हमीरपुर में बेतवा नदी में मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जित, नम आंखों से दी विदाई
सरीला (हमीरपुर):- क्षेत्र के चंडौत गांव में शारदीय नवरात्र के अंतिम दिन मंगलवार को मां दुर्गा की प्रतिमा और ज्वारे का विसर्जन श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ किया गया। नौ दिनों तक चले नवरात्र उत्सव के समापन पर भक्तों ने मां दुर्गा को नम आंखों से विदाई दी। विसर्जन शोभायात्रा गांव के प्राचीन शीतला माता मंदिर और छौकर माता मंदिर से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से गुजरी। इस दौरान श्रद्धालु अबीर-गुलाल उड़ाते हुए डीजे की धुन पर देवी गीतों के साथ झूमते रहे। महिलाएं सिर पर ज्वारे लेकर कतारबद्ध चल रही थीं, वहीं भक्त ‘जा रही मैया, दर्शन कर लो’ के जयघोष से माहौल को भक्तिमय बनाते रहे। गांव भ्रमण के बाद प्रतिमा को बेतवा नदी ले जाया गया, जहां पूजा-अर्चना और आरती के बाद विसर्जन किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर चंडौत चौकी प्रभारी रोहित साहू पुलिस बल के साथ घाट पर मौजूद रहे। पुलिस की निगरानी में विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
शोभायात्रा में श्रद्धालुओं को कराया जलपान।
विसर्जन शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं एवं अन्य गांव से मूर्ति विसर्जन करने आए भक्तों की सेवा के लिए चंडौत तिराहे पर जलपान स्टॉल लगाया गया। गांव निवासी देवेंद्र राजपूत और रामसहोदर निषाद की ओर से शरबत एवं जलपान की व्यवस्था की गई, जिसमें गांव के सहयोगियों ने भी योगदान दिया।
फ़ोटो:- मूर्ति को विसर्जन के लिए ले जाते भक्तगण।