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सभी प्रदेशवासियों को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं |

19 views | Bhilwara, Bhilwara | Nov 2, 2021

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*अपराधियों में शासन प्रशासन का भय नहीं : गुंजल*

*कोटा में शासन में बैठे लोग चाहते हैं आम आदमी में भय पैदा करना*

*सनातन का नारा देने वाली सरकार के मुंह पर तमाचा*
 
कोटा /जयपुर :कमलेश आमेटा                                                     चन्द्रसेल मठ के महंत देवानंद जी की हत्या के बाद एमबीएस की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे संत समाज व आमजन के बीच पहुंचकर पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता ने प्रहलाद गुंजल ने गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा कि यह घटना अपने आप में बहुत दुखद व चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि अपराधियों में शासन प्रशासन का भय समाप्त हो गया है, मंदिर मठ जैसे पवित्र जगह पर जहां पर लोग श्रद्धा से जाते हैं उस जगह भी यदि अपराधी हत्या करने से नहीं झिझके के तो यह तो सारी व्यवस्था व सरकार के लिए शर्म की बात है। गुंजल ने कहा कि इस पर अभिलंब सख्ती से कार्यवाही होनी चाहिए यहां विभिन्न अवसरो पर लाखों लोग पहुंचते हैं उस पवित्र स्थान पर इस प्रकार की घटना घट जाना केवल संत समाज के लिए नहीं सारे शहर के लिए दुख व चिंता का विषय है।
गुंजल ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे लगता है कोटा पुलिस का अपराधियों में भय बैठाने के बजाय नाकाबंदी करके चालान करने, वसूली करने और शासन का भय लोगों में कैसे बैठाया जाए उसी में लगा है। उन्होंने कहा कि कोटा मे तो शासन के लोग भी चाहते हैं कि आम आदमी को कैसे भय ग्रस्त करे।कोई सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर देगा तो पुलिस का पूरा लवाजमा पहुंच जाएगा। शहर में बेखौफ हत्याएं हो रही है, अपराध चरम पर है मैं समझता हूं शासन प्रशासन पर यह जिल्लत है।
उन्होंने कहा कि इस शासन में अपराधी बेखौफ है शासन जनता में खौफ बैठाने का काम कर रहा है यह घटना सरकार व प्रशासन के मुंह पर तमाचा है। 
उन्होंने कहा की हत्या नहीं सरकार का इकबाल मरा है, जनता के विश्वास को धक्का लगा है यह सनातनी सरकार के चेहरे पर कालिक है गुंजल ने कहा संत समाज जो तय करेगा हम कंधे से कंधा मिलाकर संत समाज के साथ है चाहे कितनी भी बड़ी लड़ाई लड़नी पड़े।

