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Didwana, Nagaur | Jan 2, 2026

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डीडवाना में कड़ी सुरक्षा के बीच वरिष्ठ अध्यापक सीधी भर्ती परीक्षा संपन्न: सख्ती के आगे देर-लतीफों की एक न चली, प्रशासन ने ली राहत की सांस

 6 दिवसीय परीक्षा में सुरक्षा के रहे अभूतपूर्व बंदोबस्त, चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात

 नकल रोकने के लिए 'नो-एंट्री' का कड़ा नियम: ठीक एक घंटे पहले बंद कर दिए गए परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार

देरी से पहुंचे अभ्यर्थियों को मायूस होकर लौटना पड़ा; पूरी परीक्षा के दौरान नहीं सामने आई कोई अप्रिय घटना

डीडवाना।राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक सीधी भर्ती परीक्षा-2025 स्थानीय जिला मुख्यालय पर पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कड़े पहरे के बीच संपन्न हो गई है। 12 जुलाई से शुरू होकर 17 जुलाई तक चली इस छह दिवसीय महापरीक्षा में प्रशासन और पुलिस का रवैया बेहद सख्त और चाक-चौबंद नजर आया। सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर इस बार अपनाई गई सख्ती के चलते परीक्षा बिना किसी व्यवधान या अप्रिय घटना के पूरी हुई, जिससे जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है।नकल और पेपर लीक जैसी गड़बड़ियों पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने इस बार बेहद कड़े नियम लागू किए थे। जिला मुख्यालय के सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के त्रि-स्तरीय बंदोबस्त किए गए थे।सबसे कड़ा नियम प्रवेश समय को लेकर रहा। नियमानुसार, दोनों पारियों में परीक्षा शुरू होने के ठीक 1 घंटे पहले परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। इसके बाद मुख्य द्वार पर सघन सुरक्षा जांच और गहन तलाशी के बाद ही अभ्यर्थियों को अंदर जाने की अनुमति मिली। इस कड़े नियम का असर यह हुआ कि तय समय सीमा से मात्र कुछ मिनट की देरी से पहुंचे कई परीक्षार्थियों को सख्त गाइडलाइन के चलते केंद्रों में प्रवेश नहीं दिया गया। हाथ जोड़ते और मिन्नतें करते इन देर-लतीफ अभ्यर्थियों को मायूस होकर परीक्षा केंद्र से बाहर ही लौटना पड़ा।

*आंकड़ों की जुबानी: 6 दिनों का पूरा लेखा-जोखा*
प्रशासन द्वारा जारी अधिकृत आंकड़ों के अनुसार, परीक्षा दो पारियों सुबह 10:00 से 12:00 बजे और दोपहर 3:00 से शाम 5:30 बजे में आयोजित की गई। जिसमे पहला दिन 12 जुलाई  परीक्षा के लिए 21 केंद्र बनाए गए थे।प्रथम पारी में पंजीकृत 7,704 अभ्यर्थियों में से 4,953 उपस्थित और 2,751 अनुपस्थित रहे।द्वितीय पारी में 4,897 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 2,807 अनुपस्थित दर्ज किए गए।दूसरा दिन 13 जुलाई केंद्रों की संख्या घटाकर 18 की गई। कुल पंजीकृत अभ्यर्थी 6,589 रहे।प्रथम पारी में 4,515 परीक्षार्थी उपस्थित व 2,074 अनुपस्थित रहे।द्वितीय पारी में 4,495 अभ्यर्थी उपस्थित और 2,094 अनुपस्थित रहे।तीसरा दिन 14 जुलाई केंद्रों में बदलाव किया गया। प्रथम पारी 11 केंद्र 4,241 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 2,933 उपस्थित व 1,308 अनुपस्थित रहे।द्वितीय पारी 14 केंद्र 4,913 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 3,421 उपस्थित व 1,492 अनुपस्थित रहे।चौथा दिन परीक्षा केवल एक पारी सुबह 10:00 से दोपहर 12:30 बजे में आयोजित की गई। इसके लिए 02 परीक्षा केंद्र बनाए गए, जहां कुल 672 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 451 उपस्थित और 221 अनुपस्थित रहे।पांचवां दिन परीक्षा फिर से दोनों पारियों में लौटी।प्रथम पारी 17 केंद्र 6,180 अभ्यर्थियों में से 4,388 उपस्थित और 1,792 अनुपस्थित रहे।द्वितीय पारी 11 केंद्र 4,033 अभ्यर्थियों में से 2,840 उपस्थित और 1,193 अनुपस्थित रहे।छठा दिन अंतिम दिन प्रथम पारी 5 केंद्र 1,921 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 1,303 उपस्थित और 618 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।द्वितीय पारी 1 केंद्र परीक्षा के अंतिम दौर में केवल एक ही केंद्र संचालित किया गया, जहां 264 अभ्यर्थी पंजीकृत थे।डीडवाना जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में गठित उड़नदस्तों (फ्लाइंग स्क्वॉड) ने लगातार परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण समापन पर प्रशासनिक अधिकारियों ने डीडवाना की जनता, पुलिस बल, वीक्षकों और स्वयं अभ्यर्थियों के सहयोग की सराहना की है। अधिकारियों का कहना है कि इसी मुस्तैदी और कड़ाई के चलते डीडवाना में बिना किसी विवाद के इतनी बड़ी भर्ती परीक्षा का सफल संचालन संभव हो पाया।

