भाजपा ने 40 वार्डों में ब्राह्मण समाज को सिर्फ एक टिकट : लोगों ने जताई नाराजगी, भाजपा और कांग्रेस में भी कई नेताओं को टिकट नहीं मिलने से बगावत। नगर निकाय चुनाव के लिए सोमवार को नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो गई। जालोर नगर निकाय के 40 वार्डों में भाजपा के टिकट वितरण के बाद ब्राह्मण समाज में नाराजगी सामने आई है। भाजपा ने 40 वार्डों में ब्राह्मण समाज को सिर्फ एक टिकट दिया है। इसे लेकर समाज के लोगों ने सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं दी हैं। वहीं टिकट वितरण में भाजपा ने कई प्रमुख दावेदारों को भी मौका नहीं दिया। इनमें पिछले बोर्ड के उपसभापति अंबालाल व्यास, नगर मंडल अध्यक्ष रवि सोलंकी, भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष मंजु सोलंकी और सभापति गोविंद टांक सहित अन्य दावेदार शामिल हैं। टिकट कटने के बाद इनमें से कई दावेदार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतर गए हैं। जालोर नगर निकाय के 40 वार्डों में भाजपा ने ब्राह्मण समाज से सिर्फ एक प्रत्याशी को टिकट दिया है। टिकट वितरण के बाद समाज के लोगों में नाराजगी देखने को मिली। सोशल मीडिया पर लोगों ने टिकट वितरण को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं भी साझा की हैं। भाजपा की ओर से अलग-अलग वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है, लेकिन ब्राह्मण समाज को मिले एक टिकट को लेकर अब राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा ने कई ऐसे दावेदारों को टिकट नहीं दिया, जो पहले नगर निकाय में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। पिछले बोर्ड के उपसभापति अंबालाल व्यास, नगर मंडल अध्यक्ष रवि सोलंकी, भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष मंजु सोलंकी और सभापति गोविंद टांक को टिकट नहीं मिला। इनमें से कई दावेदारों ने पार्टी के फैसले के बाद निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया। इससे भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के सामने अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं की चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं कांग्रेस में भी टिकट वितरण को लेकर कई प्रमुख दावेदारों को निराशा मिली। वार्ड संख्या 31 से पूर्व एससी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष और वर्ष 2019 के निकाय चुनाव में सभापति पद के प्रत्याशी रहे राजेंद्र सोलंकी को टिकट नहीं दिया गया। वहीं वार्ड संख्या 36 से कांग्रेस महिला मोर्चा की प्रदेश सचिव कामिनी शर्मा को भी पार्टी ने प्रत्याशी नहीं बनाया। कांग्रेस में भी टिकट नहीं मिलने के बाद कई दावेदार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे हैं। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों के सामने अधिकृत प्रत्याशियों के साथ बागियों को साधने की चुनौती है।
Jalor, Jalor | Sep 1, 2026