*अपराधियों में शासन प्रशासन का भय नहीं : गुंजल* *कोटा में शासन में बैठे लोग चाहते हैं आम आदमी में भय पैदा करना* *सनातन का नारा देने वाली सरकार के मुंह पर तमाचा* कोटा /जयपुर :कमलेश आमेटा चन्द्रसेल मठ के महंत देवानंद जी की हत्या के बाद एमबीएस की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे संत समाज व आमजन के बीच पहुंचकर पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता ने प्रहलाद गुंजल ने गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा कि यह घटना अपने आप में बहुत दुखद व चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि अपराधियों में शासन प्रशासन का भय समाप्त हो गया है, मंदिर मठ जैसे पवित्र जगह पर जहां पर लोग श्रद्धा से जाते हैं उस जगह भी यदि अपराधी हत्या करने से नहीं झिझके के तो यह तो सारी व्यवस्था व सरकार के लिए शर्म की बात है। गुंजल ने कहा कि इस पर अभिलंब सख्ती से कार्यवाही होनी चाहिए यहां विभिन्न अवसरो पर लाखों लोग पहुंचते हैं उस पवित्र स्थान पर इस प्रकार की घटना घट जाना केवल संत समाज के लिए नहीं सारे शहर के लिए दुख व चिंता का विषय है। गुंजल ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे लगता है कोटा पुलिस का अपराधियों में भय बैठाने के बजाय नाकाबंदी करके चालान करने, वसूली करने और शासन का भय लोगों में कैसे बैठाया जाए उसी में लगा है। उन्होंने कहा कि कोटा मे तो शासन के लोग भी चाहते हैं कि आम आदमी को कैसे भय ग्रस्त करे।कोई सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर देगा तो पुलिस का पूरा लवाजमा पहुंच जाएगा। शहर में बेखौफ हत्याएं हो रही है, अपराध चरम पर है मैं समझता हूं शासन प्रशासन पर यह जिल्लत है। उन्होंने कहा कि इस शासन में अपराधी बेखौफ है शासन जनता में खौफ बैठाने का काम कर रहा है यह घटना सरकार व प्रशासन के मुंह पर तमाचा है। उन्होंने कहा की हत्या नहीं सरकार का इकबाल मरा है, जनता के विश्वास को धक्का लगा है यह सनातनी सरकार के चेहरे पर कालिक है गुंजल ने कहा संत समाज जो तय करेगा हम कंधे से कंधा मिलाकर संत समाज के साथ है चाहे कितनी भी बड़ी लड़ाई लड़नी पड़े।

Bhilwara, Bhilwara | Jun 6, 2026

पूर्व विधायक स्व. गोकुल प्रसाद पुरोहित की 40 वीं पुण्य तिथि पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपने श्रमिक नेता को श्रंद्धाजलि दी गई।
भीलवाड़ा /गंगापुर :  शब्बीर खान गंगापुर                                          श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के राष्ट्रीय सचिव श्याम पुरोहित, ब्लॉक कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष मोहन लाल तिवारी, नगर पालिका पूर्व अध्यक्ष प्रहलाद गहलोत, सहाड़ा पूर्व सरपंच प्रकाश सुराणा,अनवर मोहम्मद पठान, नगर पालिका पूर्व पार्षद प्रहलाद सुथार,बंसी लाल रैगर, ब्लॉक कांग्रेस सचिव इसराइल मोहम्मद, नगर कांग्रेस सचिव शब्बीर मोहम्मद, अन्मेडकर मंच के पूर्व अध्यक्ष जगदीश चंद्र जीनगर,मोनू तिवारी, रतन खटीक, पवन धानुका, समसुदीन रंगरेज, चुनी लाल गाडरी, प्रदीप शर्मा आदि कई गणमान्य व्यक्तियों द्वारा पुष्प अर्पित कर अपने श्रमिक नेता को श्रंद्धाजलि दी गई

पूर्व विधायक स्व. गोकुल प्रसाद पुरोहित की 40 वीं पुण्य तिथि पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपने श्रमिक नेता को श्रंद्धाजलि दी गई। भीलवाड़ा /गंगापुर : शब्बीर खान गंगापुर श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के राष्ट्रीय सचिव श्याम पुरोहित, ब्लॉक कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष मोहन लाल तिवारी, नगर पालिका पूर्व अध्यक्ष प्रहलाद गहलोत, सहाड़ा पूर्व सरपंच प्रकाश सुराणा,अनवर मोहम्मद पठान, नगर पालिका पूर्व पार्षद प्रहलाद सुथार,बंसी लाल रैगर, ब्लॉक कांग्रेस सचिव इसराइल मोहम्मद, नगर कांग्रेस सचिव शब्बीर मोहम्मद, अन्मेडकर मंच के पूर्व अध्यक्ष जगदीश चंद्र जीनगर,मोनू तिवारी, रतन खटीक, पवन धानुका, समसुदीन रंगरेज, चुनी लाल गाडरी, प्रदीप शर्मा आदि कई गणमान्य व्यक्तियों द्वारा पुष्प अर्पित कर अपने श्रमिक नेता को श्रंद्धाजलि दी गई