डीडवाना में कड़ी सुरक्षा के बीच वरिष्ठ अध्यापक सीधी भर्ती परीक्षा संपन्न: सख्ती के आगे देर-लतीफों की एक न चली, प्रशासन ने ली राहत की सांस 6 दिवसीय परीक्षा में सुरक्षा के रहे अभूतपूर्व बंदोबस्त, चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात नकल रोकने के लिए 'नो-एंट्री' का कड़ा नियम: ठीक एक घंटे पहले बंद कर दिए गए परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार देरी से पहुंचे अभ्यर्थियों को मायूस होकर लौटना पड़ा; पूरी परीक्षा के दौरान नहीं सामने आई कोई अप्रिय घटना डीडवाना।राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक सीधी भर्ती परीक्षा-2025 स्थानीय जिला मुख्यालय पर पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कड़े पहरे के बीच संपन्न हो गई है। 12 जुलाई से शुरू होकर 17 जुलाई तक चली इस छह दिवसीय महापरीक्षा में प्रशासन और पुलिस का रवैया बेहद सख्त और चाक-चौबंद नजर आया। सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर इस बार अपनाई गई सख्ती के चलते परीक्षा बिना किसी व्यवधान या अप्रिय घटना के पूरी हुई, जिससे जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है।नकल और पेपर लीक जैसी गड़बड़ियों पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने इस बार बेहद कड़े नियम लागू किए थे। जिला मुख्यालय के सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के त्रि-स्तरीय बंदोबस्त किए गए थे।सबसे कड़ा नियम प्रवेश समय को लेकर रहा। नियमानुसार, दोनों पारियों में परीक्षा शुरू होने के ठीक 1 घंटे पहले परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। इसके बाद मुख्य द्वार पर सघन सुरक्षा जांच और गहन तलाशी के बाद ही अभ्यर्थियों को अंदर जाने की अनुमति मिली। इस कड़े नियम का असर यह हुआ कि तय समय सीमा से मात्र कुछ मिनट की देरी से पहुंचे कई परीक्षार्थियों को सख्त गाइडलाइन के चलते केंद्रों में प्रवेश नहीं दिया गया। हाथ जोड़ते और मिन्नतें करते इन देर-लतीफ अभ्यर्थियों को मायूस होकर परीक्षा केंद्र से बाहर ही लौटना पड़ा। *आंकड़ों की जुबानी: 6 दिनों का पूरा लेखा-जोखा* प्रशासन द्वारा जारी अधिकृत आंकड़ों के अनुसार, परीक्षा दो पारियों सुबह 10:00 से 12:00 बजे और दोपहर 3:00 से शाम 5:30 बजे में आयोजित की गई। जिसमे पहला दिन 12 जुलाई परीक्षा के लिए 21 केंद्र बनाए गए थे।प्रथम पारी में पंजीकृत 7,704 अभ्यर्थियों में से 4,953 उपस्थित और 2,751 अनुपस्थित रहे।द्वितीय पारी में 4,897 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 2,807 अनुपस्थित दर्ज किए गए।दूसरा दिन 13 जुलाई केंद्रों की संख्या घटाकर 18 की गई। कुल पंजीकृत अभ्यर्थी 6,589 रहे।प्रथम पारी में 4,515 परीक्षार्थी उपस्थित व 2,074 अनुपस्थित रहे।द्वितीय पारी में 4,495 अभ्यर्थी उपस्थित और 2,094 अनुपस्थित रहे।तीसरा दिन 14 जुलाई केंद्रों में बदलाव किया गया। प्रथम पारी 11 केंद्र 4,241 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 2,933 उपस्थित व 1,308 अनुपस्थित रहे।द्वितीय पारी 14 केंद्र 4,913 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 3,421 उपस्थित व 1,492 अनुपस्थित रहे।चौथा दिन परीक्षा केवल एक पारी सुबह 10:00 से दोपहर 12:30 बजे में आयोजित की गई। इसके लिए 02 परीक्षा केंद्र बनाए गए, जहां कुल 672 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 451 उपस्थित और 221 अनुपस्थित रहे।पांचवां दिन परीक्षा फिर से दोनों पारियों में लौटी।प्रथम पारी 17 केंद्र 6,180 अभ्यर्थियों में से 4,388 उपस्थित और 1,792 अनुपस्थित रहे।द्वितीय पारी 11 केंद्र 4,033 अभ्यर्थियों में से 2,840 उपस्थित और 1,193 अनुपस्थित रहे।छठा दिन अंतिम दिन प्रथम पारी 5 केंद्र 1,921 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 1,303 उपस्थित और 618 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।द्वितीय पारी 1 केंद्र परीक्षा के अंतिम दौर में केवल एक ही केंद्र संचालित किया गया, जहां 264 अभ्यर्थी पंजीकृत थे।डीडवाना जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में गठित उड़नदस्तों (फ्लाइंग स्क्वॉड) ने लगातार परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण समापन पर प्रशासनिक अधिकारियों ने डीडवाना की जनता, पुलिस बल, वीक्षकों और स्वयं अभ्यर्थियों के सहयोग की सराहना की है। अधिकारियों का कहना है कि इसी मुस्तैदी और कड़ाई के चलते डीडवाना में बिना किसी विवाद के इतनी बड़ी भर्ती परीक्षा का सफल संचालन संभव हो पाया।

