80 साल बाद भी पुल का इंतजार, बच्चों को कंधे पर बैठाकर नाला पार
कांकेर। दुर्गुकोंदल ब्लॉक के सोनपाल गांव में बारिश के दिनों में नाला ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। पुलिया नहीं होने के कारण तेज बहाव के बीच ग्रामीणों को नाला पार करना पड़ता है। बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए परिजन उन्हें कंधे और पीठ पर बैठाकर नाला पार कराने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि नाले पर पुलिया निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। करीब 1 करोड़ 7 लाख रुपये की लागत से सड़क बनने के बावजूद नाले पर पुलिया नहीं बनने से बारिश में आवागमन मुश्किल हो जाता है।
मामले में कलेक्टर कुंदन कुमार ने नाला पार करना खतरनाक बताया है। उन्होंने बताया कि पुलिया निर्माण के लिए प्रस्ताव बजट स्वीकृति हेतु भेजा गया है। साथ ही अधिकारियों को बच्चों और अभिभावकों को सुरक्षित मार्ग से आवागमन के लिए समझाइश देने के निर्देश दिए गए हैं�
Kanker, Kanker | Sep 5, 2026