मैंगो मेला ने कृषि, संस्कृति और पर्यटन के संगम को दी नई पहचान : डॉ. अरविंद शर्मा
33वें मैंगो मेले का भव्य समापन, 40 हजार से अधिक लोगों ने की सहभागिता
पिंजौर का मैंगो मेला बना राष्ट्रीय पहचान का मंच, 200 से अधिक किस्मों के आम रहे आकर्षण का केंद्र
अगले वर्ष मैंगो मेले में फलदार पौधों का भी होगा प्रदर्शन : श्याम सिंह राणा
पंचकूला 12 जुलाई: हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा की तीन दिवसीय मैंगो मेला ने यह सिद्ध किया है कि आम केवल स्वाद का विषय नहीं, बल्कि कृषि, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और उद्यमिता से जुड़ी एक बड़ी पहचान है। देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रगतिशील बागवानों ने 200 से अधिक किस्मों के आमों का प्रदर्शन कर इस मंच को राष्ट्रीय स्वरूप दिया।
विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा आज पिंजौर के यादविंद्रा गार्डन में 33वें मैंगो मेला के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे । इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, पंचकूला के मेयर श्री श्याम लाल बंसल, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा की धर्मपत्नी डॉ. रीटा शर्मा भी उपस्थित रहे ।
डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि पिछले तीन दिनों में पिंजौर का यादविंद्रा गार्डन केवल एक आयोजन स्थल नहीं रहा, बल्कि यह किसान की मेहनत, बागवानी की विविधता, संस्कृति की जीवंतता और हरियाणा की पर्यटन क्षमता का एक सुंदर संगम बनकर सामने आया है। दशहरी, लंगड़ा, चौसा, अम्रपाली, मल्लिका, रटौल, केसर और अनेक अन्य किस्मों ने यहाँ आने वाले आगंतुकों को आकर्षित किया, वहीं किसानों के लिए यह आयोजन अनुभव साझा करने, नई तकनीकें जानने और बाजार की संभावनाओं को समझने का सशक्त माध्यम भी बना।
डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि आज जब भारत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “विकसित भारत–2047” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, तब कृषि, बागवानी, स्थानीय उत्पाद, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत—इन सभी को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम तेजी से हो रहा है। प्रधानमंत्री ने देश को यह नई सोच दी है कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था, पोषण सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का सशक्त आधार है। पिंजौर का यह आम महोत्सव भी उसी राष्ट्रीय दृष्टि का जीवंत उदाहरण है, जहाँ एक ओर किसान की मेहनत को सम्मान मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर हरियाणा की बागवानी, संस्कृति और पर्यटन को एक नई पहचान भी मिल रही है। किसी भी कृषि उत्पाद की असली ताकत तब बढ़ती है, जब वह खेत से निकलकर बाजार, प्रसंस्करण और पहचान से जुड़ता है। आम महोत्सव जैसे आयोजन इसी सोच को आगे बढ़ाते हैं।
पर्यटन मंत्री ने कहा की उन्हें प्रसन्ता है की मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार बागवानी को बढ़ावा देने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। नई आम की बागवानी लगाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 42 हजार रुपये तक की सहायता, भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत आम की फसल को शामिल करना तथा आम के लिए संरक्षित मूल्य निर्धारित करना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इसी प्रकार कुरुक्षेत्र के लाडवा में स्थापित सब-ट्रॉपिकल फ्रूट सेंटर किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों से जोड़ने का प्रभावी केंद्र बन चुका है। ये प्रयास केवल योजनाएँ नहीं हैं, बल्कि इस विश्वास का प्रमाण हैं कि आने वाला समय बागवानी, विविधीकरण और मूल्य संवर्धन का है।
उन्होंने कहा की पिछले तीन दिनों में जिस उत्साह के साथ पर्यटकों, आम प्रेमियों, विद्यार्थियों, किसानों और परिवारों ने इस महोत्सव में भाग लिया है, वह इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा अब कृषि और उद्योग के साथ-साथ पर्यटन और सांस्कृतिक आयोजनों के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। इस महोत्सव ने यह दिखा दिया है कि यदि नीति, योजना और जनभागीदारी एक साथ आएँ, तो कोई भी आयोजन केवल वार्षिक परंपरा नहीं रहता, बल्कि प्रदेश की पहचान बन जाता है।
इस अवसर पर डॉ अरविंद शर्मा ने आम की खेती करने वाले प्रगतिशील किसानो को ‘’आम रत्न” और “आम केसरी” पुरस्कारों से सम्मानित किया। उन्होंने कहा की यह सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उस मेहनत, अनुशासन और नवाचार का सार्वजनिक सम्मान है, जो एक किसान वर्षों तक अपने बाग में करता है। वास्तव में यह सम्मान उन सभी किसानों को समर्पित है, जो मौसम की चुनौतियों, बाजार की अनिश्चितताओं और कठिन परिश्रम के बावजूद गुणवत्ता से समझौता नहीं करते और अपनी मेहनत से देश के जीवन में मिठास घोलते हैं।
इससे पूर्व कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने तीन दिवसीय मैंगो मेले के सफल आयोजन के लिए विरासत एवं पर्यटन विभाग तथा बागवानी विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से न केवल आम की खेती करने वाले किसानों को अपनी विभिन्न किस्मों का प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है, बल्कि उन्हें अपने उत्पादों की बिक्री के लिए भी एक बेहतर मंच उपलब्ध होता है।
उन्होंने कहा कि अगले वर्ष से मैंगो मेले का दायरा बढ़ाते हुए इसमें आम की विभिन्न किस्मों के साथ-साथ फलदार पौधों का भी प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाए, ताकि मेले में आने वाले लोग इन पौधों को खरीदकर अपने घरों में रोपित कर सकें। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए सभी से आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति कम-से-कम एक पौधा अपनी माँ के नाम अवश्य लगाए तथा उसकी देखभाल भी सुनिश्चित करे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इस दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से कृषि के साथ-साथ बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा मधुमक्खी पालन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
हरियाणा पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक श्री पार्थ गुप्ता ने कहा कि इस वर्ष आयोजित मैंगो मेले में लगभग 40 हजार लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। तीन दिवसीय मेले के दौरान 200 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए। इसके अलावा, स्कूलों के बच्चों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। श्री पार्थ गुप्ता ने 33वें मैंगो मेले के सफल आयोजन के लिए विरासत एवं पर्यटन विभाग, बागवानी विभाग तथा जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आशा जताई कि आगामी वर्ष आयोजित होने वाले 34वें मैंगो मेले को भी लोगों का भरपूर स्नेह और सहयोग प्राप्त होगा।
हरियाणा बागवानी विभाग के एचओडी (स्पेशल) डॉ. अर्जुन सिंह सैनी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।समापन समारोह में कलकारों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया।
इस अवसर पर विरासत एवं पर्यटन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, किसान तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।