Didwana, Nagaur | Jul 17, 2026

जिला भर में हुई सघन 'ए' श्रेणी की नाकाबंदी, काटे गए 254 चालान

डीडवाना।राजस्थान पुलिस महानिदेशक, जयपुर और  जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देश पर जिलेभर में कानून-व्यवस्था व सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने पूरे जिले में एक साथ सघन ए' श्रेणी की नाकाबंदी कर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया।यह विशेष नाकाबंदी अभियान 16 जुलाई को शाम 7.00 बजे से रात 11.00 बजे तक चलाया गया। इस दौरान पुलिस टीमों ने राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण इलाकों के मुख्य मार्गों पर नाके लगाए। संदिग्ध वाहनों, व्यक्तियों और वस्तुओं की गहन चेकिंग की गई। मोबाइल टीमों की मदद से लगातार गश्त कर वाहनों की जांच सुनिश्चित की गई, जिससे नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मचा रहा।कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए जिले के आला अधिकारियों ने खुद जमीन पर उतरकर कमान संभाली। पूरा अभियान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डीडवाना हिमांशु शर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुचामन विमल सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक परबतसर भूपेन्द्र शर्मा के सुपरविजन में चलाया गया। इनके साथ ही जिले के सभी वृत्ताधिकारियों और थाना प्रभारियों ने अपनी-अपनी सीमाओं में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया।अभियान के दौरान यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ एम.वी. एक्ट के तहत 254 चालान बनाए गए। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है।काली फिल्म लगे वाहन  54 चालान बिना नंबर प्लेट या गलत पैटर्न 50 चालान बिना सीट बेल्ट 49 चालान बिना हेलमेट 48 चालान ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग 6 चालान अन्य उल्लंघन 47 चालान कार्रवाई में 254 चालान बनाए।

