रक्षाबंधन के पावन अवसर पर गरिमा गृह, पटना से ट्रांसजेंडर समुदाय की बहनें जिलाधिकारी, खगड़िया श्री विक्रम विरकर को रक्षासूत्र बांधने पहुंचे। यह अवसर केवल एक पर्व का उत्सव नहीं, बल्कि विश्वास, अपनत्व, सम्मान और सामाजिक समरसता के भाव का सुंदर उदाहरण बना।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि रक्षाबंधन का वास्तविक अर्थ केवल बहनों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति और प्रत्येक समुदाय की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के संकल्प का पर्व है। इसी भावना के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों के सम्मान, सुरक्षा एवं उनके अधिकारों के लिए भी संवेदनशीलता के साथ प्रयास किए जा रहे हैं।
ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों ने भी इस अवसर पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि “जब कई जगहों पर हमारे लिए घरों के दरवाजे बंद हो गए थे, तब जिलाधिकारी महोदय ने हमारे लिए सम्मान और अपनत्व का एक ऐसा दरवाजा खोला, जहाँ हमें भी बराबरी के साथ स्वीकार किए जाने का एहसास हुआ। वे हमारे समुदाय के बारे में भी सोचते हैं और हमारी सुरक्षा एवं सम्मान की चिंता करते हैं।”
उन्होंने बताया कि वे प्रत्येक वर्ष रक्षाबंधन के अवसर पर, चाहे वे कहीं भी हों, जिलाधिकारी को रक्षासूत्र बांधने के लिए पहुंचते हैं। यह आत्मीय परंपरा समय के साथ विश्वास और स्नेह के एक ऐसे रिश्ते में बदल गई है, जो समाज में समानता और समावेश की भावना को मजबूत करती है।
रक्षाबंधन केवल एक धागे का बंधन नहीं, बल्कि यह विश्वास दिलाने का संकल्प है कि समाज में कोई भी व्यक्ति अकेला नहीं है—हर व्यक्ति की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा समान रूप से महत्वपूर्ण है।
1 views | Khagaria, Bihar | Aug 28, 2026