प्रदेशभर में खाद वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था बनी किसानों की परेशानी,
किसानों ने खाद वितरण में फार्मर आईडी और टोकन सिस्टम खत्म करने की उठाई मांग
कोटा में खाद वितरण की नई व्यवस्था को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसानों का कहना है कि फार्मर आईडी की अनिवार्यता, टोकन सिस्टम और खाद के साथ अटैचमेंट की बाध्यता के चलते उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, जबकि कई गांवों में ऑनलाइन व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं है।
हाड़ौती में बड़ी संख्या में किसान बटाई और संयुक्त खेती करते हैं, ऐसे में फार्मर आईडी के आधार पर खाद वितरण की व्यवस्था उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है। वहीं टोकन सिस्टम के चलते किसानों को ऑनलाइन बुकिंग करनी पड़ रही है। कई किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं और जो किसान बुकिंग कर रहे हैं, उन्हें 50 से 70 किलोमीटर दूर की दुकान आवंटित होने की शिकायत सामने आ रही है। किसानों का कहना है कि 2 या 4 कट्टे खाद के लिए इतनी दूर जाना संभव नहीं है। कई बार किराया खर्च करके दुकान पहुंचने के बाद दुकान बंद या खाद उपलब्ध नहीं होने की समस्या भी सामने आती है। किसानों ने मांग की है कि टोकन सिस्टम और फार्मर आईडी की अनिवार्यता में राहत दी जाए। साथ ही नजदीकी सहकारी समितियों और अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से जरूरत के अनुसार डीएपी और यूरिया उपलब्ध करवाया जाए तथा किसी भी तरह के अटैचमेंट की बाध्यता खत्म की जाए। किसानों का कहना है कि समय पर खाद नहीं मिला तो फसल प्रभावित होगी और किसानों की जमीन पड़त रहने की स्थिति बन सकती है।
Sangod, Kota | Sep 3, 2026