आज उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक एसोसिएशन ( फुपुक्टा) के आह्वान पर जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय सम्बद्ध महाविद्यालय शिक्षक एसोसिएशन जनकुआक्टा ने श्री मुरली मनोहर टाउन पीजी कॉलेज, बलिया के मुख्य प्रांगण से जिलाधिकारी बलिया के कार्यालय तक प्रदर्शन करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट बलिया को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन दिया और महाविद्यालयीय शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्या से अवगत कराया, महामंत्री डॉक्टर अवनीश चंद पाण्डेय ने कहा की महाविद्यालय के शिक्षकों को इतने खंड-खंड में सरकार ने बांट दिया है कि महाविद्यालय में शिक्षा देने वाले शिक्षक मजाक बन गये है। कुछ शिक्षक एक मजदूर के बराबर भी वेतन नहीं पाते हैं तो कुछ शिक्षक नई पेंशन में आते हैं कुछ शिक्षक पुरानी पेंशन में आते हैं जो नई पेंशन में आते हैं उनकी कटौती समय से नहीं होती है उसमें सरकार का अंशदान समय से नहीं जमा होता है और उच्च शिक्षा निदेशक, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, वित्त नियंत्रक, उच्च शिक्षा निदेशालय प्रयागराज भ्रष्टाचार में इस तरह लिप्त हैं की शिक्षकों की एनपीएस का अंशदान जो सरकार देती है उसके लिए घूस का इंतजार कर रहे हैं जब तक घुस नहीं मिलेगा तब तक अंशदान जमा नहीं होगा । समय से अंशदान का बजट नहीं मिलता है लिहाजा पुरानी पेंशन की मांग करने वाले शिक्षक एनपीएस में भी ठगे जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के चतुर्दिक सभी राज्यों में यूजीसी की सभी सेवा शर्तें लागू है उनकी सेवानिवृत्ति 65 वर्ष पर निश्चित है किंतु उत्तर प्रदेश में यह सेवा काल मात्र 62 वर्ष है । एक देश दो विधान का माहौल पूरे उत्तर प्रदेश में लागू है और यूजीसी के के सेवानिवृत्ति का प्रावधान उत्तर प्रदेश में लागू नहीं है सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र है इसका विरोध करने वाले लोग लोकतंत्र के विरोधी हैं बलिया जनपद के जिलाधिकारी महोदय को छोड़कर पुलिस कप्तान महोदय सीडीओ महोदय सभी उप जिलाधिकारी महोदय उनके अधीन काम करने वाले सभी शिक्षक एवं कर्मचारी, कुलपति और शिक्षा निदेशक के अधीन काम करने वाले सभी शिक्षक और कर्मचारी का 90% शिक्षक और कर्मचारी पुलिसकर्मी और अधिकारी एनपीएस के दायरे में आते हैं ।अब सवाल यह है कि लोकतंत्र 90% का प्रतिनिधित्व करता है या 10% लोगों को सुविधाएं देने वाली सरकार लोकतांत्रिक कही जाती है? हमारी उत्तरप्रदेश सरकार के यशस्वी मुख्यमंत्री से मांग है की 90% लोगों की आवाज सुनें और शिक्षकों और कर्मचारियों को एनपीएस से हटकर पुरानी पेंशन को बहाल करें ।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निदेशालय से लेकर क्षेत्रीय कार्यालय तक और विश्वविद्यालय स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएँ और भ्रष्टाचार से पीड़ित शिक्षकों एवं कर्मचारियों को राहत प्रदान करें।शिक्षक उच्च शिक्षा में व्याप्त अधिकारियों के भ्रष्टाचार से पीड़ित है ।प्राचार्यों द्वारा एक नया भ्रष्टाचार का तरीका ढूंढा गया है जिसमें सरकार द्वारा टाइम बाउंड प्रमोशन बांध देने की वजह से वह समर्थ समर्थ पोर्टल पर डाले गए प्रमाण पत्रों को वेरीफाई ही नहीं कर रहे हैं, ताकि प्रमोशन हेतु वह कैस पर अपने प्रमाण पत्रों को अपलोड कर सके। सतीश चंद्र कॉलेज बलिया के प्राचार्य प्रोफेसर बैकुण्ठ नाथ पाण्डेय शिक्षकों से वसूली के चक्कर में पोर्टल पर डाले गए प्रमाण पत्र को वेरीफाई ही नहीं कर रहे हैं ताकि शिक्षक कैस पर अपना प्रमाण पत्र अपलोड कर सके और शिक्षकों के प्रमोशन को बाधित कर रहे हैं। प्रबंध तंत्र भी इस पर संज्ञान नहीं ले रहा है। यह रोग प्रोफेसर बैकुंठ नाथ पांडे के माध्यम से अन्य महाविद्यालयों में भी फैल रहा है इस पर मुख्यमंत्री महोदय से गुजारिश है कि लगाम लगाई जाए ताकि शिक्षकों के प्रमोशन में सरकार द्वारा टाइम प बाउंड पदोन्नति नीति का पालन हो सके और शिक्षकों की समस्या का समाधान हो सके।
इस अवसर जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय से संबंध समस्त महाविद्यालयों के शिक्षक शिक्षिकाओं और कर्मचारियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर जनकुआक्टा के पूर्व अध्यक्ष बृजेश सिंह पूर्व महामंत्री बृजेश सिंह त्यागी, ओम प्रकाश यादव ,विवेकानंद पांडे ,प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह जी ,महामंत्री राजेश पांडे जी, कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडे जी, मथुरा पीजी कॉलेज से सुरेश मिश्रा जी बजरंग पीजी कॉलेज दादर से अशोक सिंह यादव जी मुरली मनोहर टाउन डिग्री कॉलेज से सूबेदार प्रसाद जी कुंवर सिंह पीजी कॉलेज के सभी शिक्षक साथी सुरेंद्र कुमार राम अवतार उपाध्याय मनजीत सिंह, प्रवीण पायलट, कृष्ण कुमार साहू मनोज यादव, कर्मचारी संगठन के मंडल अध्यक्ष सुशील त्रिपाठी कमला देवी बाजोरिया पीजी कॉलेज दुबहण बलिया के अनिल तिवारी अभिषेक अर्ष अमरनाथ मिश्रा पीजी कॉलेज के शिवेश राय संजय मिश्रा कर्मचारी संगठन के महामंत्री विनोद कुमार मिश्रा डाॅ.अजय कुमार पांड्य प्रोफेसर संजय ठाकुर प्रोफेसर उमेश सिंह प्रोफेसर रामनरेश सिंह यादव राम भूषण मिश्रा राजकुमार सिंह आदि अनेक शिक्षक साथी मौजूद रहे । सब की मांग थी कि शिक्षकों की 30 सूत्री मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करें और शिक्षकों और कर्मचारी की समस्याओं का समाधान करें ।
Ballia, Ballia | Nov 6, 2026