक है। जब युवा अपनी लेखनी के माध्यम से तिरंगे के गौरव का गान करते हैं, तो यह इस बात का प्रमाण है कि हमारी भावी पीढ़ी राष्ट्र निर्माण के प्रति पूर्णतः जागरूक और संकल्पित है। 'हर घर तिरंगा अभियान' केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के हृदय में राष्ट्रधर्म को पुनर्जीवित करने का एक महान माध्यम है।"
कार्यक्रम अधिकारी प्रो डॉ. कामना कौशिक ने अपने ओजस्वी और परिमार्जित संबोधन में कहा कि "साहित्य और सृजन समाज की चेतना को जागृत करने के सबसे सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने बताया कि आज की इस निबंध प्रतियोगिता में हमारे स्वयंसेवकों ने अपनी तूलिका और शब्दों के माध्यम से जिस प्रकार राष्ट्रभक्ति और वैचारिक परिपक्वता का परिचय दिया है, वह अत्यंत सराहनीय है। राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य युवाओं में वैचारिक स्पष्टता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रनिष्ठा का बीजारोपण करना है, और ऐसे कार्यक्रम इस ध्येय को पूर्णता प्रदान करते हैं।"
प्रतियोगिता में महाविद्यालय के अनेक स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने मौलिक विचारों को हिंदी भाषा की परिनिष्ठित शब्दावली में पिरोया, जिसके परिणामस्वरूप संपूर्ण प्रांगण में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और बौद्धिक उत्कृष्टता का अनूठा वातावरण देखने को मिला। निबंध लेखन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए छात्रा चाँदनी ने प्रथम स्थान,छात्र अश्वनी ने द्वितीय स्थान तथा छात्र जतिन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया । विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं नकद राशि देकर सम्मानित किया गया ।हर घर तिरंगा अभियान 2026 को सफल बनाने में निश्चित रूप से ये कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होंगे और जन समुदाय को जागरूक करने में महत्वपूर्ण आहुति देंगे ।इस अवसर पर महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो प्रदीप भारद्वाज , एन एस एस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कामना कौशिक व डॉ. मोहनलाल,कार्यालय अधीक्षक कमल भारद्वाज सहित अनेकों स्वयंसेवक उपस्थित रहें।
Bhiwani, Bhiwani | Aug 11, 2026