Bhilwara, Bhilwara | Jun 6, 2026

श्रीमद्भागवत कथा भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलाने वाली दिव्य प्रेरणा - कृपा राम जी महाराज

- महेश वाटिका भागवत कथा में नंदोत्सव में भजनों पर झूमे श्रद्धालु

भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल,6 जून                                                    पूरणमल-सम्पत देवी रांदड़ परिवार के तत्वावधान में महेश वाटिका में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के पंचम दिवस कथा व्यास श्रद्धेय कृपारामजी महाराज (जोधपुर) ने भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी बाल लीलाओं का संगीतमय एवं भावपूर्ण वर्णन किया। कथा आरंभ से पूर्व भजन-कीर्तन की मधुर स्वर लहरियों से सम्पूर्ण परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
कृपारामजी महाराज ने नंदोत्सव प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण से सम्पूर्ण ब्रजभूमि आनंद और उल्लास से भर उठी थी। नंद बाबा के घर जन्मे कान्हा के आगमन पर गोकुल में उत्सव का ऐसा वातावरण था कि हर ओर बधाइयां, मंगल गीत और उत्साह की लहर दिखाई देती थी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने "नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" भजन पर भक्ति भाव से सहभागिता की।
कथा के दौरान महाराज ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार बालकृष्ण अपनी चंचल एवं मनमोहक अदाओं से समस्त ब्रजवासियों का हृदय जीत लेते थे। उन्होंने माखन चोरी की लीला का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान का यह स्वरूप केवल बाल सुलभ चेष्टाएं नहीं, बल्कि भक्तों के हृदय रूपी माखन को चुराने का दिव्य संदेश है। इस प्रसंग पर गाए गए भजन "मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो" ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
महाराज ने पूतना वध, शकटासुर उद्धार एवं अन्य बाल लीलाओं का भी विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि भगवान भक्तों की रक्षा और दुष्टों के विनाश के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलाने वाली दिव्य प्रेरणा है।
संगीतमय भजनों "यशोदा ने माखन खिलायो रे", "राधे-राधे जपो चले आएंगे बिहारी" एवं "गोविन्द बोलो हरि गोपाल बोलो" पर श्रद्धालु झूम उठे। कथा के दौरान महिलाओं, युवाओं एवं वरिष्ठ श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या उपस्थित रही और सभी ने भक्ति रस का आनंद लिया।
आयोजन समिति के जगदीश सोनी, पियूष सोनी एवं खुशाल रांदड़ ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव सोमवार 8 जून तक प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक महेश वाटिका में आयोजित होगा। उन्होंने अधिकाधिक धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की।

