#सेवा_संकल्प_अभियान
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कहानी बदलाव की
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संरक्षित खेती से बदली किस्मत: मनावर के अनिल मुकाती बने 3 करोड़ टर्नओवर वाले सफल 'कृषि उद्यमी'
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4 हजार वर्गमीटर के पॉलीहाउस से शुरू हुआ सफर आज 16 हजार वर्गमीटर तक पहुंचा
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खीरे की पहली फसल से कमाया 9 लाख का मुनाफा; आज प्रतिवर्ष तैयार कर रहे 2 करोड़ सब्जी पौध
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उद्यानिकी विभाग की मदद और वैज्ञानिक सोच से पारंपरिक खेती को दिया नया आयाम
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मनावर तहसील के ग्राम सिंघाना निवासी श्री अनिल मुकाती ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक उद्यानिकी और संरक्षित खेती को अपनाते हुए अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्ष 2017 में 4 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में पॉलीहाउस से शुरू हुआ उनका सफर आज लगभग 16 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में शेड नेट हाउस एवं पॉलीहाउस तक पहुंच चुका है। कभी खीरे की फसल से लगभग 9 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाने वाले श्री मुकाती आज प्रतिवर्ष लगभग 2 करोड़ सब्जी पौध तैयार कर उनकी बिक्री कर रहे हैं। इससे उनका वार्षिक टर्नओवर लगभग 2.5 से 3 करोड़ रुपये तथा शुद्ध मुनाफा लगभग 25 से 30 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
*पॉलीहाउस से शुरू हुआ बदलाव का सफर*
श्री अनिल मुकाती हमेशा से खेती में नई तकनीकों को अपनाकर उत्पादन और आय बढ़ाने के इच्छुक रहे। इसी सोच के साथ उन्होंने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन एवं सहयोग से संरक्षित खेती को अपनाने का निर्णय लिया। वर्ष 2017 में MIDH योजना के अंतर्गत उन्होंने 4 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में पॉलीहाउस का निर्माण कराया। परियोजना के लिए उन्हें उद्यानिकी विभाग की ओर से 16 लाख 88 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ।
विभाग से मिले तकनीकी मार्गदर्शन और योजना के सहयोग से श्री मुकाती ने पॉलीहाउस में वैज्ञानिक पद्धति से खेती की शुरुआत की। यह निर्णय आगे चलकर उनके लिए आर्थिक बदलाव की मजबूत नींव साबित हुआ।
*खीरे की फसल ने बढ़ाया आत्मविश्वास*
पॉलीहाउस में श्री मुकाती ने प्रारंभिक वर्ष में खीरे की फसल लगाई। संरक्षित वातावरण में फसल का बेहतर प्रबंधन करते हुए उन्हें लगभग 70 टन खीरे का उत्पादन प्राप्त हुआ। इससे उन्हें लगभग 9 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ।
पहली ही फसल से मिली इस सफलता ने श्री मुकाती का आत्मविश्वास बढ़ाया। उन्हें यह अनुभव हुआ कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से सीमित क्षेत्र में भी बेहतर उत्पादन और आय प्राप्त की जा सकती है। यहीं से उन्होंने अपनी खेती को केवल फसल उत्पादन तक सीमित न रखते हुए नए अवसर तलाशने शुरू किए।
*मुनाफे को फिर व्यवसाय में लगाया, बदली दिशा*
पहली फसल से प्राप्त लगभग 9 लाख रुपये के लाभ को श्री मुकाती ने व्यक्तिगत उपयोग में खर्च करने के बजाय अपने व्यवसाय के विस्तार में लगाया। उन्होंने इसी राशि का उपयोग पॉलीहाउस में सब्जियों की नर्सरी एवं पौध तैयार करने की गतिविधि विकसित करने में किया।
धीरे-धीरे सब्जी पौध की मांग बढ़ी और श्री मुकाती ने गुणवत्तापूर्ण पौध उत्पादन को अपने व्यवसाय का मुख्य आधार बना लिया। नर्सरी प्रबंधन, पौध उत्पादन, सिंचाई, पोषण प्रबंधन और पौधों की देखभाल की तकनीकों में निरंतर सुधार करते हुए उन्होंने इस कार्य को व्यवस्थित व्यवसाय का रूप दिया।
*4 हजार से 16 हजार वर्गमीटर तक पहुंचा कारोबार*
शुरुआत में 4 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में स्थापित पॉलीहाउस से शुरू हुई गतिविधि आज लगभग 16 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में शेड नेट हाउस एवं पॉलीहाउस संरचनाओं तक पहुंच गई है। इन संरक्षित संरचनाओं में विभिन्न प्रकार की सब्जियों की गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार की जाती है।
संरक्षित वातावरण में पौध उत्पादन के कारण पौध की गुणवत्ता, एकरूपता और समय पर उपलब्धता पर बेहतर नियंत्रण संभव हो पाता है। बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए श्री मुकाती द्वारा विभिन्न सब्जियों की पौध तैयार की जा रही है।
*प्रतिवर्ष लगभग 2 करोड़ पौध की बिक्री*
आज श्री अनिल मुकाती के व्यवसाय का विस्तार इस स्तर तक हो चुका है कि उनके द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 2 करोड़ सब्जी पौध की बिक्री की जाती है। पौध उत्पादन के व्यवसाय से उनका वार्षिक टर्नओवर लगभग 2.5 से 3 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि शुद्ध मुनाफा लगभग 25 से 30 लाख रुपये प्रतिवर्ष है।
श्री मुकाती की सफलता यह दर्शाती है कि खेती को केवल परंपरागत तरीके से करने के बजाय तकनीक, बाजार की मांग और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप नई गतिविधियों से जोड़ा जाए तो कृषि क्षेत्र में आय के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
*किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने का संदेश*
श्री मुकाती अपने अनुभव के आधार पर किसानों से कहते हैं कि वर्तमान समय में पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी एवं संरक्षित खेती जैसी आधुनिक तकनीकों को भी अपनाने पर विचार करना चाहिए। पॉलीहाउस, शेड नेट हाउस और वैज्ञानिक नर्सरी प्रबंधन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के साथ पौध व्यवसाय की नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं।
उन्होंने किसानों से कहा कि अपनी स्थानीय जलवायु, बाजार की मांग और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार गतिविधि का चयन करें तथा शासकीय योजनाओं का लाभ लेने से पहले संबंधित विभाग से तकनीकी जानकारी और मार्गदर्शन अवश्य प्राप्त करें।
*शासन और उद्यानिकी विभाग के प्रति आभार*
अपनी सफलता के लिए श्री अनिल मुकाती ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उद्यानिकी विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की योजना, विभागीय सहयोग एवं तकनीकी मार्गदर्शन से उन्हें संरक्षित खेती अपनाने और अपने व्यवसाय को लगातार विस्तार देने का अवसर मिला।
वर्ष 2017 में 4 हजार वर्गमीटर के पॉलीहाउस से शुरू हुई यह यात्रा आज 16 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में सब्जी पौध उत्पादन के व्यवस्थित व्यवसाय में बदल चुकी है। श्री मुकाती की यह सफलता तकनीक, मेहनत और सही समय पर लिए गए निर्णयों के माध्यम से खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदलने की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है।
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Jansampark Madhya Pradesh
4 views | Dhar, Madhya Pradesh | Sep 28, 2026