लोकतंत्र बचाने के लिए भाजपा को रैलियां करनी पड़ रही हैं तो यह सरकार की विफलता का प्रमाण है : सुशील पाण्डेय कान्हजी
बलिया। बहुत आश्चर्य की बात है कि देश की सत्ता में बैठी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्रियों यहां तक कि गृह मंत्री जिसके जिम्मे आंतरिक सुरक्षा की सम्पूर्ण जिम्मेदारी है साथ में अन्य नेताओं को जगह-जगह लोकतंत्र बचाने के लिए बड़ी-बड़ी रैलियां करनी पड़ रही हैं। आखिर लोकतंत्र की रक्षा की जिम्मेदारी तो देश की जनता ने उन्हें ही सौंपी है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भाजपा सरकार के रहते लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है? क्या वर्तमान सत्ता इतनी कमजोर और बेबस हो चुकी है कि लोकतंत्र बचाने के नाम पर उसे सरकारी तंत्र के सहारे जुटाई गई भीड़ की जरूरत पड़ रही है? यदि ऐसी स्थिति है तो सरकार को अपनी विफलता स्वीकार करते हुए सत्ता से हट जाना चाहिए।
लेकिन भाजपा ऐसा नहीं कर सकती, क्योंकि लोकतंत्र को वास्तविक खतरा किसी और से नहीं, बल्कि भाजपा की सोच, उसकी विचारधारा और उसकी बुलडोजर नीति से है।
उक्त बातें समाजवादी पार्टी बलिया के जिला उपाध्यक्ष/प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्हजी ने बुधवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता के वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करने से बच रही है और अनावश्यक मुद्दों को उछालकर देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
कान्हजी ने कहा कि भाजपा सरकार जनता के बीच पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। हर मोर्चे पर विफल सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रही है, लेकिन अब उसके ये हथकंडे काम आने वाले नहीं हैं। जनता बदलाव का मन बना चुकी है और सरकार के पतन की शुरुआत हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के परिणाम भी इस बदलाव के स्पष्ट संकेत हैं। उत्तर प्रदेश की धरती से ही भाजपा सरकार के अंत की शुरुआत होगी और इस परिवर्तन का नेतृत्व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव करेंगे।
Ballia, Ballia | Nov 4, 2026