श्रीमद्भागवत कथा भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलाने वाली दिव्य प्रेरणा - कृपा राम जी महाराज - महेश वाटिका भागवत कथा में नंदोत्सव में भजनों पर झूमे श्रद्धालु भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल,6 जून पूरणमल-सम्पत देवी रांदड़ परिवार के तत्वावधान में महेश वाटिका में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के पंचम दिवस कथा व्यास श्रद्धेय कृपारामजी महाराज (जोधपुर) ने भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी बाल लीलाओं का संगीतमय एवं भावपूर्ण वर्णन किया। कथा आरंभ से पूर्व भजन-कीर्तन की मधुर स्वर लहरियों से सम्पूर्ण परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। कृपारामजी महाराज ने नंदोत्सव प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण से सम्पूर्ण ब्रजभूमि आनंद और उल्लास से भर उठी थी। नंद बाबा के घर जन्मे कान्हा के आगमन पर गोकुल में उत्सव का ऐसा वातावरण था कि हर ओर बधाइयां, मंगल गीत और उत्साह की लहर दिखाई देती थी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने "नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" भजन पर भक्ति भाव से सहभागिता की। कथा के दौरान महाराज ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार बालकृष्ण अपनी चंचल एवं मनमोहक अदाओं से समस्त ब्रजवासियों का हृदय जीत लेते थे। उन्होंने माखन चोरी की लीला का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान का यह स्वरूप केवल बाल सुलभ चेष्टाएं नहीं, बल्कि भक्तों के हृदय रूपी माखन को चुराने का दिव्य संदेश है। इस प्रसंग पर गाए गए भजन "मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो" ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। महाराज ने पूतना वध, शकटासुर उद्धार एवं अन्य बाल लीलाओं का भी विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि भगवान भक्तों की रक्षा और दुष्टों के विनाश के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलाने वाली दिव्य प्रेरणा है। संगीतमय भजनों "यशोदा ने माखन खिलायो रे", "राधे-राधे जपो चले आएंगे बिहारी" एवं "गोविन्द बोलो हरि गोपाल बोलो" पर श्रद्धालु झूम उठे। कथा के दौरान महिलाओं, युवाओं एवं वरिष्ठ श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या उपस्थित रही और सभी ने भक्ति रस का आनंद लिया। आयोजन समिति के जगदीश सोनी, पियूष सोनी एवं खुशाल रांदड़ ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव सोमवार 8 जून तक प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक महेश वाटिका में आयोजित होगा। उन्होंने अधिकाधिक धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की।

Bhilwara, Bhilwara | Jun 6, 2026

*हरिशेवा उदासीन आश्रम में 'रुक्मिणी विवाह महोत्सव' में श्रद्धालु भक्ति रस में हुए सराबोर*

सच्ची श्रद्धा और समर्पण कभी व्यर्थ नहीं जाता स्वामी अशोकानंद जी महाराज 

-श्रीमद्भागवत कथा का विश्राम 7 को 

-पुरषोत्तम माह में 8 जून से शिव महापुराण कथा 

भीलवाड़ा:राजकुमार गोयल, 6 जून
सनातन सेवा समिति, हरिशेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर एवं महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज के सानिध्य में पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिवस श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा सभागार में भक्ति, उल्लास और मंगलगीतों के बीच श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण एवं माता रुक्मिणी के दिव्य विवाह उत्सव में झूम उठे।
   कथाव्यास पूज्य स्वामी अशोकानंद जी महाराज (भक्ति धाम आश्रम, नर्मदा तट, जबलपुर) ने उद्धव-गोपी संवाद से कथा का प्रारंभ करते हुए गोपी प्रेम की महिमा का वर्णन किया।
      स्वामीअशोकानंद जी महाराज ने श्रीमद्भागवत के प्रसंगों का रसपूर्ण निरूपण करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के मथुरा गमन, अक्रूर जी के आगमन, कंस मर्दन तथा श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की दिव्य लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गोपियों का भगवान के प्रति निष्काम, निष्कपट और पूर्ण समर्पण भाव भक्ति का सर्वोच्च आदर्श है।
    कथा के दौरान उन्होंने श्रीमद्भागवत के प्रसिद्ध श्लोक- “आसामहो चरणरेणुजुषामहं स्यां वृन्दावने किमपि गुल्मलतौषधीनाम्...”
का भावार्थ समझाते हुए कहा कि उद्धव जी स्वयं व्रज गोपियों की अनन्य भक्ति से अभिभूत होकर उनके चरणों की धूलि प्राप्त करने की कामना करते हैं। गोपियों ने लोक-लाज, कुल-मर्यादा और सांसारिक बंधनों से ऊपर उठकर भगवान श्रीकृष्ण के परम प्रेम को प्राप्त किया, जिसकी खोज वेद एवं उपनिषद भी करते रहते हैं। यही परम प्रेम और समर्पण भक्ति का सर्वोच्च स्वरूप है।
   स्वामी जी ने कहा कि रुक्मिणी जी का भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट विश्वास, समर्पण और प्रेम भक्त और भगवान के दिव्य संबंध का अनुपम उदाहरण है। जब रुक्मिणी जी ने अपने हृदय में श्रीकृष्ण को पति रूप में स्वीकार कर लिया, तब भगवान स्वयं उनकी रक्षा और सम्मान के लिए पहुंचे। यह प्रसंग बताता है कि सच्ची श्रद्धा और समर्पण कभी व्यर्थ नहीं जाते।
   कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह के मंगल प्रसंग पर श्रद्धालुओं ने भजनों एवं जयघोषों के साथ उत्सव मनाया। वातावरण “राधे-श्याम” और “जय श्रीकृष्ण” के उद्घोषों से गूंज उठा। पुरुषोत्तम मास महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन विष्णु यज्ञ, रुद्राभिषेक, संकीर्तन, गंगा आरती एवं विविध धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी किया जा रहा है। शनिवार को आयोजित विष्णु यज्ञ में गोपाल- सुनीता नानकानी एवं सुरेश-वंदना आहुजा ने सपत्नीक आहुतियां अर्पित कर पुण्य लाभ प्राप्त किया तथा भगवान महादेव का रुद्राभिषेक किया।
आश्रम के संत मायाराम ने बताया कि रविवार को श्रीमद्भागवत कथा का समापन एवं विश्राम होगा। विशेष व्यवस्था के तहत कथा दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक आयोजित की जाएगी। इसके पश्चात 8 जून से 14 जून तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक शिव महापुराण कथा का आयोजन होगा। 15 जून को विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ पुरुषोत्तम मास महोत्सव का समापन किया जाएगा। इस अवसर पर संत गोविन्दराम, संत राजाराम, संत ईशानराम, संत सुयज्ञराम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