जिला भर में हुई सघन 'ए' श्रेणी की नाकाबंदी, काटे गए 254 चालान डीडवाना।राजस्थान पुलिस महानिदेशक, जयपुर और जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देश पर जिलेभर में कानून-व्यवस्था व सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने पूरे जिले में एक साथ सघन ए' श्रेणी की नाकाबंदी कर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया।यह विशेष नाकाबंदी अभियान 16 जुलाई को शाम 7.00 बजे से रात 11.00 बजे तक चलाया गया। इस दौरान पुलिस टीमों ने राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण इलाकों के मुख्य मार्गों पर नाके लगाए। संदिग्ध वाहनों, व्यक्तियों और वस्तुओं की गहन चेकिंग की गई। मोबाइल टीमों की मदद से लगातार गश्त कर वाहनों की जांच सुनिश्चित की गई, जिससे नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मचा रहा।कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए जिले के आला अधिकारियों ने खुद जमीन पर उतरकर कमान संभाली। पूरा अभियान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डीडवाना हिमांशु शर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुचामन विमल सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक परबतसर भूपेन्द्र शर्मा के सुपरविजन में चलाया गया। इनके साथ ही जिले के सभी वृत्ताधिकारियों और थाना प्रभारियों ने अपनी-अपनी सीमाओं में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया।अभियान के दौरान यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ एम.वी. एक्ट के तहत 254 चालान बनाए गए। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है।काली फिल्म लगे वाहन 54 चालान बिना नंबर प्लेट या गलत पैटर्न 50 चालान बिना सीट बेल्ट 49 चालान बिना हेलमेट 48 चालान ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग 6 चालान अन्य उल्लंघन 47 चालान कार्रवाई में 254 चालान बनाए।

Didwana, Nagaur | Jul 17, 2026

डीडवाना नगर परिषद में बिजली का खुला दुरुपयोग: चैंबर से नदारद रहे आयुक्त, घंटों चलता रहा एसी और पंखा

एक तरफ ऊर्जा संरक्षण के बड़े-बड़े दावे, दूसरी तरफ सरकारी दफ्तर में ही नियमों की उड़ी धज्जियां

डीडवाना।सरकारी कार्यालयों में संसाधनों के सदुपयोग और बिजली की बचत को लेकर सरकार भले ही गंभीर दावे करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। ऐसा ही बिजली के भारी दुरुपयोग का एक ताजा मामला डीडवाना नगर परिषद कार्यालय में देखने को मिला है, जहां जिम्मेदार अधिकारी की गैर-मौजूदगी में बिजली पानी की तरह बहाई जा रही थी।नगर परिषद आयुक्त के मुख्य कार्यालय (चैंबर) में अधिकारी के मौजूद न होने के बावजूद एयर कंडीशनर (एसी), पंखे और लाइटें धड़ल्ले से चालू पायी गईं। हैरानी की बात यह है कि जब मीडिया टीम मौके पर पहुंची, तो आयुक्त अपनी सीट पर नहीं थे। टीम करीब एक घंटे तक कार्यालय परिसर में मौजूद रही। इस पूरी अवधि के दौरान और टीम के वहां से रवाना होने के बाद भी चैंबर में एसी और बिजली के अन्य उपकरण लगातार चलते रहे।कमिश्नर चैंबर में बिना किसी इंसान के चल रहे इन उपकरणों से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही किस हद तक हावी है। एक तरफ जहां आम जनता को बिजली की बूंद-बूंद बचाने और अनावश्यक उपकरण बंद रखने की नसीहतें दी जाती हैं, वहीं नगर परिषद जैसी जिम्मेदार संस्था के मुखिया के दफ्तर में ही नियमों को ठेंगे पर रखा जा रहा है।सरकारी दफ्तरों में होने वाली इस फिजूलखर्ची का बोझ आखिरकार जनता के टैक्स की कमाई पर ही पड़ता है। जब प्रशासनिक अधिकारी खुद अपनी सीट पर मौजूद न होने पर दफ्तर की लाइट-एसी बंद करने की सामान्य शिष्टता नहीं दिखाते, तो मातहत कर्मचारियों से नियमों के पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है?स्थानीय जागरूक नागरिकों का कहना है कि बिजली के इस तरह के खुले दुरुपयोग पर जिला प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

