आज दिनांक 06.06.2026 को जिला उद्योग केंद्र, रोहतास द्वारा HOPT के सह-आयोजन में आयोजित "ग्लोबल ऑपरेशन इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव 2026" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उद्योग, निर्यात, बैंकिंग एवं निवेश क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, उद्यमियों, शिल्पकारों, बुनकरों तथा विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार के शिल्पकारों, हस्तशिल्प उत्पादकों, वस्त्र उद्योग से जुड़े उद्यमियों तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को वैश्विक बाजारों से जोड़ना तथा उन्हें निर्यात के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से अवगत कराना था। कार्यक्रम का आयोजन चैंबर ऑफ कॉमर्स, बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (EPCH) के सहयोग से किया गया। वहीं सरोज इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), एचडीएफसी बैंक एवं पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने चैनल पार्टनर के रूप में कार्यक्रम को सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री हरेंद्र कुमार मांझी, राज्य कर संयुक्त आयुक्त ने अपने संबोधन में निर्यात क्षेत्र की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, "वर्तमान समय में निर्यात ऐसा क्षेत्र है जो उद्यमियों को सर्वाधिक प्रतिफल प्रदान करने की क्षमता रखता है।" उन्होंने स्थानीय उद्योगों एवं उद्यमियों से वैश्विक बाजारों में अपनी भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि श्री बबल कश्यप, प्रतिनिधि चैंबर ऑफ कॉमर्स ने प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के उभरते अवसरों की जानकारी देते हुए कहा कि, "चीन के प्रसिद्ध कैंटन फेयर के समकक्ष विश्व के सबसे बड़े निर्यात मेलों में से एक का आयोजन आगामी अगस्त माह में भारत में होने जा रहा है, जिसमें बिहार के विभिन्न निर्यात उपक्रमों से जुड़े 70 से अधिक प्रतिनिधियों का चयन राज्य का प्रतिनिधित्व करने हेतु किया गया है।" उन्होंने इसे बिहार के उद्यमियों एवं निर्यातकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया।
जिला उद्योग केंद्र, सासाराम के महाप्रबंधक श्री आशीष रंजन ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि, "HOPT के सह-आयोजन में यह वैश्विक कॉन्क्लेव उन उद्यमियों, शिल्पकारों एवं उद्योगों तक निर्यात के अवसरों को पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिन्हें अब तक इस क्षेत्र में अपेक्षित अवसर प्राप्त नहीं हो सके थे।"
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर श्री अभय आनंद ने बिहार की औद्योगिक क्षमता एवं मानव संसाधन पर विचार व्यक्त करते हुए कहा, "देश में निर्मित अधिकांश उत्पादों में बिहार के श्रमिकों का योगदान निहित है। किंतु जब अपने राज्य में उद्योग एवं विनिर्माण की संभावनाएं विकसित होती हैं, तब हमारी भागीदारी अपेक्षाकृत कम दिखाई देती है। हमें यह विचार करना होगा कि हम श्रम देने के लिए तो तत्पर हैं, परंतु विनिर्माण और उद्यमिता के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने से क्यों पीछे रह जाते हैं।" उनके इस विचारोत्तेजक वक्तव्य ने उपस्थित प्रतिभागियों को आत्मनिर्भर औद्योगिक विकास की दिशा में गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित किया।
कॉन्क्लेव के दौरान निर्यात प्रक्रिया, वैश्विक बाजारों की मांग, गुणवत्ता मानकों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों, सरकारी योजनाओं, निवेश अवसरों एवं वित्तीय सहायता से संबंधित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों ने निर्यात वित्तपोषण, ऋण सुविधाओं एवं एमएसएमई क्षेत्र के लिए उपलब्ध विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को निवेशकों, निर्यातकों, उद्योग विशेषज्ञों एवं वित्तीय संस्थानों के साथ संवाद स्थापित करने का अवसर प्राप्त हुआ, जिससे स्थानीय उद्योगों एवं शिल्पकारों के लिए नए व्यावसायिक एवं निर्यात अवसरों के द्वार खुलने की संभावना व्यक्त की गई।
यह कॉन्क्लेव बिहार के शिल्प, हस्तशिल्प, वस्त्र उद्योग एवं एमएसएमई क्षेत्र को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। कार्यक्रम ने राज्य में उद्यमिता, निवेश, विनिर्माण एवं निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान किया तथा आत्मनिर्भर एवं विकसित बिहार के निर्माण के संकल्प को और मजबूत किया।
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Patna, Bihar | Jun 6, 2026