पशुपालन में रचा सफलता का नया अध्याय, एक गाय से खड़ा किया आधुनिक डेयरी फार्म
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ग्राम पीपलखेड़ा के युवा पशुपालक श्री राजेश धाकड़ ने अपनी मेहनत, लगन और वैज्ञानिक सोच के बल पर यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। लगभग दस वर्ष पूर्व केवल एक गाय से पशुपालन की शुरुआत करने वाले राजेश आज 15 उच्च नस्ल की गायों के सफल डेयरी फार्म के संचालक हैं और प्रतिमाह लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।
विदिशा जिले के ग्राम पीपलखेड़ा निवासी श्री राजेश धाकड़ ने दसवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की है। प्रारंभिक दौर में उनकी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति सामान्य थी, लेकिन उनके भीतर आत्मनिर्भर बनने और कुछ नया करने का जज़्बा था। इसी संकल्प के साथ उन्होंने एक गाय से डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की। शुरुआती चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार सीखने व आगे बढ़ने का प्रयास जारी रखा।
श्री राजेश धाकड़ नियमित रूप से पशुपालन प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेते रहे। इन प्रशिक्षणों से उन्हें वैज्ञानिक पद्धति से पशुपालन करने की प्रेरणा और तकनीकी जानकारी मिली। पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा समय-समय पर दिए गए मार्गदर्शन ने उनके ज्ञान और आत्मविश्वास को नई दिशा दी। उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य, पोषण और प्रजनन प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाया।
कृत्रिम गर्भाधान तकनीक का उपयोग कर उन्होंने अपनी देशी गायों से उन्नत HF नस्ल की 15 गायें और एक बछड़ी तैयार की। पशुओं के बेहतर पोषण के लिए वे गेहूं, मक्का, चना, सोयाबीन, सरसों और संतुलित पशु आहार का उपयोग करते हैं। साथ ही वर्षभर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बरसीम, नेपियर और मख्खन घास का उत्पादन भी स्वयं करते हैं। इस वैज्ञानिक प्रबंधन का परिणाम यह हुआ कि उनके डेयरी फार्म में दूध उत्पादन लगातार बढ़ता गया।
वर्तमान में उनके फार्म से प्रतिदिन लगभग 130 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। उन्हें दूध का औसत मूल्य 35 से 38 रुपये प्रति लीटर प्राप्त होता है। डेयरी व्यवसाय को और अधिक संगठित रूप देने के लिए उन्होंने स्वयं की बीएमसी (बल्क मिल्क कूलर) भी स्थापित की है। इसके माध्यम से वे आसपास के पशुपालकों से दूध खरीदकर दुग्ध संघ एवं बाजार में विक्रय करते हैं। इस अतिरिक्त गतिविधि से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और आज उनकी मासिक औसत आय लगभग डेढ़ लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।
श्री राजेश धाकड़ का सपना अपने डेयरी फार्म को विकसित कर 50 गायों का आधुनिक डेयरी केंद्र स्थापित करना है। वे चाहते हैं कि अधिक से अधिक ग्रामीण युवा पशुपालन को रोजगार और स्वरोजगार के सशक्त माध्यम के रूप में अपनाएं। उनका मानना है कि यदि सही प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और मेहनत का समन्वय किया जाए तो पशुपालन के क्षेत्र में भी बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है। उनकी मेहनत प्रेरणादायक यात्रा यह संदेश देती है कि सफलता बड़े संसाधनों की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन, निरंतर सीखने की इच्छा और कठिन परिश्रम के बल पर कोई भी व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है। उनकी उपलब्धि आज क्षेत्र के युवाओं और पशुपालकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।
Jansampark Madhya Pradesh
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2 views | Vidisha, Madhya Pradesh | Jun 22, 2026