डीडवाना नगर परिषद में बिजली का खुला दुरुपयोग: चैंबर से नदारद रहे आयुक्त, घंटों चलता रहा एसी और पंखा एक तरफ ऊर्जा संरक्षण के बड़े-बड़े दावे, दूसरी तरफ सरकारी दफ्तर में ही नियमों की उड़ी धज्जियां डीडवाना।सरकारी कार्यालयों में संसाधनों के सदुपयोग और बिजली की बचत को लेकर सरकार भले ही गंभीर दावे करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। ऐसा ही बिजली के भारी दुरुपयोग का एक ताजा मामला डीडवाना नगर परिषद कार्यालय में देखने को मिला है, जहां जिम्मेदार अधिकारी की गैर-मौजूदगी में बिजली पानी की तरह बहाई जा रही थी।नगर परिषद आयुक्त के मुख्य कार्यालय (चैंबर) में अधिकारी के मौजूद न होने के बावजूद एयर कंडीशनर (एसी), पंखे और लाइटें धड़ल्ले से चालू पायी गईं। हैरानी की बात यह है कि जब मीडिया टीम मौके पर पहुंची, तो आयुक्त अपनी सीट पर नहीं थे। टीम करीब एक घंटे तक कार्यालय परिसर में मौजूद रही। इस पूरी अवधि के दौरान और टीम के वहां से रवाना होने के बाद भी चैंबर में एसी और बिजली के अन्य उपकरण लगातार चलते रहे।कमिश्नर चैंबर में बिना किसी इंसान के चल रहे इन उपकरणों से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही किस हद तक हावी है। एक तरफ जहां आम जनता को बिजली की बूंद-बूंद बचाने और अनावश्यक उपकरण बंद रखने की नसीहतें दी जाती हैं, वहीं नगर परिषद जैसी जिम्मेदार संस्था के मुखिया के दफ्तर में ही नियमों को ठेंगे पर रखा जा रहा है।सरकारी दफ्तरों में होने वाली इस फिजूलखर्ची का बोझ आखिरकार जनता के टैक्स की कमाई पर ही पड़ता है। जब प्रशासनिक अधिकारी खुद अपनी सीट पर मौजूद न होने पर दफ्तर की लाइट-एसी बंद करने की सामान्य शिष्टता नहीं दिखाते, तो मातहत कर्मचारियों से नियमों के पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है?स्थानीय जागरूक नागरिकों का कहना है कि बिजली के इस तरह के खुले दुरुपयोग पर जिला प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

Didwana, Nagaur | Jul 17, 2026

NMEO-OS योजना के तहत निर्माणाधीन ऑयल मिल का अतिरिक्त निदेशक कृषि ने किया निरीक्षण

डीडवाना। राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयलसीड्स NMEO-OS योजना के अंतर्गत तेल निष्कर्षण/प्रसंस्करण (ऑयल मिल) इकाइयों की स्थापना के लिए स्वीकृत प्रकरणों के क्रम में विजय कुमार गोदारा निवासी सिंघाना डीडवाना द्वारा स्थापित की जा रही निर्माणाधीन ऑयल मिल का निरीक्षण अतिरिक्त निदेशक कृषि सीकर खंड हरीश मेहरा द्वारा किया गया।निरीक्षण के दौरान कृषि अधिकारी (मिशन) बजरंग लाल मीणा व अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी इन्द्र सिंह राठौड़ के साथ निर्माण कार्य की प्रगति उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं एवं परियोजना से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया। श्री मेहरा ने निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर द्वारा स्वीकृत कृषकों की योजनान्तर्गत 10 मैट्रिक टन क्षमता पर लागत का 33 प्रतिशत अथवा अधिक्तम 9.90 लाख का अनुदान देय है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयलसीड्स NMEO-OS योजना का उद्देश्य प्रदेश में तिलहन प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाना किसानों को स्थानीय स्तर पर बेहतर विपणन एवं मूल्य संवर्धन की सुविधा उपलब्ध कराना तथा उनकी आय में वृद्धि करना है। विभाग द्वारा स्वीकृत इकाइयों के निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि योजनाओं का लाभ समय पर लाभार्थियों एवं किसानों तक पहुंच सके।