*हरिशेवा उदासीन आश्रम में 'रुक्मिणी विवाह महोत्सव' में श्रद्धालु भक्ति रस में हुए सराबोर* सच्ची श्रद्धा और समर्पण कभी व्यर्थ नहीं जाता स्वामी अशोकानंद जी महाराज -श्रीमद्भागवत कथा का विश्राम 7 को -पुरषोत्तम माह में 8 जून से शिव महापुराण कथा भीलवाड़ा:राजकुमार गोयल, 6 जून सनातन सेवा समिति, हरिशेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर एवं महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज के सानिध्य में पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिवस श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा सभागार में भक्ति, उल्लास और मंगलगीतों के बीच श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण एवं माता रुक्मिणी के दिव्य विवाह उत्सव में झूम उठे। कथाव्यास पूज्य स्वामी अशोकानंद जी महाराज (भक्ति धाम आश्रम, नर्मदा तट, जबलपुर) ने उद्धव-गोपी संवाद से कथा का प्रारंभ करते हुए गोपी प्रेम की महिमा का वर्णन किया। स्वामीअशोकानंद जी महाराज ने श्रीमद्भागवत के प्रसंगों का रसपूर्ण निरूपण करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के मथुरा गमन, अक्रूर जी के आगमन, कंस मर्दन तथा श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की दिव्य लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गोपियों का भगवान के प्रति निष्काम, निष्कपट और पूर्ण समर्पण भाव भक्ति का सर्वोच्च आदर्श है। कथा के दौरान उन्होंने श्रीमद्भागवत के प्रसिद्ध श्लोक- “आसामहो चरणरेणुजुषामहं स्यां वृन्दावने किमपि गुल्मलतौषधीनाम्...” का भावार्थ समझाते हुए कहा कि उद्धव जी स्वयं व्रज गोपियों की अनन्य भक्ति से अभिभूत होकर उनके चरणों की धूलि प्राप्त करने की कामना करते हैं। गोपियों ने लोक-लाज, कुल-मर्यादा और सांसारिक बंधनों से ऊपर उठकर भगवान श्रीकृष्ण के परम प्रेम को प्राप्त किया, जिसकी खोज वेद एवं उपनिषद भी करते रहते हैं। यही परम प्रेम और समर्पण भक्ति का सर्वोच्च स्वरूप है। स्वामी जी ने कहा कि रुक्मिणी जी का भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट विश्वास, समर्पण और प्रेम भक्त और भगवान के दिव्य संबंध का अनुपम उदाहरण है। जब रुक्मिणी जी ने अपने हृदय में श्रीकृष्ण को पति रूप में स्वीकार कर लिया, तब भगवान स्वयं उनकी रक्षा और सम्मान के लिए पहुंचे। यह प्रसंग बताता है कि सच्ची श्रद्धा और समर्पण कभी व्यर्थ नहीं जाते। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह के मंगल प्रसंग पर श्रद्धालुओं ने भजनों एवं जयघोषों के साथ उत्सव मनाया। वातावरण “राधे-श्याम” और “जय श्रीकृष्ण” के उद्घोषों से गूंज उठा। पुरुषोत्तम मास महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन विष्णु यज्ञ, रुद्राभिषेक, संकीर्तन, गंगा आरती एवं विविध धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी किया जा रहा है। शनिवार को आयोजित विष्णु यज्ञ में गोपाल- सुनीता नानकानी एवं सुरेश-वंदना आहुजा ने सपत्नीक आहुतियां अर्पित कर पुण्य लाभ प्राप्त किया तथा भगवान महादेव का रुद्राभिषेक किया। आश्रम के संत मायाराम ने बताया कि रविवार को श्रीमद्भागवत कथा का समापन एवं विश्राम होगा। विशेष व्यवस्था के तहत कथा दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक आयोजित की जाएगी। इसके पश्चात 8 जून से 14 जून तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक शिव महापुराण कथा का आयोजन होगा। 15 जून को विभिन्न धार्मिक आयोजनों के साथ पुरुषोत्तम मास महोत्सव का समापन किया जाएगा। इस अवसर पर संत गोविन्दराम, संत राजाराम, संत ईशानराम, संत सुयज्ञराम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Bhilwara, Bhilwara | Jun 6, 2026

