मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में बुधवार को भीषण आग लगने से पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि 25 से अधिक मरीजों की जान गई और शवों को गायब कर दिया गया है।
मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में बुधवार को भीषण आग लग गई। आग अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू वार्ड में लगी, जिसके बाद पूरे भवन में घना धुआं फैल गया और भारी अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
वहीं इस हादसे के समय अस्पताल में मौजूद एक युवक जिसने कई मरीजों को बाहर निकाला उसने बताया कि अस्पताल की लिफ्ट पहले ही बंद थी। उसने ताला तोड़कर लोगों को बाहर निकाला। उसने बताया कि अस्पताल के कमरे का गेट तोड़कर उसने हवा आने के लिए रास्ता बनाया।
वहीं इस हादसे में मारे गए मरीजों के परिजनों ने बताया कि उनके परिजन के शव को गायब कर दिया गया है। उनके शव के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने अपने परिजन को 31 मई की रात में भर्ती कराया था।
वहीं अस्पताल में मौजूद एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मैनेजमेंट की गलती के कारण आग लगी है। आईसीयू में हमेशा एसी चलते रहता है और एसी को हमेशा मैनेज करना पड़ता है।
साथ ही उसने ये तक दावा किया कि आईसीयू में लगभग में 25 से ज्यादा मरीज थे और सभी की मौत हो गई। साथ ही उसने दावा किया सभी शव को निकालकर पहले ही गायब कर दिया गया है।
वहीं एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि सुबह 3 बजे हल्ला होने की आग लग गई आग गई। जिसके बाद वो भागते भागते आईसीयू में पहुंचा। जहां उसने देखा कि अस्पताल के सारे भाग रहे हैं और मरीज खुद से ही बाहर निकल रहे हैं।
अस्पताल का कोई भी स्टाफ उनकी मदद नहीं कर रहा है। आग के धुआं इतना था कि हमलोग अंदर नहीं जा सकते थे।