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ए एस नोमानी ने बांदा की जनता से अपील करते हुए कहा है कि 'एक पेड़ हमारी आने वाली नस्लों के नाम'एक पौधा अवश्य लगाएं ,

4.6k views | Banda, Banda | Jun 30, 2026

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बाँदा को ₹710 करोड़ से अधिक की 229 विकास परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज बुंदेलखंड की वीरभूमि बाँदा में जनकल्याण एवं विकास की नई सौगात देंगे। इस दौरान बाँदा एवं बबेरू विधानसभा क्षेत्रों के लिए ₹710 करोड़ से अधिक लागत की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जाएगा।

कार्यक्रम में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को नियुक्ति-पत्र, स्वीकृति-पत्र, प्रतीकात्मक चेक, आयुष्मान कार्ड, मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबियाँ तथा स्वरोजगार के लिए टूल किट भी वितरित की जाएँगी।

इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में आधारभूत संरचना को मजबूत करना, नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना और रोजगार व आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार के अनुसार, अंत्योदय और समावेशी विकास के संकल्प के साथ बुंदेलखंड निरंतर प्रगति की ओर बढ़ रहा है और 'विकसित उत्तर प्रदेश' के लक्ष्य को नई गति मिल रही है।

#Banda #Baberu #YogiAdityanath #Bundelkhand #UPNews #Development #UttarPradesh

बाँदा को ₹710 करोड़ से अधिक की 229 विकास परियोजनाओं की सौगात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज बुंदेलखंड की वीरभूमि बाँदा में जनकल्याण एवं विकास की नई सौगात देंगे। इस दौरान बाँदा एवं बबेरू विधानसभा क्षेत्रों के लिए ₹710 करोड़ से अधिक लागत की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को नियुक्ति-पत्र, स्वीकृति-पत्र, प्रतीकात्मक चेक, आयुष्मान कार्ड, मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबियाँ तथा स्वरोजगार के लिए टूल किट भी वितरित की जाएँगी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में आधारभूत संरचना को मजबूत करना, नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना और रोजगार व आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार के अनुसार, अंत्योदय और समावेशी विकास के संकल्प के साथ बुंदेलखंड निरंतर प्रगति की ओर बढ़ रहा है और 'विकसित उत्तर प्रदेश' के लक्ष्य को नई गति मिल रही है। #Banda #Baberu #YogiAdityanath #Bundelkhand #UPNews #Development #UttarPradesh

Banda, Banda | Jul 9, 2026

#bandapolice टीवी चैनल में प्रसारित बांदा पुलिस का सराहनीय कार्य। 
#Media_Coverage
#पलाश_बंसल
@Uppolice
@dgpup
@ADGZonPrayagraj
@rangechitrakoot https://t.co/XkRtgohrpi

#bandapolice टीवी चैनल में प्रसारित बांदा पुलिस का सराहनीय कार्य। #Media_Coverage #पलाश_बंसल @Uppolice @dgpup @ADGZonPrayagraj @rangechitrakoot https://t.co/XkRtgohrpi

Banda, Uttar Pradesh | Jul 9, 2026

तुलसी एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने की मांग, बुंदेलखंड के यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
बाँदा। बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी ने रेल मंत्री एवं भारत सरकार से मांग की है कि तुलसी एक्सप्रेस का संचालन सप्ताह में केवल दो दिन के बजाय प्रतिदिन किया जाए।
वर्तमान में 22129/22130 तुलसी एक्सप्रेस सप्ताह में दो दिन संचालित होती है। यह ट्रेन मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) से अयोध्या कैंट के बीच चलती है। पहले यह ट्रेन 11069/11070 नंबर से प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद) तक संचालित होती थी, बाद में इसका विस्तार अयोध्या कैंट तक किया गया तथा ट्रेन संख्या बदलकर 22129/22130 कर दी गई।
यह ट्रेन महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरती है। इसके प्रमुख स्टेशन हैं— लोकमान्य तिलक टर्मिनस (मुंबई), ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, मनमाड, भुसावल, खंडवा, इटारसी, रानी कमलापति (भोपाल), भोपाल, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, महोबा, बाँदा जंक्शन, अतर्रा, चित्रकूटधाम कर्वी, मानिकपुर, प्रयागराज जंक्शन, सुल्तानपुर और अयोध्या कैंट।
ए. एस. नोमानी ने कहा कि बुंदेलखंड के हजारों मजदूर, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी, छात्र और अन्य यात्री मुंबई तथा मार्ग में पड़ने वाले शहरों की यात्रा के लिए इसी ट्रेन पर निर्भर रहते हैं। सप्ताह में केवल दो दिन संचालन होने के कारण ट्रेन में अत्यधिक भीड़ रहती है और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने रेल मंत्री से मांग की है कि यात्रियों की सुविधा और बुंदेलखंड की आवश्यकताओं को देखते हुए तुलसी एक्सप्रेस का संचालन प्रतिदिन किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सुगम रेल सेवा उपलब्ध हो सके।
UP 90 Creator 
#TulsiExpress #IndianRailways #Banda #Bundelkhand #RailNews

