भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधीन केन्द्रीय संरक्षित स्मारकों के आसपास प्रतिषिद्ध एवं विनियमित क्षेत्रों में हो रहे अवैध एवं अनाधिकृत निर्माण कार्यों की रोकथाम तथा प्राचीन धरोहरों के संरक्षण को लेकर आज दिनांक 09.07.2026 को जिला पदाधिकारी, रोहतास श्री दीपक कुमार मिश्र की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, नगर आयुक्त नगर निगम सासाराम, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, जिला प्रशासन के अन्य संबंधित अधिकारी तथा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, सासाराम उप-मंडल के प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, सासाराम उप-मंडल के प्रभारी ने प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल तथा अवशेष अधिनियम, 1958 (AMASR Act-1958), AMASR Rules-1959 तथा AMASR (Amendment & Validation) Act-2010 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी केन्द्रीय संरक्षित स्मारक के चारों ओर 100 मीटर की परिधि प्रतिषिद्ध क्षेत्र घोषित होती है, जहां किसी भी प्रकार का निर्माण या खनन पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके अतिरिक्त 100 से 300 मीटर तक का क्षेत्र विनियमित क्षेत्र है, जहां सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना कोई निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता।
उन्होंने यह भी बताया कि बिहार राज्य में इस संबंध में अनुमति प्रदान करने के लिए प्रमुख सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार सक्षम प्राधिकारी हैं तथा अनुमति के लिए आवेदन राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (NMA), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है।
बैठक में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित स्मारकों के प्रतिषिद्ध क्षेत्र में किए जा रहे अवैध निर्माण तथा विनियमित क्षेत्र में बिना पूर्व अनुमति के संचालित अनाधिकृत निर्माण कार्यों से जुड़े मामलों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। बताया गया कि इस प्रकार की गतिविधियां प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल तथा अवशेष अधिनियम, 1958 एवं उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों का उल्लंघन हैं तथा इससे संरक्षित स्मारकों की सुरक्षा, संरक्षण एवं ऐतिहासिक विरासत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है।
जिला पदाधिकारी ने विषय की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की तथा अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए प्रतिषिद्ध एवं विनियमित क्षेत्रों में हो रहे अवैध एवं अनाधिकृत निर्माण कार्यों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे क्षेत्रों में सतत निगरानी रखी जाए, प्राप्त शिकायतों एवं उल्लंघन के मामलों में त्वरित विधिसम्मत कार्रवाई की जाए तथा AMASR अधिनियम के सभी प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में शिव घाट, शेरशाह सूरी मकबरा के समीप चल रहे अवैध निर्माण कार्य के सन्दर्भ में काम रोकने हेतु भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से प्राप्त आवेदन तथा स्थानीय लोगों से प्राप्त शिकायत के बारे में चर्चा की गई। बताया गया कि इस सन्दर्भ में दिनांक 23.02.2016 में प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी थी। जिला पदाधिकारी द्वारा सम्बंधित अधिकारियों को अवैध निर्माण कार्य रोकने का निर्देश दिया गया।
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा शेरशाह सूरी मकबरा में इनलेट के माध्यम से आने वाली पानी के बारे में भी सम्बंधित विभाग के अधिकारी से चर्चा की गई तथा समस्या का यथाशीघ्र निवारण कर तालाब में पानी पहुंचाने हेतु निर्देश दिया गया।
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Patna, Bihar | Jul 9, 2026