गैसड़ी में जर्जर सड़क को लेकर सपा का विशाल धरना-प्रदर्शन, तत्काल निर्माण की उठी मांग
उत्तर प्रदेश के सबसे पिछड़े इलाकों में शुमार बलरामपुर जिले की गैसड़ी विधानसभा क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है। वर्षों से बदहाल पड़ी जुडीकूईया-जैतापुर मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी ने सोमवार को विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। क्षेत्रीय जनता लंबे समय से इस सड़क की दुर्दशा का सामना कर रही है और अब इसके शीघ्र निर्माण की मांग तेज हो गई है।
लगभग 20 किलोमीटर लंबा जुडीकूईया-जैतापुर मार्ग वर्तमान में पूरी तरह जर्जर स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण आवागमन अत्यंत कठिन हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि यहां सड़क में गड्ढे नहीं, बल्कि गड्ढों में सड़क तलाशनी पड़ती है।
चंदनपुर, पचपेड़वा और उतरौला को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग अयोध्या जाने वाले प्रमुख संपर्क मार्गों में शामिल है। बावजूद इसके वर्षों से इसकी मरम्मत और निर्माण कार्य नहीं कराया गया। खराब सड़क के कारण किसानों, छात्रों, मरीजों और आम यात्रियों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है तथा दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना रहता है।
सड़क निर्माण की मांग को लेकर गैसड़ी विधायक राकेश यादव के नेतृत्व में गणेशपुर क्षेत्र में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
धरना-प्रदर्शन में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा श्रावस्ती सांसद राम स्वरूप वर्मा, पूर्व विधायक अब्दुल मसूद खान, जगराम पासवान, रामसागर अकेला, मसूद आलम, ओंकार नाथ पटेल, परशुराम वर्मा, भानु त्रिपाठी सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बावजूद गैसड़ी क्षेत्र की जनता आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि लंबे समय से सत्ता में रहने वाली सरकारें इस महत्वपूर्ण मार्ग की उपेक्षा करती रही हैं।
धरना-प्रदर्शन के उपरांत विधायक राकेश यादव, पूर्व विधायक रामसागर अकेला, पूर्व विधायक मसूद खान तथा अन्य नेताओं ने तुलसीपुर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सड़क का तत्काल निर्माण कराने की मांग की।
अब क्षेत्र की जनता की निगाहें सरकार पर टिकी हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क निर्माण नहीं कराया गया तो आगामी बरसात में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार गैसड़ी की जनता की इस लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान करेगी या फिर लोगों को बदहाल सड़क पर ही सफर करने के लिए मजबूर रहना पड़ेगा।