तुलसी एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने की मांग, बुंदेलखंड के यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत बाँदा। बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी ने रेल मंत्री एवं भारत सरकार से मांग की है कि तुलसी एक्सप्रेस का संचालन सप्ताह में केवल दो दिन के बजाय प्रतिदिन किया जाए। वर्तमान में 22129/22130 तुलसी एक्सप्रेस सप्ताह में दो दिन संचालित होती है। यह ट्रेन मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) से अयोध्या कैंट के बीच चलती है। पहले यह ट्रेन 11069/11070 नंबर से प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद) तक संचालित होती थी, बाद में इसका विस्तार अयोध्या कैंट तक किया गया तथा ट्रेन संख्या बदलकर 22129/22130 कर दी गई। यह ट्रेन महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरती है। इसके प्रमुख स्टेशन हैं— लोकमान्य तिलक टर्मिनस (मुंबई), ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, मनमाड, भुसावल, खंडवा, इटारसी, रानी कमलापति (भोपाल), भोपाल, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, महोबा, बाँदा जंक्शन, अतर्रा, चित्रकूटधाम कर्वी, मानिकपुर, प्रयागराज जंक्शन, सुल्तानपुर और अयोध्या कैंट। ए. एस. नोमानी ने कहा कि बुंदेलखंड के हजारों मजदूर, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी, छात्र और अन्य यात्री मुंबई तथा मार्ग में पड़ने वाले शहरों की यात्रा के लिए इसी ट्रेन पर निर्भर रहते हैं। सप्ताह में केवल दो दिन संचालन होने के कारण ट्रेन में अत्यधिक भीड़ रहती है और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने रेल मंत्री से मांग की है कि यात्रियों की सुविधा और बुंदेलखंड की आवश्यकताओं को देखते हुए तुलसी एक्सप्रेस का संचालन प्रतिदिन किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सुगम रेल सेवा उपलब्ध हो सके। UP 90 Creator #TulsiExpress #IndianRailways #Banda #Bundelkhand #RailNews

