# कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेताओं का सम्मान, 24 खिलाड़ियों को मिले 13.97 करोड़ रुपये
पंचकूला, 26 अगस्त। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में देश और हरियाणा का नाम रोशन करने वाले पदक विजेताओं एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस दौरान 24 खिलाड़ियों को कुल 13 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये के नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा के खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा और मेहनत का दम दिखाया है। देश की आबादी में हरियाणा की हिस्सेदारी करीब 2 प्रतिशत है, जबकि भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले 122 खिलाड़ियों में 24 खिलाड़ी हरियाणा के थे। प्रदेश के खिलाड़ियों ने कुल 11 पदक जीते, जिनमें 7 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं। देश की कुल पदक संख्या में हरियाणा की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत से अधिक रही।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा की मिट्टी में केवल अन्न ही नहीं, बल्कि चैंपियन भी पैदा होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके माता-पिता और प्रशिक्षकों को भी बधाई दी और कहा कि इन पदकों के पीछे वर्षों की मेहनत, अनुशासन, संघर्ष और परिवार के त्याग की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बेटियों के प्रदर्शन की भी विशेष सराहना की। हरियाणा के 11 पदकों में से 6 पदक बेटियों ने जीते, जिनमें 5 स्वर्ण पदक शामिल हैं। मुक्केबाजी में भारत के 7 स्वर्ण पदकों में से 6 स्वर्ण हरियाणा के खिलाड़ियों के नाम रहे। प्रीति पवार, जैस्मिन लम्बोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस, सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीति केवल खिलाड़ियों को पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए सरकारी सेवाओं के अवसर, खेल अकादमियां, खेल नर्सरियां, प्रशिक्षण सुविधाएं और आधुनिक खेल ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। अब तक 260 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को ग्रुप-ए, बी और सी की सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले लगभग 12 वर्षों में प्रदेश के 17,544 खिलाड़ियों को 742 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी गई है। खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए अग्रिम राशि देने का भी प्रावधान किया गया है, ताकि आर्थिक कारणों से उनकी ट्रेनिंग प्रभावित न हो।
खेल प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर तैयार करने के लिए प्रदेश में 2 हजार खेल नर्सरियां और 25 आवासीय खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं। खिलाड़ियों को आयु वर्ग के अनुसार मासिक छात्रवृत्ति तथा आवासीय अकादमियों में डाइट मनी भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले लगभग 12 वर्षों में खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर करीब 1100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। खेल विभाग का बजट बढ़ाकर 668 करोड़ 42 लाख रुपये किया गया है। इसके अलावा पंचकूला के ताऊ देवीलाल खेल परिसर में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से ‘ए-स्टार’ उन्नत वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किया गया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2028, 2032 और 2036 के ओलंपिक खेलों में हरियाणा के खिलाड़ी भारत को दुनिया की बड़ी खेल शक्ति बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लासगो में तिरंगा ऊंचा करने वाले खिलाड़ी आने वाले वर्षों में ओलंपिक के पोडियम पर भी देश का झंडा ऊंचा करेंगे।
समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से संवाद कर उनकी खेल यात्रा, संघर्ष और चुनौतियों के बारे में जानकारी ली। खिलाड़ियों ने भी सरकार की ओर से मिल रहे प्रशिक्षण, सुविधाओं और सहयोग के लिए आभार जताया।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि हरियाणा की खेल नीति का पूरे देश में प्रभाव दिखाई दे रहा है और दूसरे प्रदेश भी इसका अनुसरण कर रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों और उनके परिवारों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की प्रतिभाओं को बचपन से पहचानकर आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
Panchkula, Panchkula | Aug 26, 2026