प्रेस विज्ञप्ति
जिला जन संपर्क कार्यालय, जमुई
13 जून 2026
शीर्षक: जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में " जिला जल एवं स्वच्छता समिति" की बैठक सम्पन्न । नियमों के उल्लंघन पर लगेगा 'स्पॉट फाइन', कचरा प्रबंधन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं– जिला पदाधिकारी।
जमुई: जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की एक अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 'लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान' और 'स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण' के तहत जिले में कचरा प्रबंधन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना तथा भारत सरकार के राजपत्र में अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों को जिले में कड़ाई से लागू करना था।
बैठक के दौरान हाल ही में संपन्न हुए 'स्वच्छ गाँव, सुरक्षित जलवायु अभियान' की सफलता की चर्चा की गई, जो जून के प्रथम सप्ताह में ग्रामीणों को 'मिशन लाइफ़' और ओडीएफ प्लस मॉडल गाँवों के लक्ष्य के प्रति जागरूक करने के लिए चलाया गया था। इस अभियान के तहत कचरा प्रबंधन के 4R सिद्धांत और धूसर जल प्रबंधन के 3R सिद्धांत पर विशेष बल दिया गया। नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 2026 के नियमों के आलोक में अब जिले के सभी क्षेत्रों में चार-स्तरीय पृथक्कीकरण को कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया गया है, जिसके तहत हर घर और प्रतिष्ठान को अपना कचरा गीला, सूखा, सैनिटरी और घरेलू हानिकारक श्रेणियों में अलग करके ही संग्रहकर्ता को देना होगा। ग्रामीण विकास को गति देने के लिए महादलित टोलों के शौचालय विहीन परिवारों को जीविका के माध्यम से ब्याज मुक्त राशि उपलब्ध कराने और बाद में जियो-टैगिंग के उपरांत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि से इसे समायोजित करने का निर्णय लिया गया है।
प्रशासनिक और वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करते हुए बैठक में स्वच्छता कर्मियों के लंबित मानदेय के त्वरित भुगतान के लिए एक बड़ी राशि हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी गई। साथ ही, संसाधनों के संचालन एवं रखरखाव के लिए प्रति पंचायत की दर से प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई। चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए जिला व प्रखंड स्तर पर कार्यशालाओं के आयोजन और नए नियमों पर जनप्रतिनिधियों व कर्मियों के प्रशिक्षण की रूपरेखा तैयार की गई। इस दौरान कतिपय पंचायतों द्वारा 15वीं वित्त आयोग की टाइड ग्रांट राशि उपलब्ध न कराने पर जिला पदाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया और त्वरित कार्रवाई की चेतावनी दी।
माननीय न्यायालय और एनजीटी के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जिला पदाधिकारी ने कहा कि अब खुले में कचरा जलाने, मिट्टी में गाड़ने या जल निकायों में फेंकने पर मौके पर ही जुर्माना लगाया जाएगा और बार-बार उल्लंघन करने पर बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा भारी पर्यावरण मुआवजा वसूला जाएगा। 'प्रदूषक भुगतान करे' के सिद्धांत के आधार पर स्वच्छता शुल्क की वसूली को अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही, स्थानीय वार्ड सदस्यों और जनप्रतिनिधियों की यह वैधानिक जवाबदेही तय की गई है कि वे अपने क्षेत्रों में शत-प्रतिशत स्रोत पर कचरा अलग करना सुनिश्चित कराएं।
बड़े पैमाने पर कचरा उत्पन्न करने वाले प्रतिष्ठानों (बल्क वेस्ट जनरेटरों) के लिए केंद्रीय ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण और अपने परिसर में ही गीले कचरे के प्रसंस्करण को अनिवार्य कर दिया गया है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी विकास कार्यों और कचरा उठाव की प्रगति रिपोर्ट को जियो-टैग्ड तस्वीरों के साथ डिजिटल माध्यम से भेजने का निर्देश दिया गया है। बैठक के समापन पर जिला पदाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण को 'मिशन लाइफ' का मूल आधार बताते हुए आम जनता से इस महा-अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की।
Jamui, Bihar | Jun 13, 2026