Banda, Banda | Jul 9, 2026

मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों में हरे-भरे पेड़ों की कटाई पर विवाद, पर्यावरण प्रेमियों और छात्रों में आक्रोश
बांदा में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के 9 जुलाई के प्रस्तावित आगमन से पूर्व की जा रही तैयारियों के दौरान हरे-भरे पेड़ों की कटाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पंडित जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय से कालू कुआँ मार्ग तक सड़क किनारे लगे कई पेड़ों को मशीनों से जड़ सहित काटे जाने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा शहर के अन्य मार्गों पर भी पेड़ों की कटाई की बात सामने आई है।
स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि जिन पेड़ों को काटा गया, वे न तो जनसभा स्थल के बीच में थे और न ही उस स्थान पर हेलीपैड का निर्माण होना था। उनका दावा है कि ये पेड़ सड़क और मैदान के किनारे सुरक्षित खड़े थे तथा आवागमन में किसी प्रकार की बाधा नहीं बन रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रशासनिक अधिकारी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों का हवाला दे रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री स्वयं पर्यावरण संरक्षण और व्यापक वृक्षारोपण पर लगातार जोर देते रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि कटाई हुई है, तो इसके पीछे क्या कारण थे और क्या आवश्यक अनुमतियां ली गई थीं।
पर्यावरण प्रेमी यश त्रिवेदी ने इसे प्रकृति के साथ "अनैतिक कृत्य" बताते हुए कहा कि भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान से जूझ रहे बांदा जैसे क्षेत्र में पेड़ों की कटाई भविष्य में ऑक्सीजन और पर्यावरण संकट को और गंभीर बना सकती है।
पूर्व भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य बाबूराम निषाद ने इस घटना को मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने का प्रयास बताया। वहीं अधिवक्ता एवं छात्र नेता लव सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री का स्वागत वृक्षारोपण करके किया जाना चाहिए था, न कि पेड़ों की कटाई के माध्यम से।
'बांदा जल-जंगल-पहाड़ बचाओ अभियान' से जुड़े समाजसेवी ओम राजपूत ने कहा कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई नहीं की गई, तो पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय नागरिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
बताया गया है कि मामले की जानकारी वन विभाग तथा महाविद्यालय के प्राचार्य को भी दी गई है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक किसी ठोस कार्रवाई की सूचना नहीं मिली थी। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे इस संबंध में उच्च अधिकारियों तथा प्रदेश के वन मंत्री से भी शिकायत करेंगे।
इस मुद्दे पर शिवा शुक्ला, कार्तिक आनंद, अतुल साहू, हर्ष श्रीवास्तव, पवन अवस्थी, अभिषेक शुक्ला सहित अनेक नागरिकों और छात्रों ने भी नाराजगी व्यक्त की। सभी ने मांग की कि यदि नियमों के विरुद्ध पेड़ों की कटाई हुई है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
#savetree

मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों में हरे-भरे पेड़ों की कटाई पर विवाद, पर्यावरण प्रेमियों और छात्रों में आक्रोश बांदा में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के 9 जुलाई के प्रस्तावित आगमन से पूर्व की जा रही तैयारियों के दौरान हरे-भरे पेड़ों की कटाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पंडित जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय से कालू कुआँ मार्ग तक सड़क किनारे लगे कई पेड़ों को मशीनों से जड़ सहित काटे जाने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा शहर के अन्य मार्गों पर भी पेड़ों की कटाई की बात सामने आई है। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि जिन पेड़ों को काटा गया, वे न तो जनसभा स्थल के बीच में थे और न ही उस स्थान पर हेलीपैड का निर्माण होना था। उनका दावा है कि ये पेड़ सड़क और मैदान के किनारे सुरक्षित खड़े थे तथा आवागमन में किसी प्रकार की बाधा नहीं बन रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रशासनिक अधिकारी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों का हवाला दे रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री स्वयं पर्यावरण संरक्षण और व्यापक वृक्षारोपण पर लगातार जोर देते रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि कटाई हुई है, तो इसके पीछे क्या कारण थे और क्या आवश्यक अनुमतियां ली गई थीं। पर्यावरण प्रेमी यश त्रिवेदी ने इसे प्रकृति के साथ "अनैतिक कृत्य" बताते हुए कहा कि भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान से जूझ रहे बांदा जैसे क्षेत्र में पेड़ों की कटाई भविष्य में ऑक्सीजन और पर्यावरण संकट को और गंभीर बना सकती है। पूर्व भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य बाबूराम निषाद ने इस घटना को मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने का प्रयास बताया। वहीं अधिवक्ता एवं छात्र नेता लव सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री का स्वागत वृक्षारोपण करके किया जाना चाहिए था, न कि पेड़ों की कटाई के माध्यम से। 'बांदा जल-जंगल-पहाड़ बचाओ अभियान' से जुड़े समाजसेवी ओम राजपूत ने कहा कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई नहीं की गई, तो पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय नागरिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। बताया गया है कि मामले की जानकारी वन विभाग तथा महाविद्यालय के प्राचार्य को भी दी गई है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक किसी ठोस कार्रवाई की सूचना नहीं मिली थी। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे इस संबंध में उच्च अधिकारियों तथा प्रदेश के वन मंत्री से भी शिकायत करेंगे। इस मुद्दे पर शिवा शुक्ला, कार्तिक आनंद, अतुल साहू, हर्ष श्रीवास्तव, पवन अवस्थी, अभिषेक शुक्ला सहित अनेक नागरिकों और छात्रों ने भी नाराजगी व्यक्त की। सभी ने मांग की कि यदि नियमों के विरुद्ध पेड़ों की कटाई हुई है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। #savetree

