*कारगिल विजय दिवस पर नेशनल एसोसिएशन ऑफ यूथ द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित*
जनपद बस्ती, उत्तर प्रदेश 26 जुलाई 2026
*बस्ती:* *कारगिल विजय दिवस* के पावन अवसर पर *नेशनल एसोसिएशन ऑफ यूथ (NAY)* के तत्वावधान में आज *बस्ती चैरिटेबल ब्लड बैंक, बस्ती* में एक *स्वैच्छिक रक्तदान शिविर* का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत *कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित* कर की गई। उपस्थित सभी सम्मानित नागरिकों ने देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस शिविर का संयोजन *जिला संयोजक शास्वत श्रीवास्तव* द्वारा किया गया। कार्यक्रम में *नेशनल एसोसिएशन ऑफ यूथ के अध्यक्ष भावेष पाण्डेय* ने मुख्य वक्ता के रूप में रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डाला।
*भावेष पाण्डेय* ने कहा कि"रक्तदान केवल एक व्यक्ति की सहायता नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। आपका एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है।"उन्होंने सभी नागरिकों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर बस्ती के अनेक सम्मानित नागरिकों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। *प्रमुख रक्तदाता:* संगीता यादव, रूपेश त्रिपाठी, गुरनाम सिंह, आशुतोष श्रीवास्तव, अमित पाण्डेय, अश्वनी मिश्रा, अंकुर उपाध्याय, आशुतोष त्रिपाठी, *भावेष पाण्डेय*, अमित श्रीवास्तव, कपीन्द्र मिश्र एवं शास्वत श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे।
सभी रक्तदाताओं ने कारगिल के अमर शहीदों को नमन करते हुए *राष्ट्रसेवा और जनसेवा का संकल्प* दोहराया। कार्यक्रम के अंत में *नेशनल एसोसिएशन ऑफ यूथ (NAY)* ने सभी रक्तदाताओं, *बस्ती चैरिटेबल ब्लड बैंक* की टीम तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सम्मानित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
*अध्यक्ष भावेष पाण्डेय का युवाओं के नाम 10 सूत्रीय संदेश*
1.शहीदों को नमन:* कारगिल के वीरों के बलिदान को याद रखना हमारा कर्तव्य है।
2.रक्तदान महादान:* एक बार रक्तदान करके आप 3 लोगों की जान बचा सकते हैं।
3. डरें नहीं:* रक्तदान से शरीर कमजोर नहीं होता, बल्कि नया खून बनता है।
4.18 से 65 तक:* कोई भी स्वस्थ व्यक्ति हर 3 महीने में रक्तदान कर सकता है।
5.युवा आगे आएं:* देश सेवा सिर्फ बॉर्डर पर नहीं, ब्लड बैंक में भी होती है।
6.आपातकाल में काम आए:* आपके दिए खून से किसी की मां, बहन, बच्चा बच सकता है।
7.स्वैच्छिक बनें:* पैसे के लिए नहीं, मानवता के लिए रक्तदान करें।
8.नियमित करें:* साल में 2 बार रक्तदान को अपनी आदत बनाएं।
9.जागरूकता फैलाएं:अपने 5 दोस्तों को रक्तदान के लिए प्रेरित करें। 10.संकल्प लें:* "मैं रक्तदाता हूं, मैं जीवनदाता हूं।"जय हिन्द -
*संवाददाता:* हरि ओम प्रकाश
*राष्ट्रीय हिंदी दैनिक कौटिल्य का भारत, बस्ती*
Basti, Basti | Jul 26, 2026