हरी शेवा उदासीन आश्रम द्वारा वनवासी क्षेत्रों के लिए 
भारतमाता भक्तिधाम को 61 हनुमान प्रतिमाएं एवं धर्मग्रंथ भेंट

भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल, 6 जून
हँसगंगा हरिशेवा चैरिटेबल ट्रस्ट एवं हरि शेवा धर्मशाला की ओर से वनवासी क्षेत्रों में सनातन संस्कृति के संवर्धन हेतु एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत भारत माता भक्ति धाम को 3 फीट ऊंचाई की 61 हनुमान जी की प्रतिमाएं, 61 रामचरितमानस तथा 600 हनुमान चालीसा भेंट की गईं। ट्रस्ट द्वारा कुल 101 हनुमान प्रतिमाएं वनवासी क्षेत्रों में स्थापित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से प्रथम चरण में 61 प्रतिमाएं  भेजी गई। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंडित सत्यनारायण शर्मा एवं अन्य विद्वान पंडितों ने प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कराया। इसके पश्चात प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकाली गई, जो हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर से बस स्टैंड चौराए तक पहुंची, जहां से इन्हें वनवासी क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया। बांसवाड़ा परियोजना प्रमुख प्रचारक धर्मराज जी भाईसाहब विशेष रूप से यह कार्य सेवा में लगे हुए है।  इस अवसर पर हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज, संत मायाराम, संत गोविन्द राम, संत ईशान राम एवं संत सुयज्ञ राम उपस्थित रहे।
महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज ने बताया कि ये प्रतिमाएं डूंगरपुर, बांसवाड़ा एवं आसपास के वनवासी क्षेत्रों में स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में मंदिरों की स्थापना एवं धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक चेतना को मजबूती मिलेगी। धर्मांतरण की गतिविधियों पर भी रोक लगाने में मददगार होगा। यह अभियान वनवासी समाज को अपनी परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में वनवासी प्रांतीय नगरिया कार्यक्रम प्रमुख रामप्रकाश अग्रवाल, पोरवाल समाज अध्यक्ष रामप्रकाश पोरवाल, सुरेश गोयल, रविंद्र जाजू, हीरालाल गुरनानी, हेमंत पल्लवी वच्छानी, हनुमान अग्रवाल, कन्हैयालाल स्वर्णकार, विनोद झूरानी, रमेश मूंदड़ा, पुरुषोत्तम परियानी, वनवासी नगर उपाध्यक्ष ओमप्रकाश तंदोरिया, मनीष सबनानी, वनवासी नगर सचिव रूपलाल अजमेरा, जानकी देवी सेवा संस्थान अध्यक्ष श्रीमती कांता मूंदड़ा, कैलाश सोनी, इंद्र अवतानी, यश गिधवानी, सारथी सुरेंद्र, रामभजन, पंकज आडवाणी, दिलीप सोनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