Banda, Banda | Jul 8, 2026

तुलसी एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने की मांग, बुंदेलखंड के यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
बाँदा। बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी ने रेल मंत्री एवं भारत सरकार से मांग की है कि तुलसी एक्सप्रेस का संचालन सप्ताह में केवल दो दिन के बजाय प्रतिदिन किया जाए।
वर्तमान में 22129/22130 तुलसी एक्सप्रेस सप्ताह में दो दिन संचालित होती है। यह ट्रेन मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) से अयोध्या कैंट के बीच चलती है। पहले यह ट्रेन 11069/11070 नंबर से प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद) तक संचालित होती थी, बाद में इसका विस्तार अयोध्या कैंट तक किया गया तथा ट्रेन संख्या बदलकर 22129/22130 कर दी गई।
यह ट्रेन महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरती है। इसके प्रमुख स्टेशन हैं— लोकमान्य तिलक टर्मिनस (मुंबई), ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, मनमाड, भुसावल, खंडवा, इटारसी, रानी कमलापति (भोपाल), भोपाल, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, महोबा, बाँदा जंक्शन, अतर्रा, चित्रकूटधाम कर्वी, मानिकपुर, प्रयागराज जंक्शन, सुल्तानपुर और अयोध्या कैंट।
ए. एस. नोमानी ने कहा कि बुंदेलखंड के हजारों मजदूर, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी, छात्र और अन्य यात्री मुंबई तथा मार्ग में पड़ने वाले शहरों की यात्रा के लिए इसी ट्रेन पर निर्भर रहते हैं। सप्ताह में केवल दो दिन संचालन होने के कारण ट्रेन में अत्यधिक भीड़ रहती है और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने रेल मंत्री से मांग की है कि यात्रियों की सुविधा और बुंदेलखंड की आवश्यकताओं को देखते हुए तुलसी एक्सप्रेस का संचालन प्रतिदिन किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सुगम रेल सेवा उपलब्ध हो सके।
UP 90 Creator 
#TulsiExpress #IndianRailways #Banda #Bundelkhand #RailNews

तुलसी एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने की मांग, बुंदेलखंड के यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत बाँदा। बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी ने रेल मंत्री एवं भारत सरकार से मांग की है कि तुलसी एक्सप्रेस का संचालन सप्ताह में केवल दो दिन के बजाय प्रतिदिन किया जाए। वर्तमान में 22129/22130 तुलसी एक्सप्रेस सप्ताह में दो दिन संचालित होती है। यह ट्रेन मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) से अयोध्या कैंट के बीच चलती है। पहले यह ट्रेन 11069/11070 नंबर से प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद) तक संचालित होती थी, बाद में इसका विस्तार अयोध्या कैंट तक किया गया तथा ट्रेन संख्या बदलकर 22129/22130 कर दी गई। यह ट्रेन महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरती है। इसके प्रमुख स्टेशन हैं— लोकमान्य तिलक टर्मिनस (मुंबई), ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, मनमाड, भुसावल, खंडवा, इटारसी, रानी कमलापति (भोपाल), भोपाल, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, महोबा, बाँदा जंक्शन, अतर्रा, चित्रकूटधाम कर्वी, मानिकपुर, प्रयागराज जंक्शन, सुल्तानपुर और अयोध्या कैंट। ए. एस. नोमानी ने कहा कि बुंदेलखंड के हजारों मजदूर, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी, छात्र और अन्य यात्री मुंबई तथा मार्ग में पड़ने वाले शहरों की यात्रा के लिए इसी ट्रेन पर निर्भर रहते हैं। सप्ताह में केवल दो दिन संचालन होने के कारण ट्रेन में अत्यधिक भीड़ रहती है और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने रेल मंत्री से मांग की है कि यात्रियों की सुविधा और बुंदेलखंड की आवश्यकताओं को देखते हुए तुलसी एक्सप्रेस का संचालन प्रतिदिन किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सुगम रेल सेवा उपलब्ध हो सके। UP 90 Creator #TulsiExpress #IndianRailways #Banda #Bundelkhand #RailNews

Banda, Banda | Jul 8, 2026