पुलिस हिरासत में मौत के बाद, परिजनों का फूटा गुस्सा
दमोह जिले के हिंडोरिया थाना के हलगज ग्राम के शिव सिंह लोधी जी की पुलिस हिरासत में हुई मौत बेहद दुखद और चिंताजनक घटना है। दिवंगत आत्मा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।
यदि किसी व्यक्ति को छोटे से जुए के मामले में पुलिस द्वारा पकड़ा गया था और उसके बाद उसकी हिरासत में मौत हो जाती है, तो कई गंभीर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। परिजनों द्वारा पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए गए हैं, इसलिए इन आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होना अत्यंत आवश्यक है।
एसपी महोदय द्वारा संबंधित पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किए जाने की कार्रवाई अपनी जगह है, लेकिन सवाल यह भी है कि लाइन अटैच करने से शिव सिंह लोधी जी को वापस नहीं लाया जा सकता।
मेरी मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, घटना के समय मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की गंभीरता से जांच की जाए और यदि जांच में कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई तथा आवश्यक आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।
पुलिस जनता की सुरक्षा और कानून की रक्षा के लिए है। ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई से ही आम जनता का कानून-व्यवस्था पर विश्वास कायम रहेगा।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दें।
ॐ शांति।
दमोह जिले के बांदकपुर क्षेत्र के ग्राम हिनौता निवासी शिव सिंह लोधी की मौत के बाद गुस्साए परिजनों द्वारा पुलिस पर हमला किए जाने की घटना सामने आई है।
घटना बेहद दुखद और गंभीर है। किसी भी व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों का आक्रोश समझा जा सकता है, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी आवश्यक है। वहीं, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है, ताकि शिव सिंह लोधी की मौत के वास्तविक कारणों और घटना के दौरान हुई परिस्थितियों की सच्चाई सामने आ सके।
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