हरी शेवा उदासीन आश्रम द्वारा वनवासी क्षेत्रों के लिए भारतमाता भक्तिधाम को 61 हनुमान प्रतिमाएं एवं धर्मग्रंथ भेंट भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल, 6 जून हँसगंगा हरिशेवा चैरिटेबल ट्रस्ट एवं हरि शेवा धर्मशाला की ओर से वनवासी क्षेत्रों में सनातन संस्कृति के संवर्धन हेतु एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत भारत माता भक्ति धाम को 3 फीट ऊंचाई की 61 हनुमान जी की प्रतिमाएं, 61 रामचरितमानस तथा 600 हनुमान चालीसा भेंट की गईं। ट्रस्ट द्वारा कुल 101 हनुमान प्रतिमाएं वनवासी क्षेत्रों में स्थापित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से प्रथम चरण में 61 प्रतिमाएं भेजी गई। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंडित सत्यनारायण शर्मा एवं अन्य विद्वान पंडितों ने प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कराया। इसके पश्चात प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकाली गई, जो हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर से बस स्टैंड चौराए तक पहुंची, जहां से इन्हें वनवासी क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया। बांसवाड़ा परियोजना प्रमुख प्रचारक धर्मराज जी भाईसाहब विशेष रूप से यह कार्य सेवा में लगे हुए है। इस अवसर पर हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज, संत मायाराम, संत गोविन्द राम, संत ईशान राम एवं संत सुयज्ञ राम उपस्थित रहे। महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज ने बताया कि ये प्रतिमाएं डूंगरपुर, बांसवाड़ा एवं आसपास के वनवासी क्षेत्रों में स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में मंदिरों की स्थापना एवं धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक चेतना को मजबूती मिलेगी। धर्मांतरण की गतिविधियों पर भी रोक लगाने में मददगार होगा। यह अभियान वनवासी समाज को अपनी परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में वनवासी प्रांतीय नगरिया कार्यक्रम प्रमुख रामप्रकाश अग्रवाल, पोरवाल समाज अध्यक्ष रामप्रकाश पोरवाल, सुरेश गोयल, रविंद्र जाजू, हीरालाल गुरनानी, हेमंत पल्लवी वच्छानी, हनुमान अग्रवाल, कन्हैयालाल स्वर्णकार, विनोद झूरानी, रमेश मूंदड़ा, पुरुषोत्तम परियानी, वनवासी नगर उपाध्यक्ष ओमप्रकाश तंदोरिया, मनीष सबनानी, वनवासी नगर सचिव रूपलाल अजमेरा, जानकी देवी सेवा संस्थान अध्यक्ष श्रीमती कांता मूंदड़ा, कैलाश सोनी, इंद्र अवतानी, यश गिधवानी, सारथी सुरेंद्र, रामभजन, पंकज आडवाणी, दिलीप सोनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

Bhilwara, Bhilwara | Jun 6, 2026

सभी प्रदेशवासियों को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं | - Bhilwara News