पारंपरिक देरी घाट जातर मेले का विधिवत समापन
हजारों लोगों ने दर्ज करवाई उपस्थिति, पारंपरिक लोकनृत्य और वाद्य यंत्रों ने बांधा समां
Suneel Pahadi ✍️
देरी घाट (चुराह)। पारंपरिक देरी घाट जातर मेले का आज विधिवत एवं हर्षोल्लास के साथ समापन हुआ। समापन अवसर पर हजारों की संख्या में लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। रंग-बिरंगी पारंपरिक पोशाकों में पहुंचे लोगों ने पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किए, जबकि पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनियों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
समापन समारोह में चुराह के विधायक हंसराज ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने मेले में पहुंचे लोगों से मुलाकात की और इस पारंपरिक आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला।
देरी घाट जातर मेला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। इस मेले में सलूणी तहसील और चुराह तहसील, दोनों क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं और पारंपरिक संस्कृति के इस उत्सव का आनंद लेते हैं।
मेले के दौरान लोगों में आपसी मेल-मिलाप और भाईचारे की भावना देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थान छोटा या बड़ा मायने नहीं रखता, बल्कि लोगों का दिल बड़ा होना चाहिए। ऐसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारे, सौहार्द और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पारंपरिक गीत-संगीत, लोकनृत्य और रंग-बिरंगी पोशाकों के बीच जातर मेले का समापन क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति की खूबसूरत झलक पेश कर गया।
रिपोर्ट: पहाड़ी न्यूज़ | सुनील पहाड़ी
Pahadi News
Chamba, Chamba | Sep 20, 2026