NMEO-OS योजना के तहत निर्माणाधीन ऑयल मिल का अतिरिक्त निदेशक कृषि ने किया निरीक्षण डीडवाना। राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयलसीड्स NMEO-OS योजना के अंतर्गत तेल निष्कर्षण/प्रसंस्करण (ऑयल मिल) इकाइयों की स्थापना के लिए स्वीकृत प्रकरणों के क्रम में विजय कुमार गोदारा निवासी सिंघाना डीडवाना द्वारा स्थापित की जा रही निर्माणाधीन ऑयल मिल का निरीक्षण अतिरिक्त निदेशक कृषि सीकर खंड हरीश मेहरा द्वारा किया गया।निरीक्षण के दौरान कृषि अधिकारी (मिशन) बजरंग लाल मीणा व अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी इन्द्र सिंह राठौड़ के साथ निर्माण कार्य की प्रगति उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं एवं परियोजना से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया। श्री मेहरा ने निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर द्वारा स्वीकृत कृषकों की योजनान्तर्गत 10 मैट्रिक टन क्षमता पर लागत का 33 प्रतिशत अथवा अधिक्तम 9.90 लाख का अनुदान देय है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयलसीड्स NMEO-OS योजना का उद्देश्य प्रदेश में तिलहन प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाना किसानों को स्थानीय स्तर पर बेहतर विपणन एवं मूल्य संवर्धन की सुविधा उपलब्ध कराना तथा उनकी आय में वृद्धि करना है। विभाग द्वारा स्वीकृत इकाइयों के निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि योजनाओं का लाभ समय पर लाभार्थियों एवं किसानों तक पहुंच सके।

Didwana, Nagaur | Jul 17, 2026

आयुक्त जितेंद्र चौकीदार ने संभाला कार्यभार, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत

डीडवाना।नगर परिषद के नवनियुक्त आयुक्त जितेंद्र चौकीदार ने कार्यभार ग्रहण कर अपनी नई जिम्मेदारी संभाली। इस अवसर पर छात्र नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता तनवीर कुमार वाल्मीकि के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिष्टाचार भेंट कर आयुक्त का साफा पहनाकर, माल्यार्पण कर तथा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर का छायाचित्र भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।इस दौरान नगर परिषद से जुड़े जनहित, शहर की स्वच्छता व्यवस्था, विकास कार्यों तथा कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आयुक्त जितेंद्र चौकीदार को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में नगर परिषद डीडवाना जनसेवा, पारदर्शिता एवं विकास के नए आयाम स्थापित करेगी।इस अवसर पर कॉन्ट्रैक्टर कमल तेजी, आकाश चावंरिया एवं विजय चौकीदार सहित अन्य साथी उपस्थित रहे।

आयुक्त जितेंद्र चौकीदार ने संभाला कार्यभार, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत डीडवाना।नगर परिषद के नवनियुक्त आयुक्त जितेंद्र चौकीदार ने कार्यभार ग्रहण कर अपनी नई जिम्मेदारी संभाली। इस अवसर पर छात्र नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता तनवीर कुमार वाल्मीकि के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिष्टाचार भेंट कर आयुक्त का साफा पहनाकर, माल्यार्पण कर तथा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर का छायाचित्र भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।इस दौरान नगर परिषद से जुड़े जनहित, शहर की स्वच्छता व्यवस्था, विकास कार्यों तथा कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आयुक्त जितेंद्र चौकीदार को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में नगर परिषद डीडवाना जनसेवा, पारदर्शिता एवं विकास के नए आयाम स्थापित करेगी।इस अवसर पर कॉन्ट्रैक्टर कमल तेजी, आकाश चावंरिया एवं विजय चौकीदार सहित अन्य साथी उपस्थित रहे।

Didwana, Nagaur